अध्याय 3: जीव जनन कैसे करते हैं? (How Do Organisms Reproduce?)
VVI Objective Questions (className 10th Biology)
Q1. हाइड्रा (Hydra) और ईस्ट (Yeast) में अलैंगिक जनन किस विधि द्वारा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मुकुलन (Budding) द्वारा
Q2. अमीबा (Amoeba) में सामान्यतः प्रजनन किस विधि द्वारा होता है?
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सही उत्तर: (A) द्विखंडन (Binary Fission) द्वारा
Q3. मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम (Plasmodium) में जनन किस विधि से होता है?
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सही उत्तर: (A) बहुखंडन (Multiple Fission) द्वारा
Q4. प्लेनेरिया (Planaria) में जनन की मुख्य क्षमता कौन-सी पाई जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पुनरुद्भवन / पुनर्जनन (Regeneration)
Q5. स्पाइरोगायरा (Spirogyra) शैवाल में प्रजनन किस विधि से संपन्न होता है?
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सही उत्तर: (A) खंडन (Fragmentation) द्वारा
Q6. ब्रायोफिलम (अजूबा / Bryophyllum) में कायिक प्रवर्धन पौधे के किस अंग द्वारा होता है?
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सही उत्तर: (A) पत्तियों के किनारों से (पत्तियों द्वारा)
Q7. किसी फूल का नर जननांग (Male Reproductive Part) क्या कहलाता है?
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सही उत्तर: (A) पुंकेसर (Stamen - इसमें परागकोश और तंतु होते हैं)
Q8. परागकोश (Anther) में क्या पाए जाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) परागकण (Pollen Grains)
Q9. पुष्प के केंद्र में स्थित मादा जननांग (Female Reproductive Part) क्या कहलाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) स्त्रीकेसर / अंडप (Carpel / Pistil - वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय)
Q10. निषेचन (Fertilisation) के बाद अंडाशय (Ovary) किसमें विकसित होता है?
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सही उत्तर: (A) फल में (Fruit - बीजांड बीज में बदलता है)
Q11. पपीता और तरबूज किस प्रकार के पुष्प के उदाहरण हैं?
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सही उत्तर: (A) एकलिंगी पुष्प (Unisexual Flower - गुड़हल/सरसों द्विलिंगी हैं)
Q12. मानव नर में शुक्राणु (Sperm) का निर्माण कहाँ होता है?
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सही उत्तर: (A) वृषण (Testis / वृषण कोष) में
Q13. मानव मादा जनन तंत्र में निषेचन (Fertilisation) की क्रिया कहाँ संपन्न होती है?
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सही उत्तर: (A) फैलोपियन नलिका / अंडवाहिनी (Fallopian Tube) में
Q14. गर्भ में पल रहे भ्रूण (Embryo) को माँ के रक्त से पोषण किस विशेष ऊतक द्वारा मिलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) प्लेसेंटा / अपरा (Placenta) द्वारा
Q15. लैंगिक जनन संचारित रोग (STD) जैसे एड्स (AIDS) किस सूक्ष्मजीव के संक्रमण से होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एचआईवी विषाणु (HIV Virus - गोनोरिया व सिफलिस जीवाणु जनित हैं)
Q16. किसी समूह (वर्ग) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बढ़ता है (कोशों की संख्या बढ़ने के कारण)
Q17. आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर तत्वों का धात्विक गुण कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) घटता है (और अधात्विक गुण बढ़ता है)
Q18. किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों का धात्विक गुण कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बढ़ता है (इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ने से)
Q19. मेंडलीव की मूल आवर्त सारणी में कुल कितने आवर्त और कितने वर्ग थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 6 आवर्त और 8 वर्ग (बाद में संशोधित होकर 7 आवर्त और 9 वर्ग हुए)
Q20. मेंडलीव ने अपनी आवर्त सारणी में एका-एल्युमिनियम के लिए जो खाली स्थान छोड़ा था, बाद में उसकी जगह कौन-सा तत्व खोजा गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) गैलियम (Gallium - Ga)
Q21. मेंडलीव द्वारा छोड़े गए 'एका-सिलिकॉन' की जगह बाद में कौन-सा तत्व रखा गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जर्मेनियम (Germanium - Ge)
Q22. मेंडलीव द्वारा छोड़े गए 'एका-बोरॉन' की जगह बाद में कौन-सा तत्व स्थापित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) स्कैंडियम (Scandium - Sc)
Q23. आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुओं (Metalloids - जैसे B, Si, Ge, As) को धातुओं से अलग करने वाली रेखा कैसी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा
Q24. दूसरे और तीसरे आवर्त में कुल कितने-कितने तत्व होते हैं?
