अध्याय 3: धातु एवं अधातु (Metals & Non-metals)
VVI Objective Questions (className 10th Chemistry)
Q1. कमरे के ताप पर द्रव (तरल) अवस्था में पाई जाने वाली एकमात्र धातु कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पारा (Mercury - Hg)
Q2. कमरे के ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाने वाली एकमात्र अधातु कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ब्रोमीन (Bromine - Br)
Q3. सबसे अधिक आघातवर्ध्य (पीटकर पतली चादर बनाने योग्य) और तन्य (तार खींचने योग्य) धातु कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सोना (Gold - Au) (1 ग्राम सोने से लगभग 2 किमी लंबा तार खींचा जा सकता है)
Q4. कौन-सी धातु इतनी मुलायम होती है कि उसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सोडियम (Na) और पोटैशियम (K)
Q5. सोडियम और पोटैशियम को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
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सही उत्तर: (A) अत्यधिक क्रियाशील होने के कारण हवा और पानी में आग पकड़ लेती हैं
Q6. वह कौन-सी अधातु है जो चमकीली (Lustrous) होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) आयोडीन (Iodine)
Q7. वह कौन-सी अधातु है जो विद्युत की सुचालक (Good Conductor) होती है?
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सही उत्तर: (A) ग्रेफाइट (कार्बन का अपररूप)
Q8. प्रकृति का सबसे कठोरतम प्राकृतिक पदार्थ कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) हीरा (Diamond)
Q9. सीसा (Lead) और पारा (Mercury) ऊष्मा के कैसे चालक हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ऊष्मा के कुचालक (कमजोर चालक)
Q10. विद्युत और ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक धातु कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) चांदी (Silver - Ag)
Q11. उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxide - अम्ल और क्षार दोनों से क्रिया करने वाला) का उदाहरण कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) और जिंक ऑक्साइड (ZnO)
Q12. एक्वारेजिया (अम्लराज) में सांद्र HCl और सांद्र HNO₃ का अनुपात कितना होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 3 : 1 (3 भाग सांद्र HCl और 1 भाग सांद्र HNO₃)
Q13. सिनेबार (Cinnabar) किस धातु का प्रमुख अयस्क है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पारा (Mercury - HgS)
Q14. बॉक्साइट (Bauxite) किस धातु का मुख्य अयस्क है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एल्युमिनियम (Al - Al₂O₃·2H₂O)
Q15. हेमेटाइट (Hematite - Fe₂O₃) किस धातु का अयस्क है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) लोहा (Iron - Fe)
Q16. शुद्ध सोना कितने कैरेट (Carat) का होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 24 कैरेट (गहने बनाने के लिए प्रायः 22 कैरेट सोने का उपयोग होता है)
Q17. कौन-सी अधातु कमरे के ताप पर ठोस अवस्था में पाई जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कार्बन, सल्फर और आयोडीन
Q18. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) में सबसे अधिक क्रियाशील धातु कौन-सी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) पोटैशियम (K)
Q19. सक्रियता श्रेणी में सबसे कम क्रियाशील धातु कौन-सी है जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सोना (Au) और प्लैटिनम (Pt)
Q20. अयस्क में उपस्थित अवांछनीय अशुद्धियों (जैसे रेत, कंकड़, मिट्टी) को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) गैंग (Gangue)
Q21. सल्फाइड अयस्कों को वायु की उपस्थिति में तेज गर्म करके ऑक्साइड में बदलना क्या कहलाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) भर्जन (Roasting)
Q22. कार्बोनेट अयस्कों को वायु की सीमित मात्रा (अनुपस्थिति) में गर्म करना क्या कहलाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) निस्तापन (Calcination)
Q23. पीतल (Brass) किन धातुओं का मिश्रधातु है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) तांबा और जस्ता (Cu + Zn - लगभग 70% Cu और 30% Zn)
Q24. कांसा (Bronze) किन धातुओं का मिश्रधातु होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) तांबा और टिन (Cu + Sn - लगभग 90% Cu और 10% Sn)
Q25. बिजली के तारों को जोड़ने वाला सोल्डर (टांका) किन धातुओं का मिश्रधातु है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सीसा और टिन (Pb + Sn - इसका गलनांक बहुत कम होता है)
Q26. यदि किसी मिश्रधातु में एक धातु पारा (Mercury) हो, तो उसे क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अमलगम (Amalgam)
Q27. आयनिक यौगिकों (जैसे NaCl) का गलनांक और क्वथनांक कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बहुत उच्च (High) होता है (मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण बल के कारण)
