अध्याय 4: कार्बन एवं उसके यौगिक (Carbon & Its Compounds)
VVI Objective Questions (className 10th Chemistry)
Q1. कार्बन परमाणु की संयोजकता (Valency) कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 4 (चतुःसंयोजी)
Q2. कार्बन हमेशा किस प्रकार के रासायनिक आबंध बनाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) सहसंयोजक आबंध (Covalent Bond - इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी द्वारा)
Q3. मीथेन (Methane - CH4) में कितने सहसंयोजक आबंध होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 4 (C-H के 4 एकल आबंध)
Q4. सबसे सरल हाइड्रोकार्बन (Simplest Hydrocarbon) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मीथेन (CH4)
Q5. एल्केन (Alkane / संतृप्त हाइड्रोकार्बन) का सामान्य रासायनिक सूत्र क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) CnH2n+2
Q6. एल्कीन (Alkene / द्वि-आबंध युक्त हाइड्रोकार्बन) का सामान्य सूत्र क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) CnH2n (जैसे: एथीन - C2H4)
Q7. एल्काइन (Alkyne / त्रि-आबंध युक्त हाइड्रोकार्बन) का सामान्य सूत्र क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) CnH2n-2 (जैसे: एथाइन / एसिटिलीन - C2H2)
Q8. एथेन (Ethane - C2H6) के एक अणु में कुल कितने सहसंयोजक आबंध होते हैं?
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सही उत्तर: (A) 7 (6 C-H आबंध और 1 C-C आबंध)
Q9. एल्कोहॉल (Alcohol) का प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) -OH
Q10. एल्डिहाइड (Aldehyde) का प्रकार्यात्मक समूह कौन-सा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) -CHO
Q11. कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic Acid) का प्रकार्यात्मक समूह क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) -COOH
Q12. कीटोन (Ketone) का प्रकार्यात्मक समूह कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) >C=O (या -CO-)
Q13. ब्यूटेनोन (Butanone) चतुर्-कार्बन यौगिक है जिसका प्रकार्यात्मक समूह क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कीटोन (Ketone)
Q14. खाना पकाते समय यदि बर्तन की तली बाहर से काली हो रही है, तो इसका क्या अर्थ है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ईंधन पूरी तरह नहीं जल रहा है (अपूर्ण दहन)
Q15. सिरका (Vinegar) वास्तव में क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जल में एसिटिक अम्ल का 5% से 8% घोल
Q16. हीरा और ग्रेफाइट कार्बन के क्या हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अपररूप (Allotropes)
Q17. बकमिनस्टर फुलरीन (Buckminsterfullerene) में कार्बन के कितने परमाणु जुड़े होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) C60 (60 कार्बन - फुटबॉल जैसी संरचना)
Q18. कार्बन के दो परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (Single bond) वाले यौगिक क्या कहलाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Saturated)
Q19. कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-आबंध (=) या त्रि-आबंध (≡) वाले हाइड्रोकार्बन क्या कहलाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Unsaturated - जैसे एल्कीन और एल्काइन)
Q20. वनस्पति तेलों से वनस्पति घी (डालडा) बनाने में किस उत्प्रेरक की उपस्थिति में हाइड्रोजनीकरण होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) निकेल (Ni) या पैलेडियम (Pd)
Q21. एथिल एल्कोहॉल (Ethanol) का सही रासायनिक सूत्र क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) C2H5OH (पीने वाली शराब का मुख्य घटक)
Q22. एथेनॉइक अम्ल (Ethanoic Acid) का साधारण नाम क्या है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एसिटिक अम्ल (CH3COOH)
Q23. शुद्ध एथेनॉइक अम्ल का गलनांक 290 K (17°C) होने के कारण यह सर्दियों में जम जाता है, इसलिए इसे क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ग्लेशियल एसिटिक अम्ल (Glacial Acetic Acid)
Q24. एल्कोहॉल और कार्बोक्सिलिक अम्ल की क्रिया से मीठी फलों जैसी खुशबू वाला कौन-सा यौगिक बनता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एस्टर (Ester - इस क्रिया को एस्टरीकरण कहते हैं)
Q25. साबुन के अणु का जल-विरोधी (Hydrophobic / तेल को पकड़ने वाला) सिरा कौन-सा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) हाइड्रोकार्बन पूंछ (अध्रुवीय भाग - यह मैल/तेल में घुलता है)
Q26. साबुन के अणु का जल-रागी (Hydrophilic / पानी में घुलने वाला) सिरा कौन-सा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) आयनिक सिरा (-COO-Na+)
Q27. कठोर जल (खारे पानी) में भी बिना मैल (Scum) बनाए आसानी से झाग देने वाला पदार्थ कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अपमार्जक / डिटर्जेंट (Detergent)
Q28. समान आणविक सूत्र लेकिन अलग-अलग संरचना वाले यौगिक क्या कहलाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समावयवी (Isomers / समावयवता)
Q29. ब्यूटेन (C4H10) के कुल कितने संरचनात्मक समावयवी (Isomers) होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 2 (एन-ब्यूटेन और आइसो-ब्यूटेन)
