अध्याय 5: तत्वों का आवर्त वर्गीकरण (Periodic Classification of Elements)
VVI Objective Questions (className 10th Chemistry)
Q1. तत्वों के त्रिक नियम (Triads Rule) का प्रतिपादन किस वैज्ञानिक ने किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) डॉबेराइनर (Dobereiner - 1817 में)
Q2. अष्टक नियम (Law of Octaves) का सिद्धांत किस वैज्ञानिक ने दिया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) न्यूलैंड्स (Newlands - 1866 में)
Q3. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम किस तत्व तक ही सही रूप से लागू हो सका?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) कैल्शियम (Calcium - Ca) तक
Q4. मेंडलीव के आवर्त नियम के अनुसार, तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण किसके आवर्त फलन होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के
Q5. मेंडलीव ने जब अपनी आवर्त सारणी बनाई, तब तक कुल कितने तत्व ज्ञात थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 63 तत्व (न्यूलैंड्स के समय 56 तत्व ज्ञात थे)
Q6. आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) का प्रतिपादन किसने किया था?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) हेनरी मोसले (Henry Moseley - 1913)
Q7. आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को किसके बढ़ते क्रम में सजाया गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) परमाणु संख्या (Atomic Number) के
Q8. आधुनिक आवर्त सारणी में कुल कितने क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त / Periods) हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 7 आवर्त
Q9. आधुनिक आवर्त सारणी में कुल कितने ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह / वर्ग / Groups) हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 18 समूह
Q10. अक्रिय गैसों (Inert / Noble Gases) को आवर्त सारणी के किस समूह (वर्ग) में रखा गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समूह 18 (शून्य समूह - हीलियम, नियॉन, आर्गन आदि)
Q11. हैलोजन तत्वों (F, Cl, Br, I) को आवर्त सारणी के किस समूह में रखा गया है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) समूह 17
Q12. आवर्त सारणी के समूह 1 के तत्वों को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) क्षार धातुएँ (Alkali Metals - Li, Na, K आदि)
Q13. आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्वों को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) क्षारीय मृदा धातुएँ (Alkaline Earth Metals - Mg, Ca आदि)
Q14. आधुनिक आवर्त सारणी के प्रथम आवर्त में कुल कितने तत्व हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 2 तत्व (H और He - सबसे छोटा आवर्त)
Q15. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) घटता है (नाभिकीय आवेश बढ़ने के कारण)
Q16. किसी समूह (वर्ग) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बढ़ता है (कोशों की संख्या बढ़ने के कारण)
Q17. आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर तत्वों का धात्विक गुण कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) घटता है (और अधात्विक गुण बढ़ता है)
Q18. किसी वर्ग में ऊपर से नीचे जाने पर तत्वों का धात्विक गुण कैसा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) बढ़ता है (इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति बढ़ने से)
Q19. मेंडलीव की मूल आवर्त सारणी में कुल कितने आवर्त और कितने वर्ग थे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 6 आवर्त और 8 वर्ग (बाद में संशोधित होकर 7 आवर्त और 9 वर्ग हुए)
Q20. मेंडलीव ने अपनी आवर्त सारणी में एका-एल्युमिनियम के लिए जो खाली स्थान छोड़ा था, बाद में उसकी जगह कौन-सा तत्व खोजा गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) गैलियम (Gallium - Ga)
Q21. मेंडलीव द्वारा छोड़े गए 'एका-सिलिकॉन' की जगह बाद में कौन-सा तत्व रखा गया?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) जर्मेनियम (Germanium - Ge)
Q22. मेंडलीव द्वारा छोड़े गए 'एका-बोरॉन' की जगह बाद में कौन-सा तत्व स्थापित हुआ?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) स्कैंडियम (Scandium - Sc)
Q23. आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुओं (Metalloids - जैसे B, Si, Ge, As) को धातुओं से अलग करने वाली रेखा कैसी है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा