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सही उत्तर: (A) 8 - 8 तत्व (लघु आवर्त)
Q25. चौथे और पाँचवें आवर्त में तत्वों की संख्या कितनी-कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 18 - 18 तत्व (दीर्घ आवर्त)
Q26. आवर्त सारणी का सबसे लंबा आवर्त (32 तत्वों वाला) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) छठा आवर्त (6th Period - 32 तत्व)
Q27. आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) तत्व कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) फ्लोरीन (Fluorine - F)
Q28. किसी तत्व के परमाणु के सबसे बाहरी कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या कहलाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons)
Q29. एक ही समूह (वर्ग) के सभी तत्वों की संयोजकता कैसी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एक समान (बराबर) होती है (जैसे समूह 1 की संयोजकता 1 होती है)
Q30. आधुनिक आवर्त सारणी में समूह 3 से 12 तक के तत्वों को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संक्रमण तत्व (Transition Elements / d-ब्लॉक)
Q31. आधुनिक आवर्त सारणी में कुल ज्ञात 118 तत्वों में से प्राकृतिक रूप से मिलने वाले तत्व कितने हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 94 तत्व (बाकी 24 तत्व प्रयोगशाला में मानव निर्मित हैं)
Q32. किसी तत्व के रासायनिक गुण मुख्य रूप से किस पर निर्भर करते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संयोजी इलेक्ट्रॉनों की संख्या (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास) पर
Q33. एक परमाणु का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 2 है। इस तत्व की परमाणु संख्या कितनी होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 12 (मैग्नीशियम - Mg)
Q34. समूह 17 के हैलोजन तत्वों में कमरे के तापमान पर कौन-सा तत्व द्रव अवस्था में रहता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ब्रोमीन (Bromine - Br)
Q35. समूह 17 के तत्वों में कौन-सा तत्व कमरे के तापमान पर चमकीला ठोस होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) आयोडीन (Iodine - I)
Q36. आधुनिक आवर्त सारणी में सबसे छोटा और सबसे बड़ा परमाणु (त्रिज्या के आधार पर) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सबसे छोटा हीलियम/हाइड्रोजन और सबसे बड़ा सीजियम (Cs)
Q37. सिलिकॉन (Silicon - Si) आधुनिक आवर्त सारणी में किस श्रेणी का तत्व है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उपधातु (Metalloid)
Q38. आधुनिक आवर्त सारणी में f-ब्लॉक के लैंथेनॉइड्स और एक्टिनॉइड्स श्रेणियों में कितने-कितने तत्व होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 14 - 14 तत्व (कुल 28 तत्व)
Q39. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर ऑक्साइडों की क्षारीय प्रकृति कैसी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) घटती है (और अम्लीय प्रकृति बढ़ती है)
Q40. समूह में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों की विद्युत धनात्मकता (Electropositivity) कैसी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बढ़ती है (इलेक्ट्रॉन आसानी से त्यागने के कारण)
Q41. क्लोरीन (Cl - परमाणु संख्या 17) के सबसे बाहरी कोश (M कोश) में कितने इलेक्ट्रॉन होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 7 (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: 2, 8, 7)
Q42. समूह 18 की अक्रिय गैसों की सामान्य संयोजकता (Valency) कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 0 (शून्य - क्योंकि अष्टक पूर्ण होता है)
Q43. डॉबेराइनर के त्रिक में निम्नलिखित में से कौन-सा समूह सही त्रिक का उदाहरण है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) Li, Na, K (लिथियम, सोडियम, पोटैशियम)
Q44. परमाणु संख्या (Z) की खोज के बाद आधुनिक आवर्त सारणी का दीर्घ रूप (Long Form) किसने तैयार किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) नील्स बोर (Niels Bohr - इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर)