Q30. बेन्जीन (Benzene) का सही रासायनिक सूत्र क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) C6H6 (चक्रीय असंतृप्त हाइड्रोकार्बन)
Q31. वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस की प्रतिशत मात्रा कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 0.03% (भू-पर्पटी में खनिजों के रूप में केवल 0.02% कार्बन है)
Q32. कार्बन परमाणुओं के बीच आपस में जुड़कर लंबी खुली या बंद श्रृंखला बनाने के अनोखे गुण को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) शृंखलन (Catenation)
Q33. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) के किन्हीं दो लगातार सदस्यों के बीच सूत्र में कितना अंतर होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) -CH2- (द्रव्यमान में 14 u का अंतर)
Q34. प्रयोगशाला में बनाया गया सबसे पहला कार्बनिक यौगिक कौन-सा था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) यूरिया [NH2CONH2] (वैज्ञानिक फ्रेडरिक वोहलर द्वारा 1828 में निर्मित)
Q35. जैव-शक्ति सिद्धांत (Vital Force Theory) का खंडन किस वैज्ञानिक ने किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) फ्रेडरिक वोहलर (Friedrich Wöhler)
Q36. वेल्डिंग करने और गैस कटर में ऑक्सीजन के साथ किस गैस का मिश्रण जलाया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एथाइन (एसिटिलीन - C2H2 - इसे ऑक्सी-एसिटिलीन ज्वाला कहते हैं)
Q37. जहरीली शराब (Spurious Liquor) पीने से अंधापन या मौत किस जहरीले एल्कोहॉल के कारण होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मेथिल एल्कोहॉल / मेथेनॉल (CH3OH)
Q38. एथेनॉल (शराब) का औद्योगिक दुरुपयोग रोकने के लिए उसमें कॉपर सल्फेट और पिरीडीन मिलाकर जहरीला बनाया जाना क्या कहलाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) विकृतीकृत एल्कोहॉल (Denatured Alcohol)
Q39. 100% शुद्ध एथिल एल्कोहॉल को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) परिशुद्ध एल्कोहॉल (Absolute Alcohol)
Q40. साबुनीकरण (Saponification) अभिक्रिया में साबुन के साथ उप-उत्पाद (सह-उत्पाद) के रूप में क्या मिलता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) ग्लिसरॉल (Glycerol)
Q41. तेल या ग्रीस के मैल को साफ करते समय साबुन के अणुओं द्वारा बनाई गई गोलाकार गुच्छेदार रचना को क्या कहते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) मिसेल (Micelle)
Q42. नाइट्रोजन के द्वि-परमाणुक अणु (N2) में दोनों परमाणुओं के बीच कितने सहसंयोजक आबंध होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) त्रि-आबंध (Triple Bond - N≡N)
Q43. ऑक्सीजन के अणु (O2) में दोनों परमाणुओं के बीच कितने सहसंयोजक आबंध पाए जाते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) द्वि-आबंध (Double Bond - O=O)
Q44. साबुन कठोर जल (खारे पानी) में झाग क्यों नहीं देता?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कठोर जल में मौजूद Ca2+ और Mg2+ आयनों से क्रिया करके अघुलनशील मैल (Scum) बना लेता है
Q45. क्लोरोफॉर्म (Anesthetic / बेहोश करने वाली दवा) का रासायनिक सूत्र क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) CHCl3 (ट्राइक्लोरोमीथेन)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. कार्बन हमेशा सहसंयोजक आबंध (Covalent Bond) ही क्यों बनाता है? आयनिक आबंध क्यों नहीं बनाता?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: कार्बन की परमाणु संख्या 6 है (इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 4)। अपना अष्टक पूरा करने के लिए:
1. 4 इलेक्ट्रॉन त्यागना (C4+ बनना): इसके लिए बहुत भारी मात्रा में ऊर्जा चाहिए, जो संभव नहीं है।
2. 4 इलेक्ट्रॉन लेना (C4- बनना): 6 प्रोटॉन वाले छोटे नाभिक के लिए 10 इलेक्ट्रॉनों को संभालना बहुत मुश्किल होता है।
इसलिए कार्बन न इलेक्ट्रॉन देता है और न लेता है, बल्कि अन्य परमाणुओं के साथ 4 इलेक्ट्रॉनों की बराबर साझेदारी (Sharing) करके केवल सहसंयोजक आबंध बनाता है।
1. 4 इलेक्ट्रॉन त्यागना (C4+ बनना): इसके लिए बहुत भारी मात्रा में ऊर्जा चाहिए, जो संभव नहीं है।
2. 4 इलेक्ट्रॉन लेना (C4- बनना): 6 प्रोटॉन वाले छोटे नाभिक के लिए 10 इलेक्ट्रॉनों को संभालना बहुत मुश्किल होता है।
इसलिए कार्बन न इलेक्ट्रॉन देता है और न लेता है, बल्कि अन्य परमाणुओं के साथ 4 इलेक्ट्रॉनों की बराबर साझेदारी (Sharing) करके केवल सहसंयोजक आबंध बनाता है।
Q2. शृंखलन (Catenation) किसे कहते हैं? कार्बन में यह गुण सबसे अधिक क्यों पाया जाता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: कार्बन परमाणुओं द्वारा आपस में जुड़कर लंबी सीधी, शाखित या बंद वलय वाली श्रृंखलाएं बनाने के विशेष गुण को शृंखलन कहते हैं।
2. कारण: कार्बन का आकार बहुत छोटा होता है, जिसके कारण इसके नाभिक साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों को कसकर पकड़े रहते हैं और कार्बन-कार्बन (C-C) के बीच बनने वाला सहसंयोजक आबंध अत्यधिक मजबूत और स्थिर होता है।
2. कारण: कार्बन का आकार बहुत छोटा होता है, जिसके कारण इसके नाभिक साझा किए गए इलेक्ट्रॉनों को कसकर पकड़े रहते हैं और कार्बन-कार्बन (C-C) के बीच बनने वाला सहसंयोजक आबंध अत्यधिक मजबूत और स्थिर होता है।
Q3. हाइड्रोकार्बन किसे कहते हैं? संतृप्त और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन में क्या अंतर है?
