अध्याय 4: अनुवांशिकता एवं जैव विकास (Heredity & Evolution)
VVI Objective Questions (className 10th Biology)
Q1. 'अनुवांशिकी का पिता' (Father of Genetics) किसे कहा जाता है?
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सही उत्तर: (A) ग्रेगर जॉन मेंडल (Gregor Johann Mendel)
Q2. मेंडल ने अपने आनुवंशिकी प्रयोगों के लिए किस पौधे को चुना था?
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सही उत्तर: (A) साधारण मटर (बगीचे का मटर - Pisum sativum)
Q3. मानव कोशिका के केंद्रक में कुल कितने जोड़े गुणसूत्र (Chromosomes) पाए जाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 23 जोड़े (कुल 46 गुणसूत्र)
Q4. पुरुषों में पाया जाने वाला लिंग गुणसूत्र (Sex Chromosome) कौन-सा होता है?
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सही उत्तर: (A) XY (स्त्रियों में XX पाया जाता है)
Q5. स्त्रियों में लिंग गुणसूत्र का कौन-सा युग्म होता है?
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सही उत्तर: (A) XX
Q6. बच्चे का लिंग निर्धारण (लड़का या लड़की होना) किसके गुणसूत्र पर निर्भर करता है?
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सही उत्तर: (A) पिता के गुणसूत्र (शुक्राणु के Y गुणसूत्र) पर
Q7. मेंडल के एक-संकरण (Monohybrid Cross) का F2 पीढ़ी में लक्षणप्ररूपी (Phenotypic) अनुपात क्या था?
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सही उत्तर: (A) 3 : 1 (3 लंबे : 1 बौना)
Q8. मेंडल के एक-संकरण का जीनप्ररूपी (Genotypic) अनुपात कितना होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 1 : 2 : 1 (1 TT : 2 Tt : 1 tt)
Q9. मेंडल के द्वि-संकरण (Dihybrid Cross) का लक्षणप्ररूपी अनुपात (Phenotypic Ratio) क्या होता है?
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सही उत्तर: (A) 9 : 3 : 3 : 1
Q10. आनुवंशिक सूचनाओं का वाहक (मूल इकाई) किसे कहा जाता है?
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सही उत्तर: (A) जीन (Gene / DNA खंड)
Q11. 'द ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज' (The Origin of Species) पुस्तक के लेखक कौन हैं?
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सही उत्तर: (A) चार्ल्स डार्विन (Charles Darwin - 1859 में प्रकाशित)
Q12. प्राकृतिक वरण द्वारा जैव विकास का सिद्धांत (Theory of Natural Selection) किसने दिया था?
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सही उत्तर: (A) चार्ल्स डार्विन ने
Q13. समजात अंग (Homologous Organs) का सही उदाहरण कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) उपरोक्त सभी
Q14. समवृत्ति / समरूप अंग (Analogous Organs) का सही उदाहरण कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) तितली के पंख और चमगादड़ के पंख (कार्य समान, मूल रचना भिन्न)
Q15. मानव शरीर में पाया जाने वाला एक प्रमुख अवशेषी अंग (Vestigial Organ) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अपेंडिक्स (वर्मीफॉर्म अपेंडिक्स)
Q16. जीवों में वंशागत लक्षणों को नियंत्रित करने वाली मूल भौतिक एवं क्रियात्मक इकाई क्या है?
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सही उत्तर: (A) जीन (Gene - DNA का एक विशिष्ट खंड)
Q17. डीएनए (DNA) का पूरा नाम क्या होता है?
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सही उत्तर: (A) डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल (Deoxyribonucleic Acid)
Q18. उपार्जित लक्षणों की वंशागति (Inheritance of Acquired Characteristics) का सिद्धांत किसने दिया था?
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सही उत्तर: (A) ज्यां बैप्टिस्ट लैमार्क (Lamarck - जिराफ की गर्दन का उदाहरण)
Q19. प्राचीन जीवों के चट्टानों पर बचे हुए परिरक्षित अवशेष या छापों को क्या कहा जाता है?
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सही उत्तर: (A) जीवाश्म (Fossils)
Q20. जीवाश्मों की सही आयु और प्राचीनता निर्धारित करने की वैज्ञानिक विधि कौन-सी है?
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सही उत्तर: (A) कार्बन डेटिंग विधि (C-14 समस्थानिक डेटिंग)
Q21. आर्कियोप्टेरिक्स (Archaeopteryx) किन दो प्राणी वर्गों के बीच की संयोजक कड़ी (Connecting Link) है?
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सही उत्तर: (A) सरीसृप (Reptiles) एवं पक्षी (Aves) वर्ग के बीच
Q22. आधुनिक मानव (Modern Human) का वैज्ञानिक नाम क्या है?
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सही उत्तर: (A) होमो सेपियन्स (Homo sapiens)
Q23. जीवाश्म और आणविक अध्ययनों के अनुसार आधुनिक मानव का उद्भव मूल रूप से किस महाद्वीप में हुआ था?
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सही उत्तर: (A) अफ्रीका (Africa)
Q24. विकास के दृष्टिकोण से हमारी (मानव की) सबसे अधिक शारीरिक व आनुवंशिक समानता किससे है?
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सही उत्तर: (A) चिम्पांजी (Chimpanzee)
Q25. मेंडल ने मटर के पौधे में कुल कितने जोड़ी विपर्यायी (विरोधी) लक्षणों का अध्ययन किया था?