Q45. आवर्त सारणी के किस समूह के तत्वों को सिक्का धातुएँ (Coinage Metals) भी कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समूह 11 (तांबा - Cu, चांदी - Ag, सोना - Au)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. डॉबेराइनर का त्रिक नियम (Dobereiner's Triads) क्या है? एक उदाहरण देकर समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: जब समान रासायनिक गुण वाले तीन तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है, तो बीच वाले तत्व का परमाणु भार पहले और तीसरे तत्व के परमाणु भार के लगभग औसत (बीच का मान) के बराबर होता है।
2. उदाहरण (Li, Na, K):
• लिथियम (Li) का भार = 7
• पोटैशियम (K) का भार = 39
• सोडियम (Na) का औसत भार = (7 + 39) / 2 = 23 (जो सोडियम का वास्तविक भार है)।
2. उदाहरण (Li, Na, K):
• लिथियम (Li) का भार = 7
• पोटैशियम (K) का भार = 39
• सोडियम (Na) का औसत भार = (7 + 39) / 2 = 23 (जो सोडियम का वास्तविक भार है)।
Q2. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम (Newlands' Law of Octaves) क्या है? इसकी दो मुख्य सीमाएं (कमियां) लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. अष्टक नियम: जब तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में सजाया जाता है, तो संगीत के आठ सुरों की तरह प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं।
2. दो मुख्य कमियां:
• यह नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक ही सही लागू हो सका, उसके बाद के भारी तत्वों पर यह फेल हो गया।
• न्यूलैंड्स ने मान लिया था कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही हैं और भविष्य में कोई नया तत्व नहीं खोजा जाएगा।
2. दो मुख्य कमियां:
• यह नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक ही सही लागू हो सका, उसके बाद के भारी तत्वों पर यह फेल हो गया।
• न्यूलैंड्स ने मान लिया था कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही हैं और भविष्य में कोई नया तत्व नहीं खोजा जाएगा।
Q3. मेंडलीव का आवर्त नियम (Mendeleev's Periodic Law) क्या है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: मेंडलीव के अनुसार, "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के आवर्त फलन होते हैं।"
इसका अर्थ यह है कि जब तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है, तो एक निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले तत्व फिर से दोहराए जाते हैं।
इसका अर्थ यह है कि जब तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है, तो एक निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले तत्व फिर से दोहराए जाते हैं।
Q4. आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) क्या है? इसे किसने प्रतिपादित किया?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: सन 1913 में वैज्ञानिक हेनरी मोसले (Henry Moseley) ने आधुनिक आवर्त नियम दिया।
नियम: "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या (Atomic Number) के आवर्त फलन होते हैं।"
अर्थात तत्वों के मौलिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान पर नहीं, बल्कि परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) पर निर्भर करते हैं।
नियम: "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या (Atomic Number) के आवर्त फलन होते हैं।"
अर्थात तत्वों के मौलिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान पर नहीं, बल्कि परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) पर निर्भर करते हैं।
Q5. मेंडलीव की आवर्त सारणी की दो मुख्य उपलब्धियां (सफलताएं) क्या थीं?
आसान उत्तर देखें
1. नए तत्वों की पहले से भविष्यवाणी: मेंडलीव ने अपनी सारणी में कुछ खाली स्थान छोड़े थे (जैसे एका-एल्युमिनियम, एका-सिलिकॉन) और उनके गुणों की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी, जो बाद में गैलियम और जर्मेनियम के रूप में सच साबित हुई।
2. अक्रिय गैसों का समायोजन: जब बाद में हीलियम, नियॉन जैसी अक्रिय गैसें खोजी गईं, तो पुरानी सारणी को बिना छेड़े उन्हें एक अलग शून्य समूह में आसानी से जगह मिल गई।
2. अक्रिय गैसों का समायोजन: जब बाद में हीलियम, नियॉन जैसी अक्रिय गैसें खोजी गईं, तो पुरानी सारणी को बिना छेड़े उन्हें एक अलग शून्य समूह में आसानी से जगह मिल गई।
Q6. मेंडलीव की आवर्त सारणी की दो मुख्य कमियां (दोष) क्या थीं?