Q28. लोहे को जंग से बचाने के लिए उस पर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाने की विधि क्या कहलाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) यशदलेपन (Galvanisation)
Q29. एनोडीकरण (Anodising) प्रक्रम में किस धातु पर मोटी ऑक्साइड की रक्षात्मक परत बनाई जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एल्युमिनियम (Al)
Q30. थर्मिट अभिक्रिया (Thermite Reaction) में टूटी रेल की पटरियों को जोड़ने के लिए आयरन ऑक्साइड की क्रिया किससे कराई जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एल्युमिनियम चूर्ण (Al) से
Q31. निम्नलिखित में से कौन-सी धातु ठंडे जल के साथ बहुत तेजी से और विस्फोटक रूप से क्रिया करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सोडियम (Na) और पोटैशियम (K)
Q32. कौन-सी धातु न तो ठंडे जल से और न ही गर्म जल से, बल्कि केवल भाप (Steam) से क्रिया करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) लोहा (Fe) और एल्युमिनियम (Al)
Q33. कौन-सी धातु जल के साथ बिल्कुल भी अभिक्रिया नहीं करती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सीसा (Pb), तांबा (Cu), चांदी (Ag) और सोना (Au)
Q34. धातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः किस प्रकृति के होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) क्षारीय (Basic) (अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय होते हैं)
Q35. अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतः किस प्रकृति के होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अम्लीय (Acidic - जैसे SO₂, CO₂)
Q36. स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) किन-किन तत्वों का मिश्रधातु है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) लोहा, निकेल, क्रोमियम और कार्बन (Fe + Ni + Cr + C)
Q37. शुद्ध लोहे में लगभग 0.05% कार्बन क्यों मिलाया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) इसे कठोर और मजबूत बनाने के लिए (शुद्ध लोहा बहुत नर्म होता है)
Q38. कौन-सी धातु हथेली पर रखने पर ही अपने आप पिघलने लगती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) गैलियम (Ga) और सीजियम (Cs) (इनका गलनांक बहुत कम होता है)
Q39. आयनिक यौगिक (जैसे NaCl, MgCl₂) किस अवस्था में विद्युत का चालन करते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) केवल गलित अवस्था या जलीय घोल में (मुक्त आयनों के कारण)
Q40. अयस्क से धातु प्राप्त करने और उसके शुद्धिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) धातुकर्म (Metallurgy)
Q41. तांबे के बर्तन को खुली हवा में रखने पर उस पर हरे रंग की परत क्यों जम जाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बेसिक कॉपर कार्बोनेट [CuCO₃·Cu(OH)₂] बनने के कारण
Q42. चांदी की वस्तुएं हवा में खुली रहने पर कुछ दिनों बाद काली क्यों पड़ जाती हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सिल्वर सल्फाइड (Ag₂S) की परत बनने के कारण
Q43. आभूषण बनाने के लिए 24 कैरेट के स्थान पर 22 कैरेट सोने का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 24 कैरेट सोना बहुत मुलायम होता है, तांबा/चांदी मिलाकर उसे कठोर बनाया जाता है
Q44. धातुओं को आपस में टकराने पर जो विशेष गूंजने वाली ध्वनि उत्पन्न होती है, उसे क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ध्वानिक (Sonorous - स्कूल की घंटी धातु की बनाई जाती है)
Q45. निम्नलिखित में से कौन-सा युगल विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction) प्रदर्शित करेगा?
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सही उत्तर: (A) AgNO₃ घोल एवं कॉपर धातु (Cu) (क्योंकि Cu, Ag से अधिक सक्रिय है)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. आघातवर्ध्यता (Malleability) और तन्यता (Ductility) किसे कहते हैं? सबसे आघातवर्ध्य धातु कौन-सी है?
आसान उत्तर देखें
1. आघातवर्ध्यता: धातुओं को हथौड़े से पीट-पीटकर बिना तोड़े पतली चादर बनाने के गुण को आघातवर्ध्यता कहते हैं।
2. तन्यता: धातुओं को खींचकर पतले लंबे तार बनाने के गुण को तन्यता कहते हैं।
• सोना (Gold) और चांदी (Silver) सबसे अधिक आघातवर्ध्य और तन्य धातुएं हैं (1 ग्राम सोने से लगभग 2 किमी लंबा तार खींचा जा सकता है)।
2. तन्यता: धातुओं को खींचकर पतले लंबे तार बनाने के गुण को तन्यता कहते हैं।
• सोना (Gold) और चांदी (Silver) सबसे अधिक आघातवर्ध्य और तन्य धातुएं हैं (1 ग्राम सोने से लगभग 2 किमी लंबा तार खींचा जा सकता है)।
Q2. सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातुएं हैं। यदि इन्हें खुली हवा में रखा जाए, तो ये हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के साथ तुरंत क्रिया करके बहुत तेजी से आग पकड़ लेती हैं। दुर्घटना से बचने और सुरक्षित रखने के लिए इन्हें मिट्टी के तेल में डुबोकर रखा जाता है क्योंकि ये केरोसिन से कोई क्रिया नहीं करती हैं।