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सही उत्तर: (A) 7 जोड़ी लक्षण (जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज)
Q26. मेंडल के प्रयोग में प्रथम संतति पीढ़ी (F1 Generation) में कौन-सा लक्षण दिखाई देता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल प्रभावी लक्षण (Dominant Trait - जैसे सभी पौधे लंबे थे)
Q27. शुद्ध लंबे मटर के पौधे (TT) का संकरण शुद्ध बौने मटर के पौधे (tt) से कराने पर F1 पीढ़ी में पौधे कैसे प्राप्त हुए?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सभी संकर लंबे पौधे (Tt)
Q28. कायिक कोशिकाओं में पाए जाने वाले वे गुणसूत्र जो लिंग निर्धारण नहीं करते, क्या कहलाते हैं?
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सही उत्तर: (A) ऑटोसोम / अलैंगिक गुणसूत्र (22 जोड़े)
Q29. मनुष्य के शुक्राणु में कितने लिंग गुणसूत्र पाए जाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल 1 (या तो X अथवा Y)
Q30. मनुष्य के अंडाणु (Ovum) में हमेशा कौन-सा लिंग गुणसूत्र पाया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल X गुणसूत्र
Q31. किसी जीव की बाहरी शारीरिक बनावट और दृश्य लक्षणों (दिखने वाले स्वरूप) को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) लक्षणप्ररूप / फीनोटाइप (Phenotype)
Q32. किसी जीव की जीनी संरचना (आनुवंशिक बनावट) को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जीनप्ररूप / जीनोटाइप (Genotype)
Q33. मेंडल का 'पृथक्करण का नियम' (Law of Segregation) किस अन्य नाम से भी जाना जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) युग्मकों की शुद्धता का नियम (Law of Purity of Gametes)
Q34. मेंडल का 'स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम' (Law of Independent Assortment) किस प्रयोग पर आधारित है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) द्वि-संकरण क्रॉस (Dihybrid Cross) पर
Q35. एक ही जाति के विभिन्न जीवों के बीच पाए जाने वाले अंतरों (शारीरिक भिन्नताओं) को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विभिन्नता (Variation - लैंगिक जनन में विभिन्नता अधिक होती है)
Q36. जनन कोशिकाओं (युग्मकों) के डीएनए में होने वाले अचानक परिवर्तन को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) उत्परिवर्तन (Mutation)
Q37. प्राकृतिक रूप से अलग होकर एक पुरानी जाति से नई जाति का बनना क्या कहलाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जाति-उद्भव (Speciation)
Q38. किसी छोटी जनसंख्या में दुर्घटना या संयोगवश जीन आवृत्तियों में होने वाले बदलाव को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) आनुवंशिक विचलन / अपवाह (Genetic Drift)
Q39. पक्षियों के पंख और कीटों के पंख किस प्रकार के अंग हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समवृत्ति / समरूप अंग (कार्य समान, उत्पत्ति भिन्न)
Q40. मनुष्य की आंख की 'निमेषक झिल्ली' (Nictitating Membrane) किस प्रकार का अंग है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अवशेषी अंग (Vestigial Organ)
Q41. जंगली गोभी (Wild Cabbage) से कृत्रिम चयन द्वारा पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकोली और गांठगोभी का विकास किसका उदाहरण है?
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सही उत्तर: (A) कृत्रिम चयन (Artificial Selection) द्वारा जैव विकास
Q42. कौन-से जंतु में बच्चे का लिंग निर्धारण अंडे सेने के तापमान (पर्यावरण) पर निर्भर करता है?
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सही उत्तर: (A) घोंघा (Snail) एवं कुछ सरीसृप (कछुआ, छिपकली)
Q43. जीवन की उत्पत्ति समुद्र के जल में अकार्बनिक रसायनों से हुई थी, यह 'रासायनिक विकास का सिद्धांत' किसने दिया था?
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सही उत्तर: (A) जे. बी. एस. हाल्डेन (J.B.S. Haldane - 1929)
Q44. स्टेनले मिलर और हेरोल्ड उरे ने अपने ऐतिहासिक प्रयोग में जीवन निर्माण के लिए किन गैसों का मिश्रण लिया था?
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सही उत्तर: (A) मीथेन (CH4), अमोनिया (NH3), हाइड्रोजन (H2) और जलवाष्प (H2O)
Q45. प्लेनेरिया (Planaria) नामक चपटे कृमि में किस अंग का प्रारंभिक (बहुत सरल) स्वरूप पाया जाता है?