आसान उत्तर देखें
1. हाइड्रोजन का अनिश्चित स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों से मिलता-जुलता व्यवहार करता है, इसलिए मेंडलीव हाइड्रोजन को कोई निश्चित स्थान नहीं दे पाए।
2. समस्थानिकों (Isotopes) को स्थान न मिल पाना: समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान लेकिन परमाणु भार अलग-अलग होते हैं। मेंडलीव की सारणी भार पर आधारित थी, इसलिए समस्थानिकों को कहाँ रखा जाए, यह तय नहीं हो सका।
2. समस्थानिकों (Isotopes) को स्थान न मिल पाना: समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान लेकिन परमाणु भार अलग-अलग होते हैं। मेंडलीव की सारणी भार पर आधारित थी, इसलिए समस्थानिकों को कहाँ रखा जाए, यह तय नहीं हो सका।
Q7. उत्कृष्ट गैसों (Inert / Noble Gases) को अलग समूह में क्यों रखा गया है? दो उदाहरण दें।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: उत्कृष्ट गैसों (जैसे हीलियम - He, नियॉन - Ne, आर्गन - Ar) का सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन कोश पूरी तरह भरा (अष्टक पूर्ण) होता है। ये रासायनिक रूप से पूरी तरह अक्रिय (किसी से कोई क्रिया न करने वाली) होती हैं और इनकी संयोजकता शून्य होती है। इसलिए इन्हें आवर्त सारणी के सबसे दाईं ओर समूह 18 (शून्य वर्ग) में रखा गया है।
Q8. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) क्यों घटता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर नए कोश नहीं जुड़ते, बल्कि उसी बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉन और नाभिक में प्रोटॉन बढ़ते जाते हैं। प्रोटॉन बढ़ने से नाभिकीय खिंचाव (नाभिकीय आवेश) मजबूत हो जाता है, जो बाहरी इलेक्ट्रॉनों को केंद्र की ओर कसकर खींच लेता है, जिससे परमाणु का आकार सिकुड़कर छोटा हो जाता है।
Q9. किसी समूह (वर्ग) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार क्यों बढ़ता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: किसी समूह में ऊपर से नीचे जाने पर प्रत्येक नए तत्व के साथ इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश (Shell) जुड़ जाता है। नई कक्षाएं जुड़ने से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन और नाभिक के बीच की दूरी बढ़ जाती है, जिससे नाभिक की पकड़ कमजोर पड़ जाती है और परमाणु का आकार बड़ा हो जाता है।
Q10. संयोजकता (Valency) किसे कहते हैं? आवर्त में और समूह में यह किस प्रकार बदलती है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी तत्व के बाहरी कोश में मौजूद संयोजी इलेक्ट्रॉनों द्वारा अन्य तत्वों से जुड़ने की क्षमता को संयोजकता कहते हैं।
2. बदलाव का नियम:
• आवर्त में: बाएं से दाएं जाने पर संयोजकता पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर 0 हो जाती है।
• समूह में: ऊपर से नीचे जाने पर संयोजकता हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
2. बदलाव का नियम:
• आवर्त में: बाएं से दाएं जाने पर संयोजकता पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर 0 हो जाती है।
• समूह में: ऊपर से नीचे जाने पर संयोजकता हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
Q11. धात्विक गुण (Metallic Character) क्या है? आवर्त और समूह में यह कैसे बदलता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी तत्व द्वारा आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन बनाने की प्रवृत्ति को उसका धात्विक गुण कहते हैं।
2. परिवर्तन:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): नाभिकीय खिंचाव बढ़ने से धात्विक गुण घटता है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): परमाणु आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकलते हैं, इसलिए धात्विक गुण बढ़ता है।
2. परिवर्तन:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): नाभिकीय खिंचाव बढ़ने से धात्विक गुण घटता है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): परमाणु आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकलते हैं, इसलिए धात्विक गुण बढ़ता है।
Q12. उपधातु (Metalloids) किसे कहते हैं? आधुनिक आवर्त सारणी में इनके दो उदाहरण और स्थिति बताइए।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे तत्व जिनमें धातु और अधातु दोनों के मिले-जुले गुण पाए जाते हैं, उन्हें उपधातु कहते हैं।
• दो उदाहरण: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge)।
• स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुएं धातुओं और अधातुओं के बीच एक टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा पर स्थित होती हैं।