Q3. उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides) क्या होते हैं? दो उदाहरण और समीकरण दीजिए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: वे धातु ऑक्साइड जो अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं, उन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं।
• दो मुख्य उदाहरण: 1. एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃), 2. जिंक ऑक्साइड (ZnO)
• अम्ल के साथ क्रिया: Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O
• क्षार के साथ क्रिया: Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ (सोडियम एल्युमिनेट) + H₂O
• दो मुख्य उदाहरण: 1. एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃), 2. जिंक ऑक्साइड (ZnO)
• अम्ल के साथ क्रिया: Al₂O₃ + 6HCl → 2AlCl₃ + 3H₂O
• क्षार के साथ क्रिया: Al₂O₃ + 2NaOH → 2NaAlO₂ (सोडियम एल्युमिनेट) + H₂O
Q4. एनोडीकरण (Anodising) क्या है? इसका क्या फायदा है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: एल्युमिनियम धातु की सतह पर विद्युत अपघटन द्वारा एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al₂O₃) की एक मोटी और मजबूत रक्षात्मक परत चढ़ाने की विधि को एनोडीकरण कहते हैं।
फायदा: यह परत एल्युमिनियम को आगे जंग (संक्षारण) लगने से पूरी तरह बचाती है और इसे आसानी से रंगकर सुंदर व टिकाऊ बर्तन/सामान बनाए जा सकते हैं।
फायदा: यह परत एल्युमिनियम को आगे जंग (संक्षारण) लगने से पूरी तरह बचाती है और इसे आसानी से रंगकर सुंदर व टिकाऊ बर्तन/सामान बनाए जा सकते हैं।
Q5. एक्वारेजिया (अम्लराज / Royal Water) क्या है? इसका क्या उपयोग है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: 3 भाग सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और 1 भाग सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) के ताजे मिश्रण को एक्वारेजिया (अनुपात 3:1) कहते हैं।
उपयोग: यह इतना शक्तिशाली और संक्षारक द्रव है कि यह अक्रिय धातुओं जैसे सोना (Gold) और प्लैटिनम (Platinum) को भी अपने अंदर पूरी तरह घोल (पिघला) देता है। सुनार इसका उपयोग गहनों की सफाई में करते हैं।
उपयोग: यह इतना शक्तिशाली और संक्षारक द्रव है कि यह अक्रिय धातुओं जैसे सोना (Gold) और प्लैटिनम (Platinum) को भी अपने अंदर पूरी तरह घोल (पिघला) देता है। सुनार इसका उपयोग गहनों की सफाई में करते हैं।
Q6. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) किसे कहते हैं? इसमें सबसे ऊपर और सबसे नीचे कौन-सी धातुएं हैं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: वह तालिका जिसमें विभिन्न धातुओं को उनकी क्रियाशीलता (अभिक्रिया करने की ताकत) के घटते क्रम (अवरोही क्रम) में सजाया गया है, उसे धातुओं की सक्रियता श्रेणी कहते हैं।
• सबसे ऊपर (सबसे तेज क्रियाशील): पोटैशियम (K) और सोडियम (Na)
• सबसे नीचे (सबसे कम क्रियाशील/मुक्त अवस्था): सोना (Au) और प्लैटिनम (Pt)
• सबसे ऊपर (सबसे तेज क्रियाशील): पोटैशियम (K) और सोडियम (Na)
• सबसे नीचे (सबसे कम क्रियाशील/मुक्त अवस्था): सोना (Au) और प्लैटिनम (Pt)
Q7. खनिज (Minerals) और अयस्क (Ores) में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. खनिज: पृथ्वी की भू-पर्पटी (जमीन के अंदर) में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक तत्वों या यौगिकों को खनिज कहते हैं।
2. अयस्क: वे विशेष खनिज जिनमें किसी धातु की मात्रा बहुत अधिक होती है और जिनसे उस धातु को आसानी से और कम खर्चे (लाभदायक तरीके) में निकाला जा सकता है, उन्हें अयस्क कहते हैं।
"सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।"
2. अयस्क: वे विशेष खनिज जिनमें किसी धातु की मात्रा बहुत अधिक होती है और जिनसे उस धातु को आसानी से और कम खर्चे (लाभदायक तरीके) में निकाला जा सकता है, उन्हें अयस्क कहते हैं।
"सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।"
Q8. भर्जन (Roasting) और निस्तापन (Calcination) में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. भर्जन (Roasting): सल्फाइड अयस्क को हवा (ऑक्सीजन) की मौजूदगी में तेज गर्म करके ऑक्साइड में बदलना भर्जन कहलाता है।
• 2ZnS + 3O₂ —गर्म→ 2ZnO + 2SO₂↑
2. निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट अयस्क को हवा की अनुपस्थिति (सीमित मात्रा) में गर्म करके ऑक्साइड में बदलना निस्तापन कहलाता है।
• ZnCO₃ —गर्म→ ZnO + CO₂↑
• 2ZnS + 3O₂ —गर्म→ 2ZnO + 2SO₂↑
2. निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट अयस्क को हवा की अनुपस्थिति (सीमित मात्रा) में गर्म करके ऑक्साइड में बदलना निस्तापन कहलाता है।
• ZnCO₃ —गर्म→ ZnO + CO₂↑
Q9. गैंग (Gangue) और धातुमल (Slag) किसे कहते हैं?