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सही उत्तर: (A) नेत्र-बिंदु (Eye-spots / सरल आंखें - केवल प्रकाश की पहचान के लिए)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. अनुवांशिकता (Heredity) और विभिन्नता (Variation) में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. अनुवांशिकता: माता-पिता के शारीरिक व मानसिक लक्षणों का एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी (संतानों) में जाना अनुवांशिकता कहलाता है।
2. विभिन्नता: एक ही माता-पिता की संतानों या एक ही जाति के जीवों के बीच दिखने वाले शारीरिक व आनुवंशिक अंतरों को विभिन्नता कहते हैं (यह लैंगिक जनन में अधिक होती है)।
2. विभिन्नता: एक ही माता-पिता की संतानों या एक ही जाति के जीवों के बीच दिखने वाले शारीरिक व आनुवंशिक अंतरों को विभिन्नता कहते हैं (यह लैंगिक जनन में अधिक होती है)।
Q2. मेंडल ने अपने आनुवंशिकी प्रयोगों के लिए मटर के पौधे को ही क्यों चुना? दो मुख्य कारण लिखिए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर:
1. छोटा जीवन काल: मटर का पौधा एकवर्षीय होता है, जिससे कम समय में इसकी कई पीढ़ियों का अध्ययन आसानी से किया जा सका।
2. स्पष्ट विरोधी लक्षण व द्विलिंगी फूल: मटर के पौधे में साफ-साफ दिखने वाले 7 जोड़ी विरोधी गुण (जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज) मौजूद थे और इसमें स्व-परागण व पर-परागण दोनों आसानी से कराए जा सकते थे।
1. छोटा जीवन काल: मटर का पौधा एकवर्षीय होता है, जिससे कम समय में इसकी कई पीढ़ियों का अध्ययन आसानी से किया जा सका।
2. स्पष्ट विरोधी लक्षण व द्विलिंगी फूल: मटर के पौधे में साफ-साफ दिखने वाले 7 जोड़ी विरोधी गुण (जैसे लंबा/बौना, गोल/झुर्रीदार बीज) मौजूद थे और इसमें स्व-परागण व पर-परागण दोनों आसानी से कराए जा सकते थे।
Q3. मेंडल का 'प्रभाविता का नियम' (Law of Dominance) क्या है? उदाहरण देकर समझाइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब दो परस्पर विरोधी गुणों वाले शुद्ध जनकों के बीच संकरण कराया जाता है, तो पहली पीढ़ी (F1 पीढ़ी) में केवल एक ही गुण दिखाई देता है जिसे प्रभावी लक्षण कहते हैं और जो गुण छिप जाता है उसे अप्रभावी लक्षण कहते हैं।
• उदाहरण: शुद्ध लंबे मटर (TT) और शुद्ध बौने मटर (tt) का क्रॉस कराने पर F1 पीढ़ी में सभी पौधे लंबे (Tt) प्राप्त हुए (लंबापन प्रभावी लक्षण है)।
• उदाहरण: शुद्ध लंबे मटर (TT) और शुद्ध बौने मटर (tt) का क्रॉस कराने पर F1 पीढ़ी में सभी पौधे लंबे (Tt) प्राप्त हुए (लंबापन प्रभावी लक्षण है)।
Q4. मेंडल का 'पृथक्करण का नियम' (Law of Segregation / युग्मकों की शुद्धता का नियम) क्या है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब F1 पीढ़ी के संकर पौधों (Tt) में युग्मक (Gametes) बनते हैं, तो दोनों विरोधी कारक (जीन T और t) आपस में बिना मिले या प्रभावित हुए एक-दूसरे से पूरी तरह अलग (पृथक) हो जाते हैं और प्रत्येक युग्मक में केवल एक ही जीन जाता है।
इसी कारण F2 पीढ़ी में छिपा हुआ बौनापन (tt) फिर से अपने शुद्ध रूप में प्रकट हो जाता है।
इसी कारण F2 पीढ़ी में छिपा हुआ बौनापन (tt) फिर से अपने शुद्ध रूप में प्रकट हो जाता है।
Q5. लक्षणप्ररूप (Phenotype) और जीनप्ररूप (Genotype) में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. लक्षणप्ररूप (Phenotype): किसी जीव के बाहर से दिखाई देने वाले शारीरिक रूप-रंग और बनावट को लक्षणप्ररूप कहते हैं (जैसे: बाहर से देखने पर पौधा लंबा है या बौना)।
2. जीनप्ररूप (Genotype): किसी जीव की आनुवंशिक संरचना या जीनी बनावट को जीनप्ररूप कहते हैं (जैसे: शुद्ध लंबा TT या संकर लंबा Tt)।
2. जीनप्ररूप (Genotype): किसी जीव की आनुवंशिक संरचना या जीनी बनावट को जीनप्ररूप कहते हैं (जैसे: शुद्ध लंबा TT या संकर लंबा Tt)।
Q6. मानव में बच्चे का लिंग निर्धारण कैसे होता है? संक्षेप में समझाइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: स्त्रियों में दोनों लिंग गुणसूत्र XX होते हैं, जबकि पुरुषों में XY होते हैं।
• यदि पिता का X शुक्राणु माता के X अंडाणु से मिलता है, तो युग्मनज XX (लड़की) बनता है।
• यदि पिता का Y शुक्राणु माता के X अंडाणु से मिलता है, तो युग्मनज XY (लड़का) बनता है।
अतः बच्चे का लिंग पूरी तरह पिता के शुक्राणु (Y गुणसूत्र) पर निर्भर करता है।
• यदि पिता का X शुक्राणु माता के X अंडाणु से मिलता है, तो युग्मनज XX (लड़की) बनता है।