Q24. दूसरे और तीसरे आवर्त में कुल कितने-कितने तत्व होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 8 - 8 तत्व (लघु आवर्त)
Q25. चौथे और पाँचवें आवर्त में तत्वों की संख्या कितनी-कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 18 - 18 तत्व (दीर्घ आवर्त)
Q26. आवर्त सारणी का सबसे लंबा आवर्त (32 तत्वों वाला) कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) छठा आवर्त (6th Period - 32 तत्व)
Q27. आवर्त सारणी में सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) तत्व कौन-सा है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) फ्लोरीन (Fluorine - F)
Q28. किसी तत्व के परमाणु के सबसे बाहरी कोश में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या क्या कहलाती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons)
Q29. एक ही समूह (वर्ग) के सभी तत्वों की संयोजकता कैसी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) एक समान (बराबर) होती है (जैसे समूह 1 की संयोजकता 1 होती है)
Q30. आधुनिक आवर्त सारणी में समूह 3 से 12 तक के तत्वों को क्या कहा जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) संक्रमण तत्व (Transition Elements / d-ब्लॉक)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. डॉबेराइनर का त्रिक नियम (Dobereiner's Triads) क्या है? एक उदाहरण देकर समझाइए।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: जब समान गुण वाले तीन तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में रखा जाता है, तो बीच वाले तत्व का परमाणु भार पहले और तीसरे तत्व के परमाणु भार के लगभग औसत (बीच का मान) के बराबर होता है। इसे त्रिक नियम कहते हैं।
2. उदाहरण (लिथियम, सोडियम, पोटैशियम):
• लिथियम (Li) का भार = 7
• पोटैशियम (K) का भार = 39
• सोडियम (Na) का औसत भार = (7 + 39) / 2 = 23 (जो सोडियम का वास्तविक भार है)।
2. उदाहरण (लिथियम, सोडियम, पोटैशियम):
• लिथियम (Li) का भार = 7
• पोटैशियम (K) का भार = 39
• सोडियम (Na) का औसत भार = (7 + 39) / 2 = 23 (जो सोडियम का वास्तविक भार है)।
Q2. न्यूलैंड्स का अष्टक नियम (Newlands' Law of Octaves) क्या है? इसकी दो मुख्य सीमाएं (कमियां) लिखें।
आसान उत्तर देखें
1. अष्टक नियम: जब तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के क्रम में सजाया जाता है, तो संगीत के आठ सुरों (सा, रे, गा, मा, पा, धा, नि, सा) की तरह प्रत्येक आठवें तत्व के गुण पहले तत्व के समान होते हैं।
2. दो मुख्य कमियां:
• यह नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक ही सही लागू हो सका, उसके बाद के भारी तत्वों पर यह फेल हो गया।
• न्यूलैंड्स ने मान लिया था कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही हैं और भविष्य में कोई नया तत्व नहीं खोजा जाएगा (जो गलत साबित हुआ)।
2. दो मुख्य कमियां:
• यह नियम केवल कैल्शियम (Ca) तक ही सही लागू हो सका, उसके बाद के भारी तत्वों पर यह फेल हो गया।
• न्यूलैंड्स ने मान लिया था कि प्रकृति में केवल 56 तत्व ही हैं और भविष्य में कोई नया तत्व नहीं खोजा जाएगा (जो गलत साबित हुआ)।
Q3. मेंडलीव का आवर्त नियम (Mendeleev's Periodic Law) क्या है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: मेंडलीव के अनुसार, "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass) के आवर्त फलन होते हैं।"
इसका अर्थ यह है कि जब तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो एक निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले तत्व फिर से दोहराए जाते हैं।
इसका अर्थ यह है कि जब तत्वों को उनके बढ़ते हुए परमाणु भार के क्रम में व्यवस्थित किया जाता है, तो एक निश्चित अंतराल के बाद समान गुण वाले तत्व फिर से दोहराए जाते हैं।
Q4. आधुनिक आवर्त नियम (Modern Periodic Law) क्या है? इसे किसने प्रतिपादित किया?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: सन 1913 में वैज्ञानिक हेनरी मोसले (Henry Moseley) ने आधुनिक आवर्त नियम दिया।
नियम: "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या (Atomic Number) के आवर्त फलन होते हैं।"
अर्थात तत्वों के मौलिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान पर नहीं, बल्कि परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) पर निर्भर करते हैं।
नियम: "तत्वों के भौतिक एवं रासायनिक गुण उनकी परमाणु संख्या (Atomic Number) के आवर्त फलन होते हैं।"
अर्थात तत्वों के मौलिक गुण उनके परमाणु द्रव्यमान पर नहीं, बल्कि परमाणु संख्या (प्रोटॉनों की संख्या) पर निर्भर करते हैं।
Q5. मेंडलीव की आवर्त सारणी की दो मुख्य उपलब्धियां (सफलताएं) क्या थीं?