आसान उत्तर देखें
1. गैंग: खदान से निकाले गए अयस्क में मिली हुई अशुद्धियों जैसे रेत, कंकड़, मिट्टी और चूना-पत्थर को गैंग कहते हैं।
2. धातुमल: अयस्क से अशुद्धियों को बाहर निकालने के लिए उसमें जो पदार्थ (गालक / Flux) मिलाया जाता है, वह गैंग से क्रिया करके एक पिघला हुआ हल्का पदार्थ बनाता है जिसे धातुमल कहते हैं। यह धातु के ऊपर तैरता है और अलग कर लिया जाता है।
• गालक (Flux) + गैंग (Gangue) = धातुमल (Slag)
2. धातुमल: अयस्क से अशुद्धियों को बाहर निकालने के लिए उसमें जो पदार्थ (गालक / Flux) मिलाया जाता है, वह गैंग से क्रिया करके एक पिघला हुआ हल्का पदार्थ बनाता है जिसे धातुमल कहते हैं। यह धातु के ऊपर तैरता है और अलग कर लिया जाता है।
• गालक (Flux) + गैंग (Gangue) = धातुमल (Slag)
Q10. आयनिक यौगिक (Ionic Compounds) किसे कहते हैं? इनके गलनांक बहुत उच्च क्यों होते हैं?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: धातु से अधातु में इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण (लेन-देन) से बनने वाले यौगिकों को आयनिक यौगिक या वैद्युत-संयोजक यौगिक कहते हैं (जैसे: NaCl, MgCl₂)।
2. उच्च गलनांक का कारण: इन यौगिकों में धन आयन (Na⁺) और ऋण आयन (Cl⁻) के बीच बहुत ही मजबूत स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल होता है। इस मजबूत जोड़ को तोड़ने के लिए बहुत ज्यादा ऊष्मा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, इसलिए इनके गलनांक और क्वथनांक काफी ऊंचे होते हैं।
2. उच्च गलनांक का कारण: इन यौगिकों में धन आयन (Na⁺) और ऋण आयन (Cl⁻) के बीच बहुत ही मजबूत स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल होता है। इस मजबूत जोड़ को तोड़ने के लिए बहुत ज्यादा ऊष्मा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, इसलिए इनके गलनांक और क्वथनांक काफी ऊंचे होते हैं।
Q11. आयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत का चालन क्यों नहीं करते, जबकि पिघली हुई या जलीय अवस्था में करते हैं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: ठोस अवस्था में धन आयन और ऋण आयन मजबूत आकर्षण बल से कसकर बंधे होते हैं और गति नहीं कर सकते, इसलिए बिजली नहीं बहती।
जब इन्हें पानी में घोला जाता है या पिघलाया जाता है, तो यह बंधन टूट जाता है और आयन चलने-फिरने के लिए पूरी तरह आजाद हो जाते हैं। इन्हीं तैरते हुए आयनों के कारण विद्युत का चालन होने लगता है।
जब इन्हें पानी में घोला जाता है या पिघलाया जाता है, तो यह बंधन टूट जाता है और आयन चलने-फिरने के लिए पूरी तरह आजाद हो जाते हैं। इन्हीं तैरते हुए आयनों के कारण विद्युत का चालन होने लगता है।
Q12. शुद्ध सोना 24 कैरेट का होता है, फिर भी गहने बनाने के लिए 22 कैरेट सोने का उपयोग क्यों किया जाता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: 24 कैरेट का शुद्ध सोना बहुत ज्यादा नरम और लचीला होता है। इससे बने गहने हाथ लगाने या गिरने पर आसानी से मुड़ जाते हैं या टूट जाते हैं।
इसलिए 22 भाग शुद्ध सोने में 2 भाग तांबा या चांदी मिलाकर (22 कैरेट) उसे कठोर और मजबूत बनाया जाता है, ताकि गहने लंबे समय तक सही आकार में टिके रहें।
इसलिए 22 भाग शुद्ध सोने में 2 भाग तांबा या चांदी मिलाकर (22 कैरेट) उसे कठोर और मजबूत बनाया जाता है, ताकि गहने लंबे समय तक सही आकार में टिके रहें।
Q13. मिश्रधातु (Alloy) किसे कहते हैं? इसके दो प्रमुख लाभ और दो उदाहरण लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: दो या दो से अधिक धातुओं (या एक धातु और अधातु) के एकसमान (समांगी) मिश्रण को मिश्रधातु कहते हैं।
2. दो मुख्य लाभ:
• मिश्रधातुएं शुद्ध धातु से ज्यादा कठोर और मजबूत होती हैं।
• इन पर आसानी से जंग (संक्षारण) नहीं लगता।
3. दो उदाहरण:
• पीतल (Brass): तांबा + जस्ता (Cu + Zn)
• स्टेनलेस स्टील: लोहा + निकेल + क्रोमियम + कार्बन
2. दो मुख्य लाभ:
• मिश्रधातुएं शुद्ध धातु से ज्यादा कठोर और मजबूत होती हैं।
• इन पर आसानी से जंग (संक्षारण) नहीं लगता।
3. दो उदाहरण:
• पीतल (Brass): तांबा + जस्ता (Cu + Zn)
• स्टेनलेस स्टील: लोहा + निकेल + क्रोमियम + कार्बन
Q14. लोहे को जंग से बचाने के दो सबसे आसान और प्रभावी उपाय बताइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर:
1. यशदलेपन (Galvanisation): लोहे की सतह पर पिघले हुए जस्ते (Zinc) की पतली परत चढ़ा दी जाती है। जिंक की परत हवा और पानी को लोहे तक पहुंचने से रोकती है।
2. पेंट या ग्रीस लगाकर: लोहे की चीजों पर नियमित पेंट करने से हवा की नमी और ऑक्सीजन का सीधा संपर्क टूट जाता है और जंग नहीं लगती।
1. यशदलेपन (Galvanisation): लोहे की सतह पर पिघले हुए जस्ते (Zinc) की पतली परत चढ़ा दी जाती है। जिंक की परत हवा और पानी को लोहे तक पहुंचने से रोकती है।
2. पेंट या ग्रीस लगाकर: लोहे की चीजों पर नियमित पेंट करने से हवा की नमी और ऑक्सीजन का सीधा संपर्क टूट जाता है और जंग नहीं लगती।
Q15. थर्मिट अभिक्रिया (Thermite Reaction) क्या है? इसका उपयोग कहाँ होता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃) की क्रिया एल्युमिनियम पाउडर से कराई जाती है, तो बहुत भारी मात्रा में ऊष्मा (गर्मी) निकलती है और लोहा पिघली हुई तरल अवस्था में मिलता है। इसे थर्मिट अभिक्रिया कहते हैं।
• समीकरण: Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe (पिघला लोहा) + Al₂O₃ + भारी ऊष्मा
• उपयोग: रेलवे की टूटी पटरियों और भारी मशीनों की दरारों को जोड़ने (वेल्डिंग करने) में।
• समीकरण: Fe₂O₃ + 2Al → 2Fe (पिघला लोहा) + Al₂O₃ + भारी ऊष्मा
• उपयोग: रेलवे की टूटी पटरियों और भारी मशीनों की दरारों को जोड़ने (वेल्डिंग करने) में।
Q16. अमलगम (Amalgam) और सोल्डर (Solder) किसे कहते हैं?