• दो उदाहरण: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge)।
• स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुएं धातुओं और अधातुओं के बीच एक टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा पर स्थित होती हैं।
Q13. आधुनिक आवर्त सारणी में समस्थानिकों (Isotopes) की स्थिति का विवाद कैसे सुलझ गया?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: समस्थानिकों के परमाणु भार अलग-अलग होते हैं, लेकिन उनकी परमाणु संख्या हमेशा समान होती है (जैसे क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37 दोनों की परमाणु संख्या 17 है)। आधुनिक सारणी परमाणु संख्या पर आधारित है, इसलिए समस्थानिकों को अलग स्थान देने की जरूरत नहीं पड़ी और वे एक ही बॉक्स में आ गए।
Q14. समूह 1 (क्षार धातु) के सभी तत्वों के रासायनिक गुण एक जैसे क्यों होते हैं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: समूह 1 के सभी तत्वों (Li, Na, K आदि) के सबसे बाहरी कोश में केवल 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है। रासायनिक गुण बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करते हैं, इसलिए सभी तत्व 1 इलेक्ट्रॉन त्यागकर एक समान रासायनिक व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।
Q15. हैलोजन (समूह 17) के तत्वों में सबसे अधिक क्रियाशील कौन है और क्यों?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: हैलोजन परिवार में फ्लोरीन (F) सबसे अधिक क्रियाशील है।
कारण: फ्लोरीन का आकार सबसे छोटा होता है, जिसके कारण इसका नाभिक बाहर से 1 इलेक्ट्रॉन को बहुत तेजी से आकर्षित करके अपना अष्टक पूरा कर लेता है।
कारण: फ्लोरीन का आकार सबसे छोटा होता है, जिसके कारण इसका नाभिक बाहर से 1 इलेक्ट्रॉन को बहुत तेजी से आकर्षित करके अपना अष्टक पूरा कर लेता है।
Q16. संक्रमण तत्व (Transition Elements) किसे कहते हैं? इन्हें आवर्त सारणी में कहाँ रखा गया है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे धात्विक तत्व जिनके बाहरी दो कोश अपूर्ण होते हैं और जो परिवर्तनशील संयोजकता दिखाते हैं, उन्हें संक्रमण तत्व (d-ब्लॉक) कहते हैं (जैसे Fe, Cu, Au)।
2. स्थिति: इन्हें आवर्त सारणी में समूह 3 से समूह 12 के बीच रखा गया है।
2. स्थिति: इन्हें आवर्त सारणी में समूह 3 से समूह 12 के बीच रखा गया है।
Q17. विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) क्या है? आवर्त में यह किस प्रकार बदलती है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: सहसंयोजक आबंध में साझे के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर खींचने की क्षमता को विद्युत ऋणात्मकता कहते हैं।
2. आवर्त में परिवर्तन: बाएं से दाएं जाने पर परमाणु आकार छोटा होने के कारण विद्युत ऋणात्मकता लगातार बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
2. आवर्त में परिवर्तन: बाएं से दाएं जाने पर परमाणु आकार छोटा होने के कारण विद्युत ऋणात्मकता लगातार बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
Q18. आयनन ऊर्जा (Ionisation Energy) किसे कहते हैं? समूह में नीचे जाने पर इसका मान क्यों घटता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी गैसीय परमाणु के सबसे बाहरी कोश से एक इलेक्ट्रॉन बाहर निकालने के लिए आवश्यक न्यूनतम ऊर्जा को आयनन ऊर्जा कहते हैं।
2. घटने का कारण: समूह में नीचे जाने पर आकार बड़ा होने से बाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक की पकड़ ढीली हो जाती है, जिससे कम ऊर्जा में ही इलेक्ट्रॉन बाहर निकल जाता है।
2. घटने का कारण: समूह में नीचे जाने पर आकार बड़ा होने से बाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक की पकड़ ढीली हो जाती है, जिससे कम ऊर्जा में ही इलेक्ट्रॉन बाहर निकल जाता है।
Q19. एक तत्व X का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है। बताइए कि यह किस आवर्त और किस समूह का तत्व है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: तत्व X का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 7 (परमाणु संख्या = 17, क्लोरीन)।
• आवर्त: तीसरा (3rd), क्योंकि इसमें 3 कोश (K, L, M) हैं।
• समूह: 17वाँ, क्योंकि बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं (10 + 7 = 17)।
• संयोजकता: 8 - 7 = 1
• आवर्त: तीसरा (3rd), क्योंकि इसमें 3 कोश (K, L, M) हैं।
• समूह: 17वाँ, क्योंकि बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं (10 + 7 = 17)।
• संयोजकता: 8 - 7 = 1
Q20. लैंथेनॉइड्स और एक्टिनॉइड्स क्या हैं? इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे से नीचे अलग क्यों रखा गया है?