आसान उत्तर देखें
1. नए तत्वों की पहले से भविष्यवाणी: मेंडलीव ने अपनी सारणी में कुछ ऐसे तत्वों के लिए खाली जगह छोड़ दी थी जो उस समय खोजे नहीं गए थे (जैसे एका-एल्युमिनियम, एका-सिलिकॉन) और उनके गुणों की पहले ही सटीक भविष्यवाणी कर दी थी, जो बाद में गैलियम और जर्मेनियम के रूप में सच साबित हुई।
2. अक्रिय गैसों का बिना छेड़े समायोजन: जब बाद में हीलियम, नियॉन जैसी अक्रिय गैसें खोजी गईं, तो उन्हें पुरानी सारणी में बिना कोई फेरबदल किए एक अलग शून्य समूह में आसानी से जगह मिल गई।
2. अक्रिय गैसों का बिना छेड़े समायोजन: जब बाद में हीलियम, नियॉन जैसी अक्रिय गैसें खोजी गईं, तो उन्हें पुरानी सारणी में बिना कोई फेरबदल किए एक अलग शून्य समूह में आसानी से जगह मिल गई।
Q6. मेंडलीव की आवर्त सारणी की दो मुख्य कमियां (दोष) क्या थीं?
आसान उत्तर देखें
1. हाइड्रोजन का अनिश्चित स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं (समूह 1) और हैलोजन (समूह 17) दोनों से मिलता-जुलता व्यवहार करता है, इसलिए मेंडलीव हाइड्रोजन को कोई सही और निश्चित स्थान नहीं दे पाए।
2. समस्थानिकों (Isotopes) को स्थान न मिल पाना: समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान लेकिन परमाणु भार अलग-अलग होते हैं। मेंडलीव की सारणी भार पर आधारित थी, इसलिए समस्थानिकों को कहाँ रखा जाए, यह तय नहीं हो सका।
2. समस्थानिकों (Isotopes) को स्थान न मिल पाना: समस्थानिकों के रासायनिक गुण समान लेकिन परमाणु भार अलग-अलग होते हैं। मेंडलीव की सारणी भार पर आधारित थी, इसलिए समस्थानिकों को कहाँ रखा जाए, यह तय नहीं हो सका।
Q7. उत्कृष्ट गैसों (Inert / Noble Gases) को अलग समूह में क्यों रखा गया है? दो उदाहरण दें।
आसान उत्तर देखें
उत्तर: उत्कृष्ट गैसों (जैसे हीलियम - He, नियॉन - Ne, आर्गन - Ar) का सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन कोश पूरी तरह भरा (अष्टक पूर्ण) होता है। ये रासायनिक रूप से पूरी तरह अक्रिय (किसी से कोई क्रिया न करने वाली) होती हैं और इनकी संयोजकता शून्य होती है।
इनके इस अनोखे और अक्रिय गुण के कारण इन्हें आवर्त सारणी के सबसे दाईं ओर एक अलग समूह 18 (शून्य वर्ग) में रखा गया है।
इनके इस अनोखे और अक्रिय गुण के कारण इन्हें आवर्त सारणी के सबसे दाईं ओर एक अलग समूह 18 (शून्य वर्ग) में रखा गया है।
Q8. किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार (त्रिज्या) क्यों घटता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब हम किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाते हैं, तो नए कोश (कक्षाएं) नहीं जुड़ते, बल्कि उसी बाहरी कोश में एक-एक करके इलेक्ट्रॉन और केंद्र में प्रोटॉन बढ़ते जाते हैं।
प्रोटॉन बढ़ने से नाभिक का आकर्षण बल (नाभिकीय आवेश) बहुत शक्तिशाली हो जाता है, जो बाहरी इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर कसकर खींच लेता है। इस खिंचाव के कारण परमाणु का आकार सिकुड़कर छोटा हो जाता है।
प्रोटॉन बढ़ने से नाभिक का आकर्षण बल (नाभिकीय आवेश) बहुत शक्तिशाली हो जाता है, जो बाहरी इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर कसकर खींच लेता है। इस खिंचाव के कारण परमाणु का आकार सिकुड़कर छोटा हो जाता है।
Q9. किसी समूह (वर्ग) में ऊपर से नीचे जाने पर परमाणु का आकार क्यों बढ़ता है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: जब हम किसी समूह में ऊपर से नीचे की ओर जाते हैं, तो प्रत्येक नए तत्व के साथ इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश (Shell) जुड़ जाता है।
नई कक्षाएं जुड़ने से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन और केंद्र (नाभिक) के बीच की दूरी बढ़ जाती है, जिससे नाभिक की पकड़ कमजोर पड़ जाती है और परमाणु का कुल आकार बड़ा होता जाता है।