आसान उत्तर देखें
1. अमलगम: यदि किसी मिश्रधातु में एक धातु पारा (Mercury - Hg) हो, तो उस मिश्रधातु को अमलगम कहते हैं (जैसे: सोडियम अमलगम, जिंक अमलगम)।
2. सोल्डर (टांका): यह सीसा और टिन (Pb + Sn) की एक ऐसी मिश्रधातु है जिसका गलनांक बहुत कम होता है। इसका उपयोग बिजली के टूटे तारों को जोड़ने (टांका लगाने) में होता है।
2. सोल्डर (टांका): यह सीसा और टिन (Pb + Sn) की एक ऐसी मिश्रधातु है जिसका गलनांक बहुत कम होता है। इसका उपयोग बिजली के टूटे तारों को जोड़ने (टांका लगाने) में होता है।
Q17. गर्म जल का टैंक बनाने में तांबे (Copper) का उपयोग होता है, लेकिन इस्पात (स्टील/लोहा) का नहीं, क्यों?
आसान उत्तर देखें
उत्तर:
1. तांबा (Copper) ठंडे पानी, गर्म पानी या भाप किसी के साथ भी कोई रासायनिक क्रिया नहीं करता और उस पर जंग नहीं लगता।
2. जबकि लोहा (इस्पात) गर्म पानी की भाप से बहुत तेजी से क्रिया करके आयरन ऑक्साइड बना लेता है और टैंक जल्दी सड़कर खराब हो जाता है।
3. तांबा ऊष्मा का लोहे से कहीं बेहतर सुचालक है, जिससे पानी जल्दी गर्म होता है।
1. तांबा (Copper) ठंडे पानी, गर्म पानी या भाप किसी के साथ भी कोई रासायनिक क्रिया नहीं करता और उस पर जंग नहीं लगता।
2. जबकि लोहा (इस्पात) गर्म पानी की भाप से बहुत तेजी से क्रिया करके आयरन ऑक्साइड बना लेता है और टैंक जल्दी सड़कर खराब हो जाता है।
3. तांबा ऊष्मा का लोहे से कहीं बेहतर सुचालक है, जिससे पानी जल्दी गर्म होता है।
Q18. स्कूल की घंटियाँ और वाद्य यंत्र (जैसे मंजीरा, घंटी) धातु के ही क्यों बनाए जाते हैं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: धातुओं में एक विशेष भौतिक गुण ध्वानिक (Sonorous) होता है। जब किसी धातु को किसी ठोस वस्तु से पीटा या टकराया जाता है, तो वह एक गूंजने वाली, तेज और सुरीली आवाज पैदा करती है। अधातुएं पीटने पर ऐसी गूंज नहीं देतीं, इसलिए स्कूल की घंटियां धातु की बनाई जाती हैं।
Q19. जिंक को आयरन (II) सल्फेट (FeSO₄) के घोल में डालने पर क्या होता है? समीकरण लिखें।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: सक्रियता श्रेणी में जिंक (Zn), लोहे (Fe) से अधिक क्रियाशील है। इसलिए जब जिंक को हल्के हरे रंग के फेरस सल्फेट घोल में डाला जाता है, तो जिंक लोहे को घोल से बाहर निकाल देता है और रंगहीन जिंक सल्फेट (ZnSO₄) बना लेता है।
• समीकरण: Zn + FeSO₄ (हल्का हरा) → ZnSO₄ (रंगहीन) + Fe (लोहा)
• समीकरण: Zn + FeSO₄ (हल्का हरा) → ZnSO₄ (रंगहीन) + Fe (लोहा)
Q20. धातुओं के निष्कर्षण में विद्युत अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) क्या है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: अशुद्ध धातु से 99.9% शुद्ध धातु प्राप्त करने की बिजली वाली विधि को विद्युत अपघटनी परिष्करण कहते हैं (जैसे तांबे की शुद्धि)।
• इसमें अशुद्ध धातु की मोटी प्लेट को एनोड (+ ध्रुव) बनाया जाता है।
• शुद्ध धातु की पतली पत्ती को कैथोड (- ध्रुव) बनाया जाता है।
• करंट बहाने पर एनोड से शुद्ध धातु घुलकर कैथोड पर जमा हो जाती है और अशुद्धियां एनोड के नीचे 'एनोड पंक' के रूप में बैठ जाती हैं।
• इसमें अशुद्ध धातु की मोटी प्लेट को एनोड (+ ध्रुव) बनाया जाता है।
• शुद्ध धातु की पतली पत्ती को कैथोड (- ध्रुव) बनाया जाता है।
• करंट बहाने पर एनोड से शुद्ध धातु घुलकर कैथोड पर जमा हो जाती है और अशुद्धियां एनोड के नीचे 'एनोड पंक' के रूप में बैठ जाती हैं।
अंतर स्पष्ट करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (5-5 बिंदु)
Q. धातु (Metals) और अधातु (Non-metals) के भौतिक गुणों में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | धातु (Metals) | अधातु (Non-metals) |
|---|---|---|
| 1. | ये आघातवर्ध्य और तन्य होती हैं (चादर व तार बन सकते हैं)। | ये भंगुर होती हैं (चोट मारने पर चूरा-चूरा हो जाती हैं)। |
| 2. | ऊष्मा और विद्युत की अच्छी सुचालक होती हैं। | ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं (ग्रेफाइट को छोड़कर)। |