आसान उत्तर देखें
1. परिचय: छठे आवर्त के 14 तत्व लैंथेनॉइड्स और सातवें आवर्त के 14 तत्व एक्टिनॉइड्स कहलाते हैं (f-ब्लॉक तत्व)।
2. अलग रखने का कारण: यदि इन 28 तत्वों को सारणी के बीच में रखा जाता तो आवर्त सारणी की चौड़ाई अत्यधिक बढ़ जाती और उसका संतुलित ढांचा बिगड़ जाता। सारणी को व्यवस्थित और सुगम रखने के लिए इन्हें नीचे दो अलग कतारों में रखा गया है।
2. अलग रखने का कारण: यदि इन 28 तत्वों को सारणी के बीच में रखा जाता तो आवर्त सारणी की चौड़ाई अत्यधिक बढ़ जाती और उसका संतुलित ढांचा बिगड़ जाता। सारणी को व्यवस्थित और सुगम रखने के लिए इन्हें नीचे दो अलग कतारों में रखा गया है।
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. आधुनिक आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताओं की व्याख्या करें। यह मेंडलीव की आवर्त सारणी की कमियों को दूर करने में किस प्रकार सफल रही?
आसान उत्तर देखें
1. आधुनिक आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताएं:
• (i) परमाणु संख्या पर आधारित: यह तत्वों की बढ़ती हुई परमाणु संख्या (Atomic Number) पर आधारित है, जो तत्व का सबसे मौलिक गुण है।
• (ii) आवर्त और समूह: इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह/वर्ग) हैं।
• (iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से सीधा संबंध: एक ही समूह के सभी तत्वों के सबसे बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।
• (iv) धातुओं, उपधातुओं और अधातुओं का स्पष्ट विभाजन: बाईं ओर धातुएँ, दाईं ओर अधातुएँ और बीच में एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा पर उपधातुएँ स्थित हैं।
2. मेंडलीव के दोषों का निवारण:
• समस्थानिकों की समस्या का हल: समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है, इसलिए उन्हें अलग-अलग जगह ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ी और वे एक ही स्थान पर आ गए।
• परमाणु भार की विसंगति दूर होना: कोबाल्ट (परमाणु संख्या 27) अपने आप निकेल (परमाणु संख्या 28) से पहले आ गया, जबकि भार में यह उल्टा था।
• अक्रिय गैसों का स्थान: उत्कृष्ट गैसों को बिना किसी छेड़छाड़ के अलग से समूह 18 में सुंदर स्थान मिला।
• (i) परमाणु संख्या पर आधारित: यह तत्वों की बढ़ती हुई परमाणु संख्या (Atomic Number) पर आधारित है, जो तत्व का सबसे मौलिक गुण है।
• (ii) आवर्त और समूह: इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह/वर्ग) हैं।
• (iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से सीधा संबंध: एक ही समूह के सभी तत्वों के सबसे बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।
• (iv) धातुओं, उपधातुओं और अधातुओं का स्पष्ट विभाजन: बाईं ओर धातुएँ, दाईं ओर अधातुएँ और बीच में एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा पर उपधातुएँ स्थित हैं।
2. मेंडलीव के दोषों का निवारण:
• समस्थानिकों की समस्या का हल: समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है, इसलिए उन्हें अलग-अलग जगह ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ी और वे एक ही स्थान पर आ गए।
• परमाणु भार की विसंगति दूर होना: कोबाल्ट (परमाणु संख्या 27) अपने आप निकेल (परमाणु संख्या 28) से पहले आ गया, जबकि भार में यह उल्टा था।
• अक्रिय गैसों का स्थान: उत्कृष्ट गैसों को बिना किसी छेड़छाड़ के अलग से समूह 18 में सुंदर स्थान मिला।
Q2. आवर्तिता (Periodicity) से क्या तात्पर्य है? आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर तथा समूह में ऊपर से नीचे आने पर निम्नलिखित गुणों में क्या परिवर्तन होता है?