नई कक्षाएं जुड़ने से सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन और केंद्र (नाभिक) के बीच की दूरी बढ़ जाती है, जिससे नाभिक की पकड़ कमजोर पड़ जाती है और परमाणु का कुल आकार बड़ा होता जाता है।
Q10. संयोजकता (Valency) किसे कहते हैं? आवर्त में और समूह में यह किस प्रकार बदलती है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी तत्व के परमाणु के सबसे बाहरी कोश में उपस्थित संयोजी इलेक्ट्रॉनों द्वारा किसी अन्य तत्व से जुड़ने की क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं।
2. बदलाव का नियम:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): संयोजकता पहले 1 से बढ़कर 4 तक जाती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): एक ही वर्ग के सभी तत्वों के बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होने के कारण संयोजकता हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है (जैसे समूह 1 की संयोजकता हमेशा 1 रहती है)।
2. बदलाव का नियम:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): संयोजकता पहले 1 से बढ़कर 4 तक जाती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): एक ही वर्ग के सभी तत्वों के बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होने के कारण संयोजकता हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है (जैसे समूह 1 की संयोजकता हमेशा 1 रहती है)।
Q11. धात्विक गुण (Metallic Character) क्या है? आवर्त और समूह में यह कैसे बदलता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी तत्व द्वारा आसानी से इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन (Cation) बनाने की प्रवृत्ति को उसका धात्विक गुण (विद्युत धनात्मकता) कहते हैं।
2. आवर्त और समूह में परिवर्तन:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): नाभिकीय खिंचाव बढ़ने से इलेक्ट्रॉन त्यागना कठिन हो जाता है, इसलिए धात्विक गुण घटता है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): परमाणु का आकार बड़ा होने से बाहरी इलेक्ट्रॉन पर पकड़ ढीली हो जाती है, इसलिए धात्विक गुण बढ़ता है।
2. आवर्त और समूह में परिवर्तन:
• आवर्त में (बाएं से दाएं): नाभिकीय खिंचाव बढ़ने से इलेक्ट्रॉन त्यागना कठिन हो जाता है, इसलिए धात्विक गुण घटता है।
• समूह में (ऊपर से नीचे): परमाणु का आकार बड़ा होने से बाहरी इलेक्ट्रॉन पर पकड़ ढीली हो जाती है, इसलिए धात्विक गुण बढ़ता है।
Q12. उपधातु (Metalloids) किसे कहते हैं? आधुनिक आवर्त सारणी में इनके दो उदाहरण और स्थिति बताइए।
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे तत्व जिनमें धातु और अधातु दोनों के मिले-जुले गुण पाए जाते हैं, उन्हें उपधातु कहते हैं।
• दो मुख्य उदाहरण: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) (इसके अलावा बोरॉन, आर्सेनिक भी हैं)।
• सारणी में स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुएं धातुओं (बाईं ओर) और अधातुओं (दाईं ओर) के बीच एक टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा पर स्थित होती हैं।
• दो मुख्य उदाहरण: सिलिकॉन (Si) और जर्मेनियम (Ge) (इसके अलावा बोरॉन, आर्सेनिक भी हैं)।
• सारणी में स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में उपधातुएं धातुओं (बाईं ओर) और अधातुओं (दाईं ओर) के बीच एक टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) रेखा पर स्थित होती हैं।
Q13. आधुनिक आवर्त सारणी में समस्थानिकों (Isotopes) की स्थिति का विवाद कैसे सुलझ गया?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: किसी तत्व के सभी समस्थानिकों (जैसे क्लोरीन-35 और क्लोरीन-37) के परमाणु द्रव्यमान भले ही अलग-अलग हों, लेकिन उनकी परमाणु संख्या हमेशा एक ही (17) होती है।