आसान उत्तर देखें
1. हाइड्रोकार्बन: हाइड्रोजन और कार्बन से मिलकर बने यौगिकों को हाइड्रोकार्बन कहते हैं।
2. मुख्य अंतर:
• संतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्केन): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (C-C) होता है (जैसे: मीथेन - CH4, एथेन - C2H6)। ये कम क्रियाशील होते हैं।
• असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन व एल्काइन): जिनमें कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-आबंध (C=C) या त्रि-आबंध (C≡C) होता है (जैसे: एथीन - C2H4, एथाइन - C2H2)। ये बहुत क्रियाशील होते हैं।
2. मुख्य अंतर:
• संतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्केन): जिनमें कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (C-C) होता है (जैसे: मीथेन - CH4, एथेन - C2H6)। ये कम क्रियाशील होते हैं।
• असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन व एल्काइन): जिनमें कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-आबंध (C=C) या त्रि-आबंध (C≡C) होता है (जैसे: एथीन - C2H4, एथाइन - C2H2)। ये बहुत क्रियाशील होते हैं।
Q4. समजातीय श्रेणी (Homologous Series) क्या है? इसकी दो मुख्य विशेषताएं लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: कार्बनिक यौगिकों की वह श्रेणी जिसके सभी सदस्यों में एक ही प्रकार का प्रकार्यात्मक समूह होता है और जिनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं (जैसे एल्केन श्रेणी: CH4, C2H6, C3H8)।
2. दो मुख्य विशेषताएं:
• किन्हीं दो लगातार सदस्यों के अणुसूत्र में हमेशा -CH2- का अंतर होता है।
• दो लगातार सदस्यों के आणविक द्रव्यमान में हमेशा 14 u का अंतर होता है।
2. दो मुख्य विशेषताएं:
• किन्हीं दो लगातार सदस्यों के अणुसूत्र में हमेशा -CH2- का अंतर होता है।
• दो लगातार सदस्यों के आणविक द्रव्यमान में हमेशा 14 u का अंतर होता है।
Q5. समावयवता (Isomerism) किसे कहते हैं? ब्यूटेन (C4H10) के समावयवियों के नाम और संरचना सूत्र लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे कार्बनिक यौगिक जिनके आणविक सूत्र (Molecular Formula) तो एक समान होते हैं, लेकिन उनकी संरचनाएं (ढांचा) अलग-अलग होती हैं, उन्हें समावयवी कहते हैं और इस घटना को समावयवता कहते हैं।
2. ब्यूटेन (C4H10) के 2 समावयवी:
• (i) नॉर्मल ब्यूटेन (n-butane): CH3-CH2-CH2-CH3 (सीधी श्रृंखला)
• (ii) आइसो-ब्यूटेन (Iso-butane / 2-मेथिलप्रोपेन): CH3-CH(CH3)-CH3 (शाखित श्रृंखला)
2. ब्यूटेन (C4H10) के 2 समावयवी:
• (i) नॉर्मल ब्यूटेन (n-butane): CH3-CH2-CH2-CH3 (सीधी श्रृंखला)
• (ii) आइसो-ब्यूटेन (Iso-butane / 2-मेथिलप्रोपेन): CH3-CH(CH3)-CH3 (शाखित श्रृंखला)
Q6. प्रकार्यात्मक समूह (Functional Group) किसे कहते हैं? दो उदाहरण दें।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: किसी कार्बनिक यौगिक में उपस्थित वह विशेष परमाणु या परमाणुओं का समूह जो उस यौगिक के रासायनिक गुणों को तय करता है, उसे प्रकार्यात्मक समूह कहते हैं।
उदाहरण:
1. एल्कोहॉल समूह: -OH (जैसे: एथेनॉल - C2H5OH)
2. कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह: -COOH (जैसे: एथेनॉइक अम्ल - CH3COOH)
उदाहरण:
1. एल्कोहॉल समूह: -OH (जैसे: एथेनॉल - C2H5OH)
2. कार्बोक्सिलिक अम्ल समूह: -COOH (जैसे: एथेनॉइक अम्ल - CH3COOH)
Q7. एस्टरीकरण (Esterification) अभिक्रिया क्या है? एक रासायनिक समीकरण लिखें।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब किसी कार्बोक्सिलिक अम्ल की क्रिया सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) की उपस्थिति में एल्कोहॉल के साथ कराई जाती है, तो मीठी फलों जैसी खुशबू वाला पदार्थ एस्टर बनता है। इसे एस्टरीकरण कहते हैं।
• समीकरण: CH3COOH (एथेनॉइक अम्ल) + C2H5OH (एथेनॉल) —सांद्र H2SO4→ CH3COOC2H5 (एस्टर) + H2O
• समीकरण: CH3COOH (एथेनॉइक अम्ल) + C2H5OH (एथेनॉल) —सांद्र H2SO4→ CH3COOC2H5 (एस्टर) + H2O
Q8. साबुनीकरण (Saponification) अभिक्रिया किसे कहते हैं? समीकरण सहित समझाइए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब वनस्पति तेल या वसा (एस्टर) को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के घोल के साथ गर्म किया जाता है, तो साबुन और ग्लिसरॉल बनते हैं। इस रासायनिक क्रिया को साबुनीकरण कहते हैं।
• समीकरण: CH3COOC2H5 (एस्टर) + NaOH → CH3COONa (साबुन / सोडियम एसीटेट) + C2H5OH (एल्कोहॉल)
• समीकरण: CH3COOC2H5 (एस्टर) + NaOH → CH3COONa (साबुन / सोडियम एसीटेट) + C2H5OH (एल्कोहॉल)
Q9. हाइड्रोजनीकरण (Hydrogenation) क्या है? इसका औद्योगिक उपयोग क्या है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: निकेल (Ni) या पैलेडियम उत्प्रेरक की उपस्थिति में असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (द्वि-आबंध वाले तेल) में हाइड्रोजन गैस मिलाकर उसे संतृप्त ठोस वसा में बदलने की प्रक्रिया को हाइड्रोजनीकरण कहते हैं।
• औद्योगिक उपयोग: वनस्पति तेलों (जैसे मूंगफली, सोयाबीन तेल) से वनस्पति घी (डालडा) बनाने में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
• औद्योगिक उपयोग: वनस्पति तेलों (जैसे मूंगफली, सोयाबीन तेल) से वनस्पति घी (डालडा) बनाने में इसका उपयोग बड़े पैमाने पर किया जाता है।
Q10. साबुन और अपमार्जक (Detergent) में क्या अंतर है? कठोर जल में कौन बेहतर काम करता है?