• यदि पिता का Y शुक्राणु माता के X अंडाणु से मिलता है, तो युग्मनज XY (लड़का) बनता है।
अतः बच्चे का लिंग पूरी तरह पिता के शुक्राणु (Y गुणसूत्र) पर निर्भर करता है।
Q7. समजात अंग (Homologous Organs) किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: विभिन्न जीवों के वे अंग जिनकी मूल उत्पत्ति और आंतरिक बनावट (हड्डियों का ढांचा) समान होती है, लेकिन अलग-अलग कार्यों के अनुसार उनके बाहरी रूप बदल जाते हैं, उन्हें समजात अंग कहते हैं।
• उदाहरण: मनुष्य का हाथ, पक्षी का पंख और घोड़े का अग्रपाद (तीनों की हड्डियों की संरचना एक जैसी है, पर कार्य अलग-अलग हैं)।
• उदाहरण: मनुष्य का हाथ, पक्षी का पंख और घोड़े का अग्रपाद (तीनों की हड्डियों की संरचना एक जैसी है, पर कार्य अलग-अलग हैं)।
Q8. समरूप / समवृत्ति अंग (Analogous Organs) किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: वे अंग जो देखने में और काम करने में एक जैसे होते हैं, लेकिन उनकी मूल उत्पत्ति और आंतरिक बनावट बिल्कुल अलग होती है, उन्हें समरूप अंग कहते हैं।
• उदाहरण: तितली (कीट) के पंख और चमगादड़ के पंख (दोनों उड़ने का काम करते हैं, लेकिन चमगादड़ के पंख उंगलियों की त्वचा से बने हैं और तितली के पंख झिल्लीदार हैं)।
• उदाहरण: तितली (कीट) के पंख और चमगादड़ के पंख (दोनों उड़ने का काम करते हैं, लेकिन चमगादड़ के पंख उंगलियों की त्वचा से बने हैं और तितली के पंख झिल्लीदार हैं)।
Q9. अवशेषी अंग (Vestigial Organs) क्या हैं? मानव शरीर से दो उदाहरण दें।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: जीवों के शरीर में पाए जाने वाले वे अंग जो हमारे पूर्वजों में पूरी तरह सक्रिय और उपयोगी थे, लेकिन वर्तमान समय में बिना किसी उपयोग के छोटे और निष्क्रिय बचे रह गए हैं, उन्हें अवशेषी अंग कहते हैं।
2. मानव के दो अवशेषी अंग:
• 1. वर्मीफॉर्म अपेंडिक्स (Appendix) (घास-फूस पचाने के लिए पूर्वजों में काम आता था)
• 2. कान की बाहरी मांसपेशियां (पिनियल पेशियां) व अक्ल दाढ़ (Wisdom Tooth)
2. मानव के दो अवशेषी अंग:
• 1. वर्मीफॉर्म अपेंडिक्स (Appendix) (घास-फूस पचाने के लिए पूर्वजों में काम आता था)
• 2. कान की बाहरी मांसपेशियां (पिनियल पेशियां) व अक्ल दाढ़ (Wisdom Tooth)
Q10. जीवाश्म (Fossils) किसे कहते हैं? जैव विकास को समझने में जीवाश्म कैसे मदद करते हैं?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: लाखों साल पहले पृथ्वी पर रहने वाले प्राचीन मृत जीवों के चट्टानों या मिट्टी में दबे कठोर अवशेषों, हड्डियों या उनकी छापों को जीवाश्म कहते हैं।
2. जैव विकास में महत्व: जीवाश्मों की कार्बन डेटिंग (C-14) से पता चलता है कि कौन-सा जीव किस युग में रहता था और सरल जीवों से धीरे-धीरे जटिल जीवों का विकास कैसे हुआ (जैसे आर्कियोप्टेरिक्स जीवाश्म बताता है कि पक्षी सरीसृपों से विकसित हुए हैं)।
2. जैव विकास में महत्व: जीवाश्मों की कार्बन डेटिंग (C-14) से पता चलता है कि कौन-सा जीव किस युग में रहता था और सरल जीवों से धीरे-धीरे जटिल जीवों का विकास कैसे हुआ (जैसे आर्कियोप्टेरिक्स जीवाश्म बताता है कि पक्षी सरीसृपों से विकसित हुए हैं)।
Q11. उपार्जित लक्षण (Acquired Traits) और आनुवंशिक लक्षण (Inherited Traits) में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. उपार्जित लक्षण: वे लक्षण जिन्हें कोई जीव अपने जीवनकाल में पर्यावरण या अभ्यास से सीखता है (जैसे: तैराकी सीखना, कसरत से शरीर बनाना, चोट का निशान)। ये लक्षण जनन कोशिकाओं के डीएनए में नहीं बदलते, इसलिए संतानों में नहीं जाते।
2. आनुवंशिक लक्षण: वे लक्षण जो माता-पिता से जन्मजात डीएनए द्वारा संतानों में आते हैं (जैसे: आंखों का रंग, त्वचा का रंग, बालों का घुंघराला होना)। ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित होते हैं।
2. आनुवंशिक लक्षण: वे लक्षण जो माता-पिता से जन्मजात डीएनए द्वारा संतानों में आते हैं (जैसे: आंखों का रंग, त्वचा का रंग, बालों का घुंघराला होना)। ये पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरित होते हैं।
Q12. आनुवंशिक विचलन (Genetic Drift) किसे कहते हैं? इसका क्या प्रभाव होता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: किसी छोटी आबादी या जनसंख्या में बिना किसी प्राकृतिक चयन के केवल संयोग या किसी आकस्मिक दुर्घटना के कारण जीन की आवृत्तियों (जीन संख्या) में अचानक होने वाले बदलाव को आनुवंशिक विचलन कहते हैं।