| 3. | इनमें एक विशेष धात्विक चमक होती है। | ये चमकहीन होती हैं (आयोडीन और हीरा को छोड़कर)। |
| 4. | ये टकराने पर गूंजने वाली ध्वनि (ध्वानिक) देती हैं। | ये टकराने पर कोई गूंजने वाली ध्वनि नहीं देतीं। |
| 5. | पारा को छोड़कर सभी कमरे के ताप पर ठोस हैं। | ये ठोस, द्रव (ब्रोमीन) और गैस तीनों रूपों में मिलती हैं। |
Q. धातु एवं अधातु के रासायनिक गुणों में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | धातु के रासायनिक गुण | अधातु के रासायनिक गुण |
|---|---|---|
| 1. | इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन (Cation) बनाती हैं। | इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋण आयन (Anion) बनाती हैं। |
| 2. | इनके ऑक्साइड सामान्यतः क्षारीय (Basic) होते हैं। | इनके ऑक्साइड सामान्यतः अम्लीय (Acidic) होते हैं। |
| 3. | तनु अम्लों से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस (H₂) देती हैं। | तनु अम्लों के साथ क्रिया करके H₂ गैस नहीं देतीं। |
| 4. | ये अपचायक (Reducing Agent) के रूप में कार्य करती हैं। | ये ऑक्सीकारक (Oxidising Agent) के रूप में कार्य करती हैं। |
| 5. | क्लोरीन के साथ आयनिक क्लोराइड बनाती हैं। | क्लोरीन के साथ सहसंयोजक क्लोराइड बनाती हैं। |
Q. खनिज (Minerals) और अयस्क (Ores) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | खनिज (Minerals) | अयस्क (Ores) |
|---|---|---|
| 1. | जमीन के अंदर प्राकृतिक रूप से मिलने वाले ठोस पदार्थ। | वे खनिज जिनसे धातु लाभदायक व सस्ते में निकाली जाए। |
| 2. | इनमें धातु की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है। | इनमें धातु की प्रतिशत मात्रा हमेशा बहुत अधिक होती है। |
| 3. | सभी खनिजों से धातु निकालना सस्ता नहीं होता। | अयस्क से धातु निकालना हमेशा आर्थिक रूप से फायदेमंद होता है। |
| 4. | सभी खनिज अयस्क नहीं होते हैं। | सभी अयस्क अनिवार्य रूप से खनिज होते हैं। |
| 5. | उदा. चिकनी मिट्टी (Clay) एल्युमिनियम का खनिज है। | उदा. बॉक्साइट (Bauxite) एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क है। |
Q. भर्जन (Roasting) एवं निस्तापन (Calcination) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | भर्जन (Roasting) | निस्तापन (Calcination) |
|---|---|---|
| 1. | यह वायु (ऑक्सीजन) की उपस्थिति में होता है। | यह वायु की अनुपस्थिति या सीमित मात्रा में होता है। |
| 2. | यह प्रायः सल्फाइड अयस्कों (जैसे ZnS) के लिए होता है। | यह प्रायः कार्बोनेट व हाइड्रेटेड अयस्कों के लिए होता है। |
| 3. | इसमें सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) गैस निकलती है। | इसमें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस निकलती है। |
| 4. | अयस्क से सल्फर व आर्सेनिक अशुद्धियां उड़ जाती हैं। | अयस्क से नमी और वाष्पशील कार्बनिक अशुद्धियां दूर होती हैं। |
| 5. | 2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂↑ | ZnCO₃ → ZnO + CO₂↑ |
Q. आयनिक यौगिक (Electrovalent) एवं सहसंयोजक यौगिक (Covalent) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | आयनिक यौगिक (जैसे NaCl) | सहसंयोजक यौगिक (जैसे CH₄) |
|---|---|---|
| 1. | इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण (लेन-देन) से बनते हैं। | इलेक्ट्रॉनों के बराबर साझा (Sharing) करने से बनते हैं। |
| 2. | इनके गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होते हैं। | इनके गलनांक और क्वथनांक अपेक्षाकृत कम होते हैं। |
| 3. | ये सामान्यतः कठोर और ठोस क्रिस्टल रूप में होते हैं। | ये प्रायः गैस, द्रव या नर्म ठोस अवस्था में होते हैं। |
| 4. | जल में घुलनशील, लेकिन पेट्रोल/केरोसिन में अघुलनशील हैं। | जल में अघुलनशील, लेकिन कार्बनिक विलायकों में घुलते हैं। |
| 5. | पिघली या जलीय अवस्था में विद्युत के सुचालक होते हैं। | ये विद्युत के कुचालक होते हैं (आयन नहीं बनाते)। |