आसान उत्तर देखें
1. साबुन: यह लंबी कार्बन श्रृंखला वाले वसा अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं। यह केवल मीठे पानी में काम करता है, खारे (कठोर) पानी में झाग नहीं देता।
2. अपमार्जक (डिटर्जेंट): यह सल्फोनिक अम्लों के सोडियम लवण होते हैं।
• कठोर जल में बेहतर: अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ कोई अघुलनशील मैल नहीं बनाता और खारे पानी में भी आसानी से भरपूर झाग देकर कपड़े साफ करता है।
2. अपमार्जक (डिटर्जेंट): यह सल्फोनिक अम्लों के सोडियम लवण होते हैं।
• कठोर जल में बेहतर: अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम आयनों के साथ कोई अघुलनशील मैल नहीं बनाता और खारे पानी में भी आसानी से भरपूर झाग देकर कपड़े साफ करता है।
Q11. मिसेल (Micelle) क्या है? साबुन द्वारा कपड़ों की सफाई की क्रियाविधि संक्षेप में समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. मिसेल: पानी में साबुन घोलने पर साबुन के कई अणु मिलकर एक गोलाकार गुच्छा बना लेते हैं, जिसमें हाइड्रोकार्बन पूंछ अंदर तेल/मैल की तरफ और आयनिक सिरा बाहर पानी की तरफ रहता है। इस रचना को मिसेल कहते हैं।
2. सफाई की क्रियाविधि:
• कपड़ों पर लगा मैल तेलीय या चिकनाईयुक्त होता है।
• साबुन की जल-विरोधी पूंछ मैल को चारों तरफ से पकड़कर मिसेल के केंद्र में खींच लेती है।
• जब कपड़े को रगड़कर पानी में खंगाला जाता है, तो मिसेल के साथ मैल भी पानी में घुलकर कपड़े से बाहर निकल जाता है।
2. सफाई की क्रियाविधि:
• कपड़ों पर लगा मैल तेलीय या चिकनाईयुक्त होता है।
• साबुन की जल-विरोधी पूंछ मैल को चारों तरफ से पकड़कर मिसेल के केंद्र में खींच लेती है।
• जब कपड़े को रगड़कर पानी में खंगाला जाता है, तो मिसेल के साथ मैल भी पानी में घुलकर कपड़े से बाहर निकल जाता है।
Q12. एथेनॉल (शराब) के भौतिक एवं रासायनिक गुण तथा इसके दो प्रमुख उपयोग लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. भौतिक गुण: यह रंगहीन, मीठी गंध वाला ज्वलनशील द्रव है जिसका क्वथनांक 78°C होता है और यह पानी में पूरी तरह घुलनशील है।
2. रासायनिक गुण (सोडियम से क्रिया): यह सोडियम धातु से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस छोड़ता है:
• 2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H2↑
3. दो उपयोग:
• टिंचर आयोडीन, कफ सिरप और टॉनिक जैसी दवाइयाँ बनाने में।
• प्रयोगशाला में और उद्योगों में विलायक (घोलक) के रूप में।
2. रासायनिक गुण (सोडियम से क्रिया): यह सोडियम धातु से क्रिया करके हाइड्रोजन गैस छोड़ता है:
• 2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H2↑
3. दो उपयोग:
• टिंचर आयोडीन, कफ सिरप और टॉनिक जैसी दवाइयाँ बनाने में।
• प्रयोगशाला में और उद्योगों में विलायक (घोलक) के रूप में।
Q13. विकृतीकृत एल्कोहॉल (Denatured Alcohol) किसे कहते हैं? इसे क्यों बनाया जाता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: उद्योगों में काम आने वाले सस्ते एथेनॉल (एल्कोहॉल) का लोग शराब के रूप में गलत इस्तेमाल (पीने में) न करें, इसके लिए उसमें थोड़ा जहरीला मेथेनॉल, पिरीडीन और नीला रंग (कॉपर सल्फेट) मिला दिया जाता है। इस जहरीले और पीने के अयोग्य बनाए गए एल्कोहॉल को विकृतीकृत एल्कोहॉल कहते हैं।
Q14. एथेनॉइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) के दो रासायनिक गुण समीकरण सहित लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया (CO2 गैस निकलना):
यह बेकिंग सोडा या धावन सोडा से क्रिया करके बुदबुदाहट के साथ कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है:
• 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2↑
2. क्षार (NaOH) के साथ क्रिया (उदासीनीकरण):
• CH3COOH + NaOH → CH3COONa (सोडियम एसीटेट) + H2O
यह बेकिंग सोडा या धावन सोडा से क्रिया करके बुदबुदाहट के साथ कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है:
• 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2↑
2. क्षार (NaOH) के साथ क्रिया (उदासीनीकरण):
• CH3COOH + NaOH → CH3COONa (सोडियम एसीटेट) + H2O
Q15. हीरा (Diamond) विद्युत का कुचालक है, जबकि ग्रेफाइट सुचालक है, क्यों?
आसान उत्तर देखें
1. हीरा: हीरे में कार्बन का प्रत्येक परमाणु 4 अन्य कार्बन परमाणुओं से दृढ़ता से जुड़ा होता है। इसमें एक भी स्वतंत्र (फ्री) इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए यह बिजली का कुचालक है।
2. ग्रेफाइट: ग्रेफाइट में कार्बन का प्रत्येक परमाणु केवल 3 कार्बन परमाणुओं से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है। इसमें 1 इलेक्ट्रॉन हमेशा मुक्त (फ्री) रहता है। इसी मुक्त इलेक्ट्रॉन की गति के कारण ग्रेफाइट बिजली का बहुत अच्छा सुचालक होता है।
2. ग्रेफाइट: ग्रेफाइट में कार्बन का प्रत्येक परमाणु केवल 3 कार्बन परमाणुओं से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है। इसमें 1 इलेक्ट्रॉन हमेशा मुक्त (फ्री) रहता है। इसी मुक्त इलेक्ट्रॉन की गति के कारण ग्रेफाइट बिजली का बहुत अच्छा सुचालक होता है।