• प्रभाव: इससे किसी पुरानी आबादी में कोई विशेष जीन अचानक पूरी तरह खत्म हो सकता है या कोई नया लक्षण बिना किसी अनुकूलन लाभ के भी आबादी में फैलकर नई विभिन्नता पैदा कर सकता है।
• प्रभाव: इससे किसी पुरानी आबादी में कोई विशेष जीन अचानक पूरी तरह खत्म हो सकता है या कोई नया लक्षण बिना किसी अनुकूलन लाभ के भी आबादी में फैलकर नई विभिन्नता पैदा कर सकता है।
Q13. जाति-उद्भव (Speciation) क्या है? इसके दो मुख्य कारक लिखिए।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: पहले से मौजूद किसी एक जीव जाति से नई और भिन्न प्रजाति (जाति) के विकसित होने की प्राकृतिक प्रक्रिया को जाति-उद्भव कहते हैं।
2. दो मुख्य कारक:
• (i) भौगोलिक पृथक्करण (Geographical Isolation): नदी, पहाड़ या समुद्र बनने के कारण आबादी का दो भागों में बंट जाना और आपस में जनन न हो पाना।
• (ii) आनुवंशिक विचलन एवं प्राकृतिक वरण: दोनों अलग-अलग समूहों के डीएनए में समय के साथ भारी बदलाव आना।
2. दो मुख्य कारक:
• (i) भौगोलिक पृथक्करण (Geographical Isolation): नदी, पहाड़ या समुद्र बनने के कारण आबादी का दो भागों में बंट जाना और आपस में जनन न हो पाना।
• (ii) आनुवंशिक विचलन एवं प्राकृतिक वरण: दोनों अलग-अलग समूहों के डीएनए में समय के साथ भारी बदलाव आना।
Q14. कृत्रिम चयन (Artificial Selection) क्या है? जंगली गोभी का उदाहरण देकर समझाइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब मनुष्य अपनी इच्छानुसार लाभकारी गुणों वाले जीवों या पौधों को चुनकर उनका प्रजनन कराता है, तो इसे कृत्रिम चयन कहते हैं।
• जंगली गोभी का उदाहरण: 2000 साल पहले किसानों ने केवल एक जंगली गोभी के पौधे से अपनी पसंद के अनुसार चयन करके कई अलग-अलग सब्जियां विकसित कीं:
1. छोटी पत्तियों के लिए → पत्तागोभी
2. पुष्पों की वृद्धि रोककर → फूलगोभी
3. चौड़ी पत्तियों के लिए → केल (Kale)
4. फूले हुए तने के लिए → गांठगोभी
• जंगली गोभी का उदाहरण: 2000 साल पहले किसानों ने केवल एक जंगली गोभी के पौधे से अपनी पसंद के अनुसार चयन करके कई अलग-अलग सब्जियां विकसित कीं:
1. छोटी पत्तियों के लिए → पत्तागोभी
2. पुष्पों की वृद्धि रोककर → फूलगोभी
3. चौड़ी पत्तियों के लिए → केल (Kale)
4. फूले हुए तने के लिए → गांठगोभी
Q15. डीएनए प्रतिकृति (DNA Replication) का जनन और जैव विकास में क्या महत्व है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जनन के समय कोशिका विभाजन से पहले डीएनए अपनी हूबहू नकल (फोटोकॉपी) बनाता है ताकि संतानों में माता-पिता की आनुवंशिक सूचनाएं पहुंच सकें।
• विकास में महत्व: डीएनए नकल बनाते समय कभी-कभी सूक्ष्म रासायनिक गलतियां (त्रुटियां) हो जाती हैं। इन्हीं छोटी-छोटी त्रुटियों से विभिन्नताएं (Variations) पैदा होती हैं, जो लाखों सालों में एकत्रित होकर जैव विकास की नींव बनती हैं।
• विकास में महत्व: डीएनए नकल बनाते समय कभी-कभी सूक्ष्म रासायनिक गलतियां (त्रुटियां) हो जाती हैं। इन्हीं छोटी-छोटी त्रुटियों से विभिन्नताएं (Variations) पैदा होती हैं, जो लाखों सालों में एकत्रित होकर जैव विकास की नींव बनती हैं।
Q16. डार्विन के 'प्राकृतिक वरण सिद्धांत' (Natural Selection) के दो मुख्य बिंदु लिखिए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत के दो प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. जीवन संघर्ष (Struggle for Existence): प्रकृति में सीमित भोजन और आवास के कारण जीवों के बीच जीवित रहने के लिए निरंतर संघर्ष होता है।
2. योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the Fittest): जिस जीव में पर्यावरण के अनुकूल बेहतर विभिन्नताएं होती हैं, प्रकृति उसी को चुनती है (वह जीवित बचता है) और कमजोर जीव धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं।
1. जीवन संघर्ष (Struggle for Existence): प्रकृति में सीमित भोजन और आवास के कारण जीवों के बीच जीवित रहने के लिए निरंतर संघर्ष होता है।
2. योग्यतम की उत्तरजीविता (Survival of the Fittest): जिस जीव में पर्यावरण के अनुकूल बेहतर विभिन्नताएं होती हैं, प्रकृति उसी को चुनती है (वह जीवित बचता है) और कमजोर जीव धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं।
Q17. आणविक जातिवृत्त (Molecular Phylogeny) क्या है? यह मानव विकास को कैसे स्पष्ट करता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: विभिन्न जीवों के डीएनए (DNA) और प्रोटीनों की संरचना की तुलना करके उनके बीच के विकासवादी और पूर्वज संबंधों की खोज करना आणविक जातिवृत्त कहलाता है।