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. धातुकर्म (Metallurgy) क्या है? अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने के विभिन्न मुख्य चरणों का क्रमवार वर्णन करें।
आसान उत्तर देखें
1. धातुकर्म की परिभाषा:
जमीन से निकाले गए अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने और उसके उपयोग लायक बनाने की पूरी प्रक्रिया को धातुकर्म कहते हैं।
2. धातुकर्म के मुख्य 4 चरण:
• चरण 1: अयस्क का सांद्रण (सफाई): खदान से निकले अयस्क से धूल, मिट्टी, कंकड़ और रेत (गैंग) को धोकर या चुंबक द्वारा अलग किया जाता है।
• चरण 2: अयस्क को धातु ऑक्साइड में बदलना:
1. भर्जन: सल्फाइड अयस्क को हवा में तेज गर्म करके ऑक्साइड बनाते हैं (2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂↑)।
2. निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क को बिना हवा के गर्म करके ऑक्साइड बनाते हैं (ZnCO₃ → ZnO + CO₂↑)।
• चरण 3: धातु ऑक्साइड का अपचयन (धातु प्राप्त करना): धातु ऑक्साइड को कार्बन (कोक) या एल्युमिनियम के साथ गर्म करके कच्ची धातु प्राप्त की जाती है (ZnO + C → Zn + CO)।
• चरण 4: धातु का परिष्करण (शुद्धिकरण): बिजली की मदद से (विद्युत अपघटन द्वारा) 99.9% शुद्ध धातु प्राप्त की जाती है।
जमीन से निकाले गए अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने और उसके उपयोग लायक बनाने की पूरी प्रक्रिया को धातुकर्म कहते हैं।
2. धातुकर्म के मुख्य 4 चरण:
• चरण 1: अयस्क का सांद्रण (सफाई): खदान से निकले अयस्क से धूल, मिट्टी, कंकड़ और रेत (गैंग) को धोकर या चुंबक द्वारा अलग किया जाता है।
• चरण 2: अयस्क को धातु ऑक्साइड में बदलना:
1. भर्जन: सल्फाइड अयस्क को हवा में तेज गर्म करके ऑक्साइड बनाते हैं (2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂↑)।
2. निस्तापन: कार्बोनेट अयस्क को बिना हवा के गर्म करके ऑक्साइड बनाते हैं (ZnCO₃ → ZnO + CO₂↑)।
• चरण 3: धातु ऑक्साइड का अपचयन (धातु प्राप्त करना): धातु ऑक्साइड को कार्बन (कोक) या एल्युमिनियम के साथ गर्म करके कच्ची धातु प्राप्त की जाती है (ZnO + C → Zn + CO)।
• चरण 4: धातु का परिष्करण (शुद्धिकरण): बिजली की मदद से (विद्युत अपघटन द्वारा) 99.9% शुद्ध धातु प्राप्त की जाती है।
Q2. तांबे (Copper) के विद्युत अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) की विधि का सचित्र वर्णन करें। एनोड पंक क्या है?
आसान उत्तर देखें
1. प्रयोग की विधि:
• एक बर्तन में अम्लीय कॉपर सल्फेट (CuSO₄) का जलीय घोल भरा जाता है।
• अशुद्ध तांबे की मोटी प्लेट को एनोड (+ ध्रुव) बनाया जाता है।
• शुद्ध तांबे की पतली पत्ती को कैथोड (- ध्रुव) बनाया जाता है।
• दोनों को बैटरी से जोड़कर बिजली का करंट बहाया जाता है।
2. होने वाली रासायनिक क्रिया:
• करंट बहने पर एनोड से शुद्ध तांबा घुलकर घोल में जाता है (Cu → Cu²⁺ + 2e⁻)।
• ठीक उतनी ही मात्रा में शुद्ध तांबा घोल से निकलकर कैथोड की पतली पत्ती पर जमा होने लगता है (Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu)।
3. एनोड पंक (Anode Mud):
अशुद्ध तांबे में मौजूद अघुलनशील अशुद्धियाँ (जैसे सोना, चांदी, प्लैटिनम के कण) एनोड के ठीक नीचे तलहटी में बैठ जाती हैं, इसे ही एनोड पंक कहते हैं।
• एक बर्तन में अम्लीय कॉपर सल्फेट (CuSO₄) का जलीय घोल भरा जाता है।
• अशुद्ध तांबे की मोटी प्लेट को एनोड (+ ध्रुव) बनाया जाता है।
• शुद्ध तांबे की पतली पत्ती को कैथोड (- ध्रुव) बनाया जाता है।
• दोनों को बैटरी से जोड़कर बिजली का करंट बहाया जाता है।
2. होने वाली रासायनिक क्रिया:
• करंट बहने पर एनोड से शुद्ध तांबा घुलकर घोल में जाता है (Cu → Cu²⁺ + 2e⁻)।
• ठीक उतनी ही मात्रा में शुद्ध तांबा घोल से निकलकर कैथोड की पतली पत्ती पर जमा होने लगता है (Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu)।
3. एनोड पंक (Anode Mud):