Q16. ऑक्सीकारक (Oxidising Agent) क्या होते हैं? एल्कोहॉल को कार्बोक्सिलिक अम्ल में बदलने वाले दो ऑक्सीकारकों के नाम लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे पदार्थ जो दूसरे पदार्थों को आसानी से ऑक्सीजन देकर उनका ऑक्सीकरण (उपचयन) कर देते हैं, उन्हें ऑक्सीकारक कहते हैं।
2. दो प्रमुख ऑक्सीकारक:
• 1. क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (Alkaline KMnO4)
• 2. अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट (Acidified K2Cr2O7)
• समीकरण: C2H5OH —क्षारीय KMnO4 + ऊष्मा→ CH3COOH
2. दो प्रमुख ऑक्सीकारक:
• 1. क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट (Alkaline KMnO4)
• 2. अम्लीकृत पोटैशियम डाइक्रोमेट (Acidified K2Cr2O7)
• समीकरण: C2H5OH —क्षारीय KMnO4 + ऊष्मा→ CH3COOH
Q17. प्रतिस्थापन (Substitution) अभिक्रिया क्या है? मीथेन के क्लोरीनीकरण का उदाहरण दीजिए।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: वह अभिक्रिया जिसमें संतृप्त हाइड्रोकार्बन के एक या एक से अधिक हाइड्रोजन परमाणुओं को किसी अन्य परमाणु (जैसे क्लोरीन) द्वारा एक-एक करके हटा दिया जाता है, उसे प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते हैं।
• सूर्य के प्रकाश में मीथेन की क्रिया:
CH4 + Cl2 —सूर्य का प्रकाश→ CH3Cl (क्लोरोमीथेन) + HCl
• सूर्य के प्रकाश में मीथेन की क्रिया:
CH4 + Cl2 —सूर्य का प्रकाश→ CH3Cl (क्लोरोमीथेन) + HCl
Q18. एथीन (Ethene) और एथाइन (Ethyne) की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना (Electron Dot Structure) बनाइए।
आसान उत्तर देखें
1. एथीन (C2H4 - द्वि-आबंध):
• इसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच 2-2 इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (द्वि-आबंध C=C) होती है और प्रत्येक कार्बन 2 हाइड्रोजन परमाणुओं से एकल आबंध बनाता है।
• संरचना: H2C = CH2
2. एथाइन (C2H2 - त्रि-आबंध):
• इसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच 3-3 इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (त्रि-आबंध C≡C) होती है और प्रत्येक कार्बन 1-1 हाइड्रोजन से जुड़ा होता है।
• संरचना: H — C ≡ C — H
• इसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच 2-2 इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (द्वि-आबंध C=C) होती है और प्रत्येक कार्बन 2 हाइड्रोजन परमाणुओं से एकल आबंध बनाता है।
• संरचना: H2C = CH2
2. एथाइन (C2H2 - त्रि-आबंध):
• इसमें दो कार्बन परमाणुओं के बीच 3-3 इलेक्ट्रॉनों की साझेदारी (त्रि-आबंध C≡C) होती है और प्रत्येक कार्बन 1-1 हाइड्रोजन से जुड़ा होता है।
• संरचना: H — C ≡ C — H
Q19. मक्खन (संतृप्त वसा) और खाना पकाने वाले तेल (असंतृप्त वसा) में रासायनिक अंतर कैसे करेंगे?
आसान उत्तर देखें
उत्तर (ब्रोमीन जल परीक्षण द्वारा):
• खाना पकाने का तेल (असंतृप्त): इसमें लाल-भूरे रंग का ब्रोमीन जल मिलाने पर यह क्रिया कर लेता है और ब्रोमीन का लाल रंग उड़कर रंगहीन हो जाता है।
• मक्खन (संतृप्त): मक्खन में ब्रोमीन जल मिलाने पर कोई अभिक्रिया नहीं होती और ब्रोमीन का लाल-भूरा रंग वैसा ही बना रहता है।
• खाना पकाने का तेल (असंतृप्त): इसमें लाल-भूरे रंग का ब्रोमीन जल मिलाने पर यह क्रिया कर लेता है और ब्रोमीन का लाल रंग उड़कर रंगहीन हो जाता है।
• मक्खन (संतृप्त): मक्खन में ब्रोमीन जल मिलाने पर कोई अभिक्रिया नहीं होती और ब्रोमीन का लाल-भूरा रंग वैसा ही बना रहता है।
Q20. जीवाश्म ईंधनों के दहन से पर्यावरण पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: कोयला और पेट्रोलियम जैसे कार्बनिक ईंधनों के जलने से:
1. ग्लोबल वार्मिंग: बहुत ज्यादा मात्रा में CO2 गैस निकलती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ाकर धरती का तापमान बढ़ा रही है।
2. वायु प्रदूषण और अम्लीय वर्षा: इनमें मौजूद सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हवा को जहरीला बनाते हैं और अम्लीय वर्षा का कारण बनते हैं।
3. धुआं और कालिख: अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी दमघोंटू जहरीली गैस और धुएं के बारीक कण निकलते हैं जिनसे दमा और सांस की बीमारियां होती हैं।
1. ग्लोबल वार्मिंग: बहुत ज्यादा मात्रा में CO2 गैस निकलती है जो ग्रीनहाउस प्रभाव बढ़ाकर धरती का तापमान बढ़ा रही है।
2. वायु प्रदूषण और अम्लीय वर्षा: इनमें मौजूद सल्फर और नाइट्रोजन के ऑक्साइड हवा को जहरीला बनाते हैं और अम्लीय वर्षा का कारण बनते हैं।
3. धुआं और कालिख: अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) जैसी दमघोंटू जहरीली गैस और धुएं के बारीक कण निकलते हैं जिनसे दमा और सांस की बीमारियां होती हैं।
अंतर स्पष्ट करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (5-5 बिंदु)