2. मानव विकास का प्रमाण: डीएनए की तुलना करने पर पाया गया है कि मनुष्य का डीएनए चिम्पांजी से लगभग 98% मिलता है, जिससे यह साबित होता है कि मनुष्य और चिम्पांजी के पूर्वज एक ही थे।
2. मानव विकास का प्रमाण: डीएनए की तुलना करने पर पाया गया है कि मनुष्य का डीएनए चिम्पांजी से लगभग 98% मिलता है, जिससे यह साबित होता है कि मनुष्य और चिम्पांजी के पूर्वज एक ही थे।
Q18. जीवाश्म की आयु ज्ञात करने की 'सापेक्ष विधि' और 'फॉसिल डेटिंग' में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. सापेक्ष विधि (Relative Method): जब जमीन खोदते समय जो जीवाश्म सतह के पास ऊपर मिलता है वह नया होता है और जो जीवाश्म गहराई में नीचे मिलता है वह अधिक प्राचीन होता है।
2. फॉसिल डेटिंग (कार्बन-14 विधि): इसमें जीवाश्म में उपस्थित रेडियोधर्मी कार्बन-14 (C-14) और साधारण कार्बन-12 के अनुपात का वैज्ञानिक मापन करके जीवाश्म की सटीक उम्र (हजारों/लाखों वर्ष) निकाली जाती है।
2. फॉसिल डेटिंग (कार्बन-14 विधि): इसमें जीवाश्म में उपस्थित रेडियोधर्मी कार्बन-14 (C-14) और साधारण कार्बन-12 के अनुपात का वैज्ञानिक मापन करके जीवाश्म की सटीक उम्र (हजारों/लाखों वर्ष) निकाली जाती है।
Q19. क्या एक तितली और एक चमगादड़ के पंखों को समजात अंग कहा जा सकता है? क्यों अथवा क्यों नहीं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: नहीं, इन्हें समजात अंग नहीं कहा जा सकता।
• कारण: चमगादड़ के पंख हड्डियों वाले अग्रपाद और उंगलियों के बीच फैली चमड़ी (त्वचा) से बने होते हैं, जबकि तितली के पंखों में कोई हड्डियां नहीं होतीं बल्कि वे पतली झिल्लियां होती हैं। इनकी आंतरिक रचना और उत्पत्ति बिल्कुल अलग है (ये समरूप/समवृत्ति अंग हैं, समजात नहीं)।
• कारण: चमगादड़ के पंख हड्डियों वाले अग्रपाद और उंगलियों के बीच फैली चमड़ी (त्वचा) से बने होते हैं, जबकि तितली के पंखों में कोई हड्डियां नहीं होतीं बल्कि वे पतली झिल्लियां होती हैं। इनकी आंतरिक रचना और उत्पत्ति बिल्कुल अलग है (ये समरूप/समवृत्ति अंग हैं, समजात नहीं)।
Q20. चमगादड़ और पक्षी दोनों उड़ते हैं, फिर भी चमगादड़ को पक्षी वर्ग में न रखकर स्तनधारी (Mammalia) में क्यों रखा गया है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर:
1. चमगादड़ अंडे नहीं देता, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देता है और मादा अपने बच्चों को स्तन ग्रंथियों से दूध पिलाती है।
2. इसके शरीर पर बाल पाए जाते हैं और इसके कान में बाहरी कर्णपल्लव (Pinna) होते हैं, जो स्तनधारी वर्ग के मौलिक लक्षण हैं। केवल उड़ने का काम समान होने से यह पक्षी नहीं बन जाता।
1. चमगादड़ अंडे नहीं देता, बल्कि सीधे बच्चों को जन्म देता है और मादा अपने बच्चों को स्तन ग्रंथियों से दूध पिलाती है।
2. इसके शरीर पर बाल पाए जाते हैं और इसके कान में बाहरी कर्णपल्लव (Pinna) होते हैं, जो स्तनधारी वर्ग के मौलिक लक्षण हैं। केवल उड़ने का काम समान होने से यह पक्षी नहीं बन जाता।
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. मेंडल के एक-संकरण क्रॉस (Monohybrid Cross) का रेखाचित्र सहित विस्तार से वर्णन करें। इससे कौन-से आनुवंशिक नियम प्राप्त हुए?
आसान उत्तर देखें
1. प्रयोग की विधि (एक-संकरण क्रॉस):
मेंडल ने एक जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले पौधों, यानी शुद्ध लंबे (TT) और शुद्ध बौने (tt) मटर के पौधों के बीच परागण कराया।
• प्रथम संतति पीढ़ी (F1 पीढ़ी):
TT × tt के क्रॉस से F1 पीढ़ी में सभी पौधे संकर लंबे (Tt) प्राप्त हुए। बौनेपन का गुण (t) यहां छिप गया।
• द्वितीय संतति पीढ़ी (F2 पीढ़ी):
जब F1 पीढ़ी के पौधों में स्व-परागण (Tt × Tt) कराया गया, तो F2 पीढ़ी में लंबे और बौने दोनों प्रकार के पौधे मिले:
- लक्षणप्ररूपी अनुपात (Phenotypic Ratio): 3 लंबे : 1 बौना (3 : 1)
- जीनप्ररूपी अनुपात (Genotypic Ratio): 1 TT (शुद्ध लंबा) : 2 Tt (संकर लंबा) : 1 tt (शुद्ध बौना) = 1 : 2 : 1
2. प्राप्त आनुवंशिक नियम:
• (i) प्रभाविता का नियम: F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण (लंबापन) ही प्रकट होता है, अप्रभावी (बौनापन) दब जाता है।
• (ii) पृथक्करण का नियम (युग्मकों की शुद्धता): युग्मक निर्माण के समय दोनों कारक (T और t) अलग-अलग हो जाते हैं, जिससे F2 पीढ़ी में बौनापन फिर से प्रकट हो जाता है।