(i) परमाणु आकार (ii) संयोजकता (iii) धात्विक गुण (iv) विद्युत ऋणात्मकता
(i) परमाणु आकार (ii) संयोजकता (iii) धात्विक गुण (iv) विद्युत ऋणात्मकता
आसान उत्तर देखें
आवर्तिता की परिभाषा:
नियमित अंतराल के बाद तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों की पुनरावृत्ति (दोहराव) को गुणों की आवर्तिता कहते हैं।
चार प्रमुख गुणों में क्रमिक परिवर्तन:
• (i) परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या):
- आवर्त में (बाएं से दाएं): घटता है (नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से इलेक्ट्रॉन केंद्र की ओर खिंचते हैं)।
- समूह में (ऊपर से नीचे): बढ़ता है (हर बार इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश जुड़ जाता है)।
• (ii) संयोजकता (Valency):
- आवर्त में: पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
- समूह में: हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
• (iii) धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता):
- आवर्त में: घटता है (अधात्विक गुण बढ़ता है)।
- समूह में: बढ़ता है (आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकल जाते हैं)।
• (iv) विद्युत ऋणात्मकता (इलेक्ट्रॉन खींचने की ताकत):
- आवर्त में: बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
- समूह में: घटती है।
नियमित अंतराल के बाद तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों की पुनरावृत्ति (दोहराव) को गुणों की आवर्तिता कहते हैं।
चार प्रमुख गुणों में क्रमिक परिवर्तन:
• (i) परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या):
- आवर्त में (बाएं से दाएं): घटता है (नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से इलेक्ट्रॉन केंद्र की ओर खिंचते हैं)।
- समूह में (ऊपर से नीचे): बढ़ता है (हर बार इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश जुड़ जाता है)।
• (ii) संयोजकता (Valency):
- आवर्त में: पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
- समूह में: हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
• (iii) धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता):
- आवर्त में: घटता है (अधात्विक गुण बढ़ता है)।
- समूह में: बढ़ता है (आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकल जाते हैं)।
• (iv) विद्युत ऋणात्मकता (इलेक्ट्रॉन खींचने की ताकत):
- आवर्त में: बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
- समूह में: घटती है।
Q3. मेंडलीव की आवर्त सारणी के गुण (सफलताएं) एवं दोष (कमियों) का विस्तार से वर्णन करें।
आसान उत्तर देखें
1. मेंडलीव की आवर्त सारणी के प्रमुख गुण (सफलताएं):
• तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन: पहली बार 63 तत्वों को उनके गुणों के आधार पर आवर्त और समूह में सजाया गया, जिससे रसायन विज्ञान को समझना बहुत सरल हो गया।
• अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान: मेंडलीव ने भविष्यवाणी के साथ खाली स्थान छोड़े (जैसे एका-एल्युमिनियम → गैलियम, एका-सिलिकॉन → जर्मेनियम, एका-बोरॉन → स्कैंडियम), जो बाद में 100% सही साबित हुए।
• संदिग्ध परमाणु भारों में सुधार: बेरिलियम, प्लैटिनम और सोने जैसे तत्वों के गलत माने गए परमाणु भारों को ठीक किया गया।
2. मेंडलीव की आवर्त सारणी के मुख्य दोष (कमियां):
• हाइड्रोजन का विवादास्पद स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों जैसे गुण दिखाता है, इसलिए इसे सही स्थान नहीं दिया जा सका।
• समस्थानिकों का स्थान न होना: समस्थानिकों के भार अलग होते हैं, लेकिन उनके लिए अलग बॉक्स नहीं थे।