Q. संतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्केन) और असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (एल्कीन/एल्काइन) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | संतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkane) | असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (Alkene/Alkyne) |
|---|---|---|
| 1. | कार्बन परमाणुओं के बीच केवल एकल आबंध (C-C) होता है। | कार्बन-कार्बन के बीच द्वि-आबंध (C=C) या त्रि-आबंध (C≡C) होता है। |
| 2. | सामान्य सूत्र: CnH2n+2 होता है। | सामान्य सूत्र: CnH2n या CnH2n-2 होता है। |
| 3. | ये रासायनिक रूप से कम क्रियाशील होते हैं। | ये रासायनिक रूप से बहुत अधिक क्रियाशील होते हैं। |
| 4. | ये ब्रोमीन जल के लाल-भूरे रंग को नहीं उड़ाते। | ये ब्रोमीन जल के रंग को तुरंत उड़ाकर रंगहीन कर देते हैं। |
| 5. | जलने पर स्वच्छ नीली ज्वाला देते हैं (धुआं नहीं निकलता)। | जलने पर पीली धुएँदार (काली कालिख वाली) ज्वाला देते हैं। |
Q. साबुन (Soap) और अपमार्जक (Detergent) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | साबुन (Soap) | अपमार्जक / डिटर्जेंट (Detergent) |
|---|---|---|
| 1. | वसा अम्लों के सोडियम या पोटैशियम लवण होते हैं। | सल्फोनिक अम्लों के सोडियम या अमोनियम लवण होते हैं। |
| 2. | केवल मृदु (मीठे) जल में ही अच्छा झाग देते हैं। | मृदु और कठोर (खारे) दोनों प्रकार के जल में खूब झाग देते हैं। |
| 3. | कठोर जल के Ca/Mg से क्रिया कर सफेद मैल (Scum) बनाते हैं। | कठोर जल में कोई अघुलनशील अवक्षेप या मैल नहीं बनाते। |
| 4. | ये जैव-निम्नीकरणीय हैं (पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुँचाते)। | कुछ अपमार्जक जैव-अनिम्नीकरणीय हैं (जल प्रदूषण करते हैं)। |
| 5. | इनकी सफाई करने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है। | इनकी मैल काटने और सफाई करने की क्षमता बहुत तीव्र होती है। |
Q. एथेनॉल (शराब) और एथेनॉइक अम्ल (एसिटिक अम्ल) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | एथेनॉल (C2H5OH) | एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH) |
|---|---|---|
| 1. | प्रकार्यात्मक समूह: एल्कोहॉल (-OH) होता है। | प्रकार्यात्मक समूह: कार्बोक्सिलिक अम्ल (-COOH) होता है। |
| 2. | यह प्रकृति में उदासीन होता है (लिटमस पर कोई असर नहीं)। | यह अम्लीय होता है और नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है। |
| 3. | इसकी गंध मीठी और मादक (नशीली) होती है। | इसकी गंध सिरके जैसी तीखी और खट्टी होती है। |
| 4. | सोडियम बाईकार्बोनेट से क्रिया करके CO2 गैस नहीं देता। | सोडियम बाईकार्बोनेट से क्रिया कर तेजी से CO2 गैस छोड़ता है। |
| 5. | इसका क्वथनांक 78°C होता है (सर्दियों में नहीं जमता)। | इसका गलनांक 17°C है (सर्दियों में बर्फ की तरह जम जाता है)। |
Q. हीरा (Diamond) और ग्रेफाइट (Graphite) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | हीरा (Diamond) | ग्रेफाइट (Graphite) |
|---|---|---|
| 1. | प्रकृति का सबसे कठोरतम ज्ञात पदार्थ है। | यह बहुत मुलायम, चिकना और फिसलनदार होता है। |
| 2. | विद्युत का कुचालक होता है (फ्री इलेक्ट्रॉन नहीं होते)। | विद्युत का बहुत अच्छा सुचालक होता है (1 फ्री इलेक्ट्रॉन होता है)। |
| 3. | इसकी संरचना त्रिविमीय दृढ़ चतुष्फलकीय होती है। | इसकी संरचना षट्कोणीय परतों (Layers) के रूप में होती है। |
| 4. | यह पारदर्शी और अत्यधिक चमकदार होता है। | यह अपारदर्शी और काले-धूसर रंग का होता है। |
| 5. | उपयोग: कांच काटने और आभूषण बनाने में। | उपयोग: पेंसिल की लेड और मशीनों में शुष्क स्नेहक के रूप में। |
Q. वनस्पति तेल (असंतृप्त वसा) और वनस्पति घी (संतृप्त वसा) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | वनस्पति तेल (Vegetable Oil) | वनस्पति घी / डालडा (Vanaspati Ghee) |
|---|---|---|
| 1. | ये असंतृप्त वसा अम्ल (Unsaturated) होते हैं। | ये संतृप्त वसा अम्ल (Saturated) होते हैं। |
| 2. | कमरे के तापमान पर तरल (द्रव) अवस्था में रहते हैं। | कमरे के तापमान पर ठोस या अर्ध-ठोस अवस्था में जम जाते हैं। |
| 3. | इनके अणुओं में कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध पाए जाते हैं। | इनके अणुओं में केवल एकल आबंध (C-C) होते हैं। |
| 4. | स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं (कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाते)। | स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं (हार्ट अटैक का खतरा बढ़ाते हैं)। |
| 5. | उदा. सरसों तेल, मूंगफली तेल, सूरजमुखी तेल। | उदा. वनस्पति घी (डालडा), मार्जरीन। |
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति (Versatile Nature) से आप क्या समझते हैं? प्रकृति में कार्बनिक यौगिकों की संख्या इतनी अधिक (लाखों में) होने के मुख्य कारण क्या हैं?