मेंडल ने एक जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले पौधों, यानी शुद्ध लंबे (TT) और शुद्ध बौने (tt) मटर के पौधों के बीच परागण कराया।
• प्रथम संतति पीढ़ी (F1 पीढ़ी):
TT × tt के क्रॉस से F1 पीढ़ी में सभी पौधे संकर लंबे (Tt) प्राप्त हुए। बौनेपन का गुण (t) यहां छिप गया।
• द्वितीय संतति पीढ़ी (F2 पीढ़ी):
जब F1 पीढ़ी के पौधों में स्व-परागण (Tt × Tt) कराया गया, तो F2 पीढ़ी में लंबे और बौने दोनों प्रकार के पौधे मिले:
- लक्षणप्ररूपी अनुपात (Phenotypic Ratio): 3 लंबे : 1 बौना (3 : 1)
- जीनप्ररूपी अनुपात (Genotypic Ratio): 1 TT (शुद्ध लंबा) : 2 Tt (संकर लंबा) : 1 tt (शुद्ध बौना) = 1 : 2 : 1
2. प्राप्त आनुवंशिक नियम:
• (i) प्रभाविता का नियम: F1 पीढ़ी में केवल प्रभावी लक्षण (लंबापन) ही प्रकट होता है, अप्रभावी (बौनापन) दब जाता है।
• (ii) पृथक्करण का नियम (युग्मकों की शुद्धता): युग्मक निर्माण के समय दोनों कारक (T और t) अलग-अलग हो जाते हैं, जिससे F2 पीढ़ी में बौनापन फिर से प्रकट हो जाता है।
Q2. मानव में लिंग निर्धारण (Sex Determination in Humans) की संपूर्ण प्रक्रिया को स्पष्ट रेखाचित्र (Flowchart) की सहायता से समझाइए। सिद्ध कीजिए कि संतान के लिंग के लिए पिता उत्तरदायी होता है, माता नहीं।
आसान उत्तर देखें
1. गुणसूत्रों की संरचना:
मानव शरीर की प्रत्येक कोशिका में 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं। इनमें से 22 जोड़े ऑटोसोम (अलैंगिक) और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र होता है:
• स्त्री (माता): 44 + XX (दोनों लिंग गुणसूत्र एक जैसे होते हैं)।
• पुरुष (पिता): 44 + XY (एक बड़ा X और एक छोटा Y गुणसूत्र होता है)।
2. युग्मक निर्माण एवं निषेचन की प्रक्रिया:
• माता से बनने वाले सभी अंडाणुओं में केवल X गुणसूत्र ही होता है (22 + X)।
• पिता से बनने वाले शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं: 50% शुक्राणु X वाले (22 + X) और 50% शुक्राणु Y वाले (22 + Y)।
3. संभावना एवं परिणाम:
• जब X-अंडाणु का मिलन X-शुक्राणु से होता है → XX (लड़की) पैदा होती है (50% संभावना)।
• जब X-अंडाणु का मिलन Y-शुक्राणु से होता है → XY (लड़का) पैदा होता है (50% संभावना)।
4. निष्कर्ष: माता हमेशा केवल X गुणसूत्र ही दे सकती है। संतान लड़का होगी या लड़की, यह इस बात पर तय होता है कि पिता का कौन-सा शुक्राणु (X या Y) अंडाणु को निषेचित करता है। अतः लिंग निर्धारण के लिए पूर्णतः पिता का Y गुणसूत्र ही उत्तरदायी है।
मानव शरीर की प्रत्येक कोशिका में 23 जोड़े (46) गुणसूत्र होते हैं। इनमें से 22 जोड़े ऑटोसोम (अलैंगिक) और 1 जोड़ा लिंग गुणसूत्र होता है:
• स्त्री (माता): 44 + XX (दोनों लिंग गुणसूत्र एक जैसे होते हैं)।
• पुरुष (पिता): 44 + XY (एक बड़ा X और एक छोटा Y गुणसूत्र होता है)।
2. युग्मक निर्माण एवं निषेचन की प्रक्रिया:
• माता से बनने वाले सभी अंडाणुओं में केवल X गुणसूत्र ही होता है (22 + X)।
• पिता से बनने वाले शुक्राणु दो प्रकार के होते हैं: 50% शुक्राणु X वाले (22 + X) और 50% शुक्राणु Y वाले (22 + Y)।
3. संभावना एवं परिणाम:
• जब X-अंडाणु का मिलन X-शुक्राणु से होता है → XX (लड़की) पैदा होती है (50% संभावना)।
• जब X-अंडाणु का मिलन Y-शुक्राणु से होता है → XY (लड़का) पैदा होता है (50% संभावना)।
4. निष्कर्ष: माता हमेशा केवल X गुणसूत्र ही दे सकती है। संतान लड़का होगी या लड़की, यह इस बात पर तय होता है कि पिता का कौन-सा शुक्राणु (X या Y) अंडाणु को निषेचित करता है। अतः लिंग निर्धारण के लिए पूर्णतः पिता का Y गुणसूत्र ही उत्तरदायी है।
Q3. जैव विकास (Organic Evolution) किसे कहते हैं? जैव विकास के पक्ष में निम्नलिखित प्रमाणों की विस्तार से व्याख्या करें:
(i) समजात अंग (ii) समरूप अंग (iii) जीवाश्मीय प्रमाण
(i) समजात अंग (ii) समरूप अंग (iii) जीवाश्मीय प्रमाण
आसान उत्तर देखें
1. जैव विकास की परिभाषा:
करोड़ों वर्षों में अत्यंत सरल संरचना वाले प्राचीन जीवों से क्रमिक एवं धीमी गति से होने वाले परिवर्तनों द्वारा आज के जटिल जीवों के निर्माण की प्रक्रिया को जैव विकास कहते हैं।
2. जैव विकास के प्रमुख प्रमाण:
• (i) समजात अंगों से प्रमाण:
मनुष्य के हाथ, पक्षी के पंख और मेंढक के अग्रपाद की हड्डियों की आंतरिक बनावट बिल्कुल एक जैसी है, भले ही वे काम अलग-अलग करते हों। यह साबित करता है कि ये सभी जीव एक ही पूर्वज से विकसित होकर अलग-अलग पर्यावरण में फैले हैं।