• परमाणु भार के क्रम में विसंगति: अधिक भार वाले तत्व (जैसे कोबाल्ट - 58.9) को कम भार वाले तत्व (निकेल - 58.7) से पहले रख दिया गया था।
• तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन: पहली बार 63 तत्वों को उनके गुणों के आधार पर आवर्त और समूह में सजाया गया, जिससे रसायन विज्ञान को समझना बहुत सरल हो गया।
• अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान: मेंडलीव ने भविष्यवाणी के साथ खाली स्थान छोड़े (जैसे एका-एल्युमिनियम → गैलियम, एका-सिलिकॉन → जर्मेनियम, एका-बोरॉन → स्कैंडियम), जो बाद में 100% सही साबित हुए।
• संदिग्ध परमाणु भारों में सुधार: बेरिलियम, प्लैटिनम और सोने जैसे तत्वों के गलत माने गए परमाणु भारों को ठीक किया गया।
2. मेंडलीव की आवर्त सारणी के मुख्य दोष (कमियां):
• हाइड्रोजन का विवादास्पद स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों जैसे गुण दिखाता है, इसलिए इसे सही स्थान नहीं दिया जा सका।
• समस्थानिकों का स्थान न होना: समस्थानिकों के भार अलग होते हैं, लेकिन उनके लिए अलग बॉक्स नहीं थे।
• परमाणु भार के क्रम में विसंगति: अधिक भार वाले तत्व (जैसे कोबाल्ट - 58.9) को कम भार वाले तत्व (निकेल - 58.7) से पहले रख दिया गया था।
Q4. आधुनिक आवर्त सारणी के तत्वों को s, p, d और f ब्लॉकों में किस आधार पर बांटा गया है? प्रत्येक ब्लॉक की दो-दो मुख्य विशेषताएं एवं उदाहरण दें।
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वर्गीकरण का आधार: सबसे अंतिम (विभेदी) इलेक्ट्रॉन किस उपकोश (s, p, d या f) में प्रवेश करता है, उसी के आधार पर तत्वों को 4 ब्लॉकों में बांटा गया है:
• 1. s-ब्लॉक तत्व (समूह 1 एवं 2):
- ये अत्यधिक सक्रिय और मुलायम धातुएँ हैं (जैसे Na, K, Ca)।
- ये आसानी से 1 या 2 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन बनाते हैं।
• 2. p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 से 18):
- इसमें धातुएँ, उपधातुएँ, अधातुएँ और अक्रिय गैसें सभी शामिल हैं (जैसे C, N, O, Cl, Ne)।
- ये मुख्य रूप से सहसंयोजक और अम्लीय ऑक्साइड वाले यौगिक बनाते हैं।
• 3. d-ब्लॉक तत्व (समूह 3 से 12 / संक्रमण तत्व):
- ये सभी कठोर, उच्च गलनांक वाली भारी धातुएँ हैं (जैसे Fe, Cu, Zn, Au)।
- ये परिवर्तनशील संयोजकता दिखाते हैं और इनके यौगिक रंगीन होते हैं।
• 4. f-ब्लॉक तत्व (लैंथेनॉइड्स एवं एक्टिनॉइड्स / आंतरिक संक्रमण तत्व):
- इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे के नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है (जैसे यूरेनियम - U, थोरियम - Th)।
- इनमें से अधिकांश तत्व रेडियोधर्मी और प्रयोगशाला में निर्मित (मानव निर्मित) हैं।
• 1. s-ब्लॉक तत्व (समूह 1 एवं 2):
- ये अत्यधिक सक्रिय और मुलायम धातुएँ हैं (जैसे Na, K, Ca)।
- ये आसानी से 1 या 2 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन बनाते हैं।
• 2. p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 से 18):
- इसमें धातुएँ, उपधातुएँ, अधातुएँ और अक्रिय गैसें सभी शामिल हैं (जैसे C, N, O, Cl, Ne)।
- ये मुख्य रूप से सहसंयोजक और अम्लीय ऑक्साइड वाले यौगिक बनाते हैं।
• 3. d-ब्लॉक तत्व (समूह 3 से 12 / संक्रमण तत्व):
- ये सभी कठोर, उच्च गलनांक वाली भारी धातुएँ हैं (जैसे Fe, Cu, Zn, Au)।
- ये परिवर्तनशील संयोजकता दिखाते हैं और इनके यौगिक रंगीन होते हैं।
• 4. f-ब्लॉक तत्व (लैंथेनॉइड्स एवं एक्टिनॉइड्स / आंतरिक संक्रमण तत्व):
- इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे के नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है (जैसे यूरेनियम - U, थोरियम - Th)।
- इनमें से अधिकांश तत्व रेडियोधर्मी और प्रयोगशाला में निर्मित (मानव निर्मित) हैं।