अशुद्ध तांबे में मौजूद अघुलनशील अशुद्धियाँ (जैसे सोना, चांदी, प्लैटिनम के कण) एनोड के ठीक नीचे तलहटी में बैठ जाती हैं, इसे ही एनोड पंक कहते हैं।
[ यहाँ तांबे के विद्युत अपघटनी परिष्करण का नामांकित आरेख रहेगा ]
Q3. आयनिक यौगिकों (जैसे सोडियम क्लोराइड - NaCl और मैग्नीशियम क्लोराइड - MgCl₂) का निर्माण इलेक्ट्रॉन डॉट संरचना (Electron Dot Structure) द्वारा समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण:
• सोडियम (Na) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है। यह अपना 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन त्यागकर Na⁺ धन आयन बनाता है (Na → Na⁺ + e⁻)।
• क्लोरीन (Cl) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है। यह उस 1 इलेक्ट्रॉन को लेकर Cl⁻ ऋण आयन बनाता है (Cl + e⁻ → Cl⁻)।
• विपरीत आवेश होने के कारण Na⁺ और Cl⁻ आपस में मजबूत आकर्षण बल से जुड़कर NaCl बनाते हैं।
2. मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl₂) का निर्माण:
• मैग्नीशियम (Mg = 2, 8, 2) अपने 2 बाहरी इलेक्ट्रॉन त्यागकर Mg²⁺ धन आयन बनाता है (Mg → Mg²⁺ + 2e⁻)।
• क्लोरीन के दो अलग-अलग परमाणु (प्रत्येक Cl = 2, 8, 7) एक-एक इलेक्ट्रॉन लेकर दो Cl⁻ आयन बनाते हैं।
• Mg²⁺ और दो Cl⁻ आयन आपस में मिलकर MgCl₂ यौगिक बना लेते हैं।
• सोडियम (Na) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 1 है। यह अपना 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन त्यागकर Na⁺ धन आयन बनाता है (Na → Na⁺ + e⁻)।
• क्लोरीन (Cl) का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है। यह उस 1 इलेक्ट्रॉन को लेकर Cl⁻ ऋण आयन बनाता है (Cl + e⁻ → Cl⁻)।
• विपरीत आवेश होने के कारण Na⁺ और Cl⁻ आपस में मजबूत आकर्षण बल से जुड़कर NaCl बनाते हैं।
2. मैग्नीशियम क्लोराइड (MgCl₂) का निर्माण:
• मैग्नीशियम (Mg = 2, 8, 2) अपने 2 बाहरी इलेक्ट्रॉन त्यागकर Mg²⁺ धन आयन बनाता है (Mg → Mg²⁺ + 2e⁻)।
• क्लोरीन के दो अलग-अलग परमाणु (प्रत्येक Cl = 2, 8, 7) एक-एक इलेक्ट्रॉन लेकर दो Cl⁻ आयन बनाते हैं।
• Mg²⁺ और दो Cl⁻ आयन आपस में मिलकर MgCl₂ यौगिक बना लेते हैं।
Q4. संक्षारण (Corrosion) क्या है? सिद्ध कीजिए कि लोहे में जंग लगने के लिए वायु (ऑक्सीजन) और जल (नमी) दोनों का होना आवश्यक है।
आसान उत्तर देखें
1. संक्षारण: हवा और नमी के संपर्क में आने पर धातुओं की सतह का धीरे-धीरे गलकर नष्ट होना संक्षारण कहलाता है (जैसे लोहे पर जंग लगना: Fe₂O₃·xH₂O)।
2. प्रयोग द्वारा सत्यापन (3 परखनलियों का प्रयोग):
• परखनली A: इसमें लोहे की कीलें और सादा पानी डालते हैं, ऊपर हवा रहती है। कुछ दिनों बाद कीलों पर बहुत तेज जंग लग जाती है (क्योंकि यहाँ हवा और पानी दोनों हैं)।
• परखनली B: इसमें उबला हुआ शुद्ध पानी (जिसमें से घुली हवा निकल चुकी हो) डालते हैं और ऊपर तेल की परत डाल देते हैं ताकि हवा न घुले। इसमें कील पर बिल्कुल जंग नहीं लगती (क्योंकि हवा नहीं है)।
• परखनली C: इसमें सूखी हवा और कैल्शियम क्लोराइड (नमी सोखने वाला) डालते हैं। इसमें भी कील पर जंग नहीं लगती (क्योंकि पानी/नमी नहीं है)।
• निष्कर्ष: इस प्रयोग से साबित होता है कि जंग लगने के लिए हवा और नमी दोनों का एक साथ होना जरूरी है।
2. प्रयोग द्वारा सत्यापन (3 परखनलियों का प्रयोग):
• परखनली A: इसमें लोहे की कीलें और सादा पानी डालते हैं, ऊपर हवा रहती है। कुछ दिनों बाद कीलों पर बहुत तेज जंग लग जाती है (क्योंकि यहाँ हवा और पानी दोनों हैं)।
• परखनली B: इसमें उबला हुआ शुद्ध पानी (जिसमें से घुली हवा निकल चुकी हो) डालते हैं और ऊपर तेल की परत डाल देते हैं ताकि हवा न घुले। इसमें कील पर बिल्कुल जंग नहीं लगती (क्योंकि हवा नहीं है)।
• परखनली C: इसमें सूखी हवा और कैल्शियम क्लोराइड (नमी सोखने वाला) डालते हैं। इसमें भी कील पर जंग नहीं लगती (क्योंकि पानी/नमी नहीं है)।
• निष्कर्ष: इस प्रयोग से साबित होता है कि जंग लगने के लिए हवा और नमी दोनों का एक साथ होना जरूरी है।