• (ii) समरूप (समवृत्ति) अंगों से प्रमाण:
तितली के पंख और चमगादड़ के पंख काम तो उड़ने का करते हैं लेकिन उनकी मूल रचना और ऊतक भिन्न हैं। यह दर्शाता है कि अलग-अलग पूर्वजों वाले जीव भी समान वातावरण और आवश्यकता के अनुसार एक जैसी संरचनाएं विकसित कर लेते हैं।
• (iii) जीवाश्मों से प्रमाण:
पृथ्वी की चट्टानों में दबे प्राचीन जीवों के अवशेष (जीवाश्म) विकास का सीधा ऐतिहासिक रिकॉर्ड देते हैं। उदाहरण के लिए, आर्कियोप्टेरिक्स के जीवाश्म में चोंच और पंखों के साथ-साथ सरीसृपों जैसी पूंछ और दांत भी थे, जिससे सिद्ध होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (रेंगने वाले जंतुओं) से हुआ है।
करोड़ों वर्षों में अत्यंत सरल संरचना वाले प्राचीन जीवों से क्रमिक एवं धीमी गति से होने वाले परिवर्तनों द्वारा आज के जटिल जीवों के निर्माण की प्रक्रिया को जैव विकास कहते हैं।
2. जैव विकास के प्रमुख प्रमाण:
• (i) समजात अंगों से प्रमाण:
मनुष्य के हाथ, पक्षी के पंख और मेंढक के अग्रपाद की हड्डियों की आंतरिक बनावट बिल्कुल एक जैसी है, भले ही वे काम अलग-अलग करते हों। यह साबित करता है कि ये सभी जीव एक ही पूर्वज से विकसित होकर अलग-अलग पर्यावरण में फैले हैं।
• (ii) समरूप (समवृत्ति) अंगों से प्रमाण:
तितली के पंख और चमगादड़ के पंख काम तो उड़ने का करते हैं लेकिन उनकी मूल रचना और ऊतक भिन्न हैं। यह दर्शाता है कि अलग-अलग पूर्वजों वाले जीव भी समान वातावरण और आवश्यकता के अनुसार एक जैसी संरचनाएं विकसित कर लेते हैं।
• (iii) जीवाश्मों से प्रमाण:
पृथ्वी की चट्टानों में दबे प्राचीन जीवों के अवशेष (जीवाश्म) विकास का सीधा ऐतिहासिक रिकॉर्ड देते हैं। उदाहरण के लिए, आर्कियोप्टेरिक्स के जीवाश्म में चोंच और पंखों के साथ-साथ सरीसृपों जैसी पूंछ और दांत भी थे, जिससे सिद्ध होता है कि पक्षियों का विकास सरीसृपों (रेंगने वाले जंतुओं) से हुआ है।
Q4. मेंडल के द्वि-संकरण क्रॉस (Dihybrid Cross) की व्याख्या करें। इस प्रयोग के आधार पर प्रतिपादित 'स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम' (Law of Independent Assortment) को समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. द्वि-संकरण क्रॉस का प्रयोग:
मेंडल ने एक साथ दो जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले मटर के पौधों के बीच क्रॉस कराया:
• जनक पीढ़ी: गोल व पीले बीज वाले शुद्ध पौधे (RRYY) × झुर्रीदार व हरे बीज वाले पौधे (rryy)।
• F1 पीढ़ी: क्रॉस कराने पर F1 पीढ़ी में सभी पौधे गोल व पीले बीज (RrYy) वाले प्राप्त हुए।
• F2 पीढ़ी में परिणाम (स्व-परागण द्वारा):
F1 पौधों में स्व-परागण कराने पर चार अलग-अलग प्रकार के बीजों वाले पौधे 9 : 3 : 3 : 1 के अनुपात में मिले:
1. गोल और पीले बीज = 9
2. गोल और हरे बीज = 3 (नया संयोजन)
3. झुर्रीदार और पीले बीज = 3 (नया संयोजन)
4. झुर्रीदार और हरे बीज = 1
2. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम:
जब दो या दो से अधिक जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले पौधों में संकरण कराया जाता है, तो किसी एक लक्षण की वंशागति (जैसे बीज का आकार - गोल/झुर्रीदार) दूसरे लक्षण की वंशागति (जैसे बीज का रंग - पीला/हरा) से पूरी तरह स्वतंत्र होती है। जीन स्वतंत्र रूप से एक-दूसरे के साथ नए-नए संयोजन बना सकते हैं।
मेंडल ने एक साथ दो जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले मटर के पौधों के बीच क्रॉस कराया:
• जनक पीढ़ी: गोल व पीले बीज वाले शुद्ध पौधे (RRYY) × झुर्रीदार व हरे बीज वाले पौधे (rryy)।
• F1 पीढ़ी: क्रॉस कराने पर F1 पीढ़ी में सभी पौधे गोल व पीले बीज (RrYy) वाले प्राप्त हुए।
• F2 पीढ़ी में परिणाम (स्व-परागण द्वारा):
F1 पौधों में स्व-परागण कराने पर चार अलग-अलग प्रकार के बीजों वाले पौधे 9 : 3 : 3 : 1 के अनुपात में मिले:
1. गोल और पीले बीज = 9
2. गोल और हरे बीज = 3 (नया संयोजन)
3. झुर्रीदार और पीले बीज = 3 (नया संयोजन)
4. झुर्रीदार और हरे बीज = 1
2. स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम:
जब दो या दो से अधिक जोड़ी विरोधी लक्षणों वाले पौधों में संकरण कराया जाता है, तो किसी एक लक्षण की वंशागति (जैसे बीज का आकार - गोल/झुर्रीदार) दूसरे लक्षण की वंशागति (जैसे बीज का रंग - पीला/हरा) से पूरी तरह स्वतंत्र होती है। जीन स्वतंत्र रूप से एक-दूसरे के साथ नए-नए संयोजन बना सकते हैं।