आसान उत्तर देखें
प्रकृति में पाए जाने वाले सभी तत्वों में कार्बन सबसे अनोखा है। आज लगभग 30 लाख से भी ज्यादा कार्बनिक यौगिक ज्ञात हैं। कार्बन की इतनी बड़ी संख्या होने के 4 मुख्य कारण हैं:
1. शृंखलन का अनोखा गुण (Catenation):
कार्बन परमाणुओं में आपस में सहसंयोजक आबंध द्वारा जुड़कर सीधी, शाखित तथा बंद वलय (रिंग) वाली बहुत लंबी-लंबी श्रृंखलाएं बनाने की अद्भुत क्षमता होती है। कार्बन-कार्बन आबंध बहुत मजबूत और स्थिर होता है।
2. चतुःसंयोजकता (Tetravalency):
कार्बन की संयोजकता 4 होती है। इसलिए यह एक ही समय में कार्बन के अन्य 4 परमाणुओं या अन्य तत्वों (जैसे हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन, सल्फर आदि) के साथ सहसंयोजक आबंध बना सकता है।
3. बहु-आबंध बनाने की क्षमता (Multiple Bonds):
कार्बन अपने छोटे आकार के कारण अन्य परमाणुओं के साथ न केवल एकल आबंध (C-C), बल्कि मजबूत द्वि-आबंध (C=C) और त्रि-आबंध (C≡C) भी आसानी से बना लेता है।
4. समावयवता (Isomerism):
समान अणुसूत्र होने के बावजूद कार्बन परमाणु अलग-अलग ढंग से जुड़कर भिन्न-भिन्न गुणों वाले नए यौगिक बना लेते हैं।
1. शृंखलन का अनोखा गुण (Catenation):
कार्बन परमाणुओं में आपस में सहसंयोजक आबंध द्वारा जुड़कर सीधी, शाखित तथा बंद वलय (रिंग) वाली बहुत लंबी-लंबी श्रृंखलाएं बनाने की अद्भुत क्षमता होती है। कार्बन-कार्बन आबंध बहुत मजबूत और स्थिर होता है।
2. चतुःसंयोजकता (Tetravalency):
कार्बन की संयोजकता 4 होती है। इसलिए यह एक ही समय में कार्बन के अन्य 4 परमाणुओं या अन्य तत्वों (जैसे हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन, सल्फर आदि) के साथ सहसंयोजक आबंध बना सकता है।
3. बहु-आबंध बनाने की क्षमता (Multiple Bonds):
कार्बन अपने छोटे आकार के कारण अन्य परमाणुओं के साथ न केवल एकल आबंध (C-C), बल्कि मजबूत द्वि-आबंध (C=C) और त्रि-आबंध (C≡C) भी आसानी से बना लेता है।
4. समावयवता (Isomerism):
समान अणुसूत्र होने के बावजूद कार्बन परमाणु अलग-अलग ढंग से जुड़कर भिन्न-भिन्न गुणों वाले नए यौगिक बना लेते हैं।
Q2. साबुन के निर्माण की साबुनीकरण विधि का सचित्र वर्णन करें। साबुन के द्वारा कपड़ों की मैल सफाई की मिसेल क्रियाविधि (Cleansing Action of Soap) को विस्तार से समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. साबुन बनाने की विधि (साबुनीकरण):
जब वनस्पति तेल (जैसे पाम तेल, महुआ तेल या नारियल तेल) को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के जलीय घोल के साथ एक बर्तन में गर्म किया जाता है, तो साबुन और ग्लिसरॉल बनते हैं। साबुन को अलग करने के लिए उसमें थोड़ा साधारण नमक (NaCl) मिला दिया जाता है।
• समीकरण: वनस्पति तेल (वसा) + सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) —गर्म करने पर→ साबुन + ग्लिसरॉल
2. साबुन के अणु की बनावट:
साबुन के अणु के दो मुख्य सिरे होते हैं:
• (i) हाइड्रोकार्बन पूंछ (जल-विरोधी सिरा): यह लंबा सिरा पानी से दूर भागता है लेकिन मैल/तेल/चिकनाई में आसानी से घुल जाता है।
• (ii) आयनिक सिरा (-COO-Na+ / जल-रागी सिरा): यह सिरा पानी में घुलता है और बाहर की तरफ रहता है।
3. सफाई की मिसेल क्रियाविधि (Micelle Formation):
• कपड़ों पर मैल सामान्यतः तेल या चिकनाई के रूप में चिपकी होती है।
• जब साबुन के पानी में गंदा कपड़ा डाला जाता है, तो साबुन की जल-विरोधी पूंछ मैल के चारों तरफ चिपक जाती है और आयनिक सिरा बाहर पानी की ओर रहता है।
• इस प्रकार कई अणु मिलकर मैल के चारों तरफ एक गोलाकार गुच्छा बना लेते हैं जिसे मिसेल कहते हैं।
• जब कपड़े को रगड़ा जाता है या पानी में खंगाला जाता है, तो पानी के बहाव के साथ मिसेल खिंच जाता है और उसके केंद्र में फंसी मैल कपड़े से पूरी तरह अलग होकर बाहर निकल जाती है।
जब वनस्पति तेल (जैसे पाम तेल, महुआ तेल या नारियल तेल) को सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) के जलीय घोल के साथ एक बर्तन में गर्म किया जाता है, तो साबुन और ग्लिसरॉल बनते हैं। साबुन को अलग करने के लिए उसमें थोड़ा साधारण नमक (NaCl) मिला दिया जाता है।
• समीकरण: वनस्पति तेल (वसा) + सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) —गर्म करने पर→ साबुन + ग्लिसरॉल
2. साबुन के अणु की बनावट:
साबुन के अणु के दो मुख्य सिरे होते हैं:
• (i) हाइड्रोकार्बन पूंछ (जल-विरोधी सिरा): यह लंबा सिरा पानी से दूर भागता है लेकिन मैल/तेल/चिकनाई में आसानी से घुल जाता है।
• (ii) आयनिक सिरा (-COO-Na+ / जल-रागी सिरा): यह सिरा पानी में घुलता है और बाहर की तरफ रहता है।
3. सफाई की मिसेल क्रियाविधि (Micelle Formation):
• कपड़ों पर मैल सामान्यतः तेल या चिकनाई के रूप में चिपकी होती है।
• जब साबुन के पानी में गंदा कपड़ा डाला जाता है, तो साबुन की जल-विरोधी पूंछ मैल के चारों तरफ चिपक जाती है और आयनिक सिरा बाहर पानी की ओर रहता है।
• इस प्रकार कई अणु मिलकर मैल के चारों तरफ एक गोलाकार गुच्छा बना लेते हैं जिसे मिसेल कहते हैं।
• जब कपड़े को रगड़ा जाता है या पानी में खंगाला जाता है, तो पानी के बहाव के साथ मिसेल खिंच जाता है और उसके केंद्र में फंसी मैल कपड़े से पूरी तरह अलग होकर बाहर निकल जाती है।
[ यहाँ साबुन के मिसेल निर्माण और मैल निष्कासन का नामांकित आरेख रहेगा ]
Q3. एथेनॉल (C2H5OH) और एथेनॉइक अम्ल (CH3COOH) के बीच होने वाली निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के संतुलित समीकरण लिखिए:
(i) एस्टरीकरण अभिक्रिया
(ii) सोडियम धातु के साथ क्रिया
(iii) सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया
(iv) क्षारीय KMnO4 द्वारा ऑक्सीकरण
(i) एस्टरीकरण अभिक्रिया
(ii) सोडियम धातु के साथ क्रिया
(iii) सोडियम कार्बोनेट के साथ क्रिया
(iv) क्षारीय KMnO4 द्वारा ऑक्सीकरण
आसान उत्तर देखें
(i) एस्टरीकरण अभिक्रिया (एस्टर बनना):
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में एथेनॉइक अम्ल और एथेनॉल मिलकर मीठी खुशबू वाला एथिल एसीटेट (एस्टर) बनाते हैं:
• CH3COOH + C2H5OH —सांद्र H2SO4→ CH3COOC2H5 (एस्टर) + H2O
(ii) सोडियम धातु के साथ क्रिया:
• एथेनॉल: 2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H2↑ (हाइड्रोजन गैस)
• एथेनॉइक अम्ल: 2CH3COOH + 2Na → 2CH3COONa (सोडियम एसीटेट) + H2↑
(iii) सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) के साथ क्रिया:
एथेनॉइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट से क्रिया करके तीव्र बुदबुदाहट के साथ CO2 गैस देता है:
• 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2↑
(नोट: एथेनॉल सोडियम कार्बोनेट से कोई क्रिया नहीं करता।)
(iv) क्षारीय KMnO4 द्वारा ऑक्सीकरण:
एथेनॉल गर्म क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट द्वारा ऑक्सीकृत होकर एथेनॉइक अम्ल में बदल जाता है:
• C2H5OH + 2[O] —क्षारीय KMnO4 + ऊष्मा→ CH3COOH + H2O
सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में एथेनॉइक अम्ल और एथेनॉल मिलकर मीठी खुशबू वाला एथिल एसीटेट (एस्टर) बनाते हैं:
• CH3COOH + C2H5OH —सांद्र H2SO4→ CH3COOC2H5 (एस्टर) + H2O
(ii) सोडियम धातु के साथ क्रिया:
• एथेनॉल: 2C2H5OH + 2Na → 2C2H5ONa (सोडियम एथॉक्साइड) + H2↑ (हाइड्रोजन गैस)
• एथेनॉइक अम्ल: 2CH3COOH + 2Na → 2CH3COONa (सोडियम एसीटेट) + H2↑
(iii) सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) के साथ क्रिया:
एथेनॉइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट से क्रिया करके तीव्र बुदबुदाहट के साथ CO2 गैस देता है:
• 2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2↑
(नोट: एथेनॉल सोडियम कार्बोनेट से कोई क्रिया नहीं करता।)
(iv) क्षारीय KMnO4 द्वारा ऑक्सीकरण:
एथेनॉल गर्म क्षारीय पोटैशियम परमैंगनेट द्वारा ऑक्सीकृत होकर एथेनॉइक अम्ल में बदल जाता है:
• C2H5OH + 2[O] —क्षारीय KMnO4 + ऊष्मा→ CH3COOH + H2O
Q4. निम्नलिखित कार्बनिक रासायनिक अभिक्रियाओं को उपयुक्त उदाहरण और संतुलित रासायनिक समीकरण सहित विस्तार से समझाइए:
(i) दहन अभिक्रिया (Combustion)
(ii) संकलन / योगशील अभिक्रिया (Addition)
(iii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution)
(iv) ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation)
(i) दहन अभिक्रिया (Combustion)
(ii) संकलन / योगशील अभिक्रिया (Addition)
(iii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution)
(iv) ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation)
आसान उत्तर देखें
(i) दहन अभिक्रिया (Combustion):
सभी कार्बनिक यौगिक हवा (ऑक्सीजन) में जलकर भारी मात्रा में ऊष्मा, प्रकाश तथा CO2 और जलवाष्प उत्पन्न करते हैं।
• समीकरण: CH4 (मीथेन) + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा एवं प्रकाश
(ii) संकलन या योगशील अभिक्रिया (Addition Reaction):
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (द्वि या त्रि-आबंध वाले) उत्प्रेरक (निकेल या पैलेडियम) की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।
• समीकरण: CH2=CH2 (एथीन) + H2 —Ni उत्प्रेरक / 200°C→ CH3-CH3 (एथेन)
(iii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction):
सूर्य के विसरित प्रकाश में संतृप्त हाइड्रोकार्बन से हाइड्रोजन का एक-एक परमाणु क्लोरीन जैसे अधिक सक्रिय तत्व द्वारा विस्थापित होता जाता है।
• समीकरण: CH4 + Cl2 —सूर्य का प्रकाश→ CH3Cl (क्लोरोमीथेन) + HCl
(iv) ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation Reaction):
ऑक्सीकारकों की उपस्थिति में कार्बनिक यौगिकों में ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।
• समीकरण: CH3CH2OH —अम्लीकृत K2Cr2O7 + ऊष्मा→ CH3COOH (एथेनॉइक अम्ल)
सभी कार्बनिक यौगिक हवा (ऑक्सीजन) में जलकर भारी मात्रा में ऊष्मा, प्रकाश तथा CO2 और जलवाष्प उत्पन्न करते हैं।
• समीकरण: CH4 (मीथेन) + 2O2 → CO2 + 2H2O + ऊष्मा एवं प्रकाश
(ii) संकलन या योगशील अभिक्रिया (Addition Reaction):
असंतृप्त हाइड्रोकार्बन (द्वि या त्रि-आबंध वाले) उत्प्रेरक (निकेल या पैलेडियम) की उपस्थिति में हाइड्रोजन जोड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।
• समीकरण: CH2=CH2 (एथीन) + H2 —Ni उत्प्रेरक / 200°C→ CH3-CH3 (एथेन)
(iii) प्रतिस्थापन अभिक्रिया (Substitution Reaction):
सूर्य के विसरित प्रकाश में संतृप्त हाइड्रोकार्बन से हाइड्रोजन का एक-एक परमाणु क्लोरीन जैसे अधिक सक्रिय तत्व द्वारा विस्थापित होता जाता है।
• समीकरण: CH4 + Cl2 —सूर्य का प्रकाश→ CH3Cl (क्लोरोमीथेन) + HCl
(iv) ऑक्सीकरण अभिक्रिया (Oxidation Reaction):
ऑक्सीकारकों की उपस्थिति में कार्बनिक यौगिकों में ऑक्सीजन का जुड़ना ऑक्सीकरण कहलाता है।
• समीकरण: CH3CH2OH —अम्लीकृत K2Cr2O7 + ऊष्मा→ CH3COOH (एथेनॉइक अम्ल)