चूंकि आधुनिक आवर्त सारणी पूरी तरह परमाणु संख्या पर आधारित है, इसलिए किसी तत्व के सभी समस्थानिकों को सारणी में एक ही स्थान (बॉक्स) पर रखा गया, जिससे मेंडलीव के समय का यह विवाद हमेशा के लिए खत्म हो गया।
चूंकि आधुनिक आवर्त सारणी पूरी तरह परमाणु संख्या पर आधारित है, इसलिए किसी तत्व के सभी समस्थानिकों को सारणी में एक ही स्थान (बॉक्स) पर रखा गया, जिससे मेंडलीव के समय का यह विवाद हमेशा के लिए खत्म हो गया।
Q14. समूह 1 (क्षार धातु) के सभी तत्वों के रासायनिक गुण एक जैसे क्यों होते हैं?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: समूह 1 के सभी तत्वों (जैसे लिथियम - 2,1, सोडियम - 2,8,1, पोटैशियम - 2,8,8,1) के सबसे बाहरी कोश में केवल 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है।
किसी भी तत्व का रासायनिक व्यवहार उसके सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करता है। सभी के पास 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन होने के कारण ये सभी 1 इलेक्ट्रॉन त्यागकर समान प्रकार के यौगिक (जैसे NaCl, KCl) बनाते हैं और एक जैसे रासायनिक गुण दिखाते हैं।
किसी भी तत्व का रासायनिक व्यवहार उसके सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करता है। सभी के पास 1 बाहरी इलेक्ट्रॉन होने के कारण ये सभी 1 इलेक्ट्रॉन त्यागकर समान प्रकार के यौगिक (जैसे NaCl, KCl) बनाते हैं और एक जैसे रासायनिक गुण दिखाते हैं।
Q15. हैलोजन (समूह 17) के तत्वों में सबसे अधिक क्रियाशील कौन है और क्यों?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: हैलोजन परिवार (F, Cl, Br, I) में फ्लोरीन (Fluorine - F) सबसे अधिक क्रियाशील और सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व है।
कारण: फ्लोरीन का परमाणु आकार समूह में सबसे छोटा होता है। छोटा आकार होने के कारण इसका नाभिक बाहर से 1 इलेक्ट्रॉन को बहुत तेजी और मजबूती से खींचकर अपना अष्टक पूरा कर लेता है।
कारण: फ्लोरीन का परमाणु आकार समूह में सबसे छोटा होता है। छोटा आकार होने के कारण इसका नाभिक बाहर से 1 इलेक्ट्रॉन को बहुत तेजी और मजबूती से खींचकर अपना अष्टक पूरा कर लेता है।
Q16. संक्रमण तत्व (Transition Elements) किसे कहते हैं? इन्हें आवर्त सारणी में कहाँ रखा गया है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: वे धात्विक तत्व जिनके बाहरी दो कोश अपूर्ण (अधूरे) होते हैं और जो परिवर्तनशील संयोजकता (रंगीन यौगिक) प्रदर्शित करते हैं, उन्हें संक्रमण तत्व (d-ब्लॉक तत्व) कहते हैं (जैसे: लोहा, तांबा, निकेल, सोना)।
2. स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में इन्हें अधिक क्षारीय धातुओं (s-ब्लॉक) और अधातुओं (p-ब्लॉक) के बीच में समूह 3 से समूह 12 तक रखा गया है।
2. स्थिति: आधुनिक आवर्त सारणी में इन्हें अधिक क्षारीय धातुओं (s-ब्लॉक) और अधातुओं (p-ब्लॉक) के बीच में समूह 3 से समूह 12 तक रखा गया है।
Q17. विद्युत ऋणात्मकता (Electronegativity) क्या है? आवर्त में यह किस प्रकार बदलती है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी परमाणु द्वारा सहसंयोजक आबंध में साझे के इलेक्ट्रॉनों को अपनी ओर आकर्षित करने की ताकत को विद्युत ऋणात्मकता कहते हैं।
2. आवर्त में परिवर्तन: किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार छोटा होने और नाभिकीय खिंचाव बढ़ने के कारण विद्युत ऋणात्मकता लगातार बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है)।
2. आवर्त में परिवर्तन: किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर परमाणु का आकार छोटा होने और नाभिकीय खिंचाव बढ़ने के कारण विद्युत ऋणात्मकता लगातार बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक तत्व है)।
Q18. आयनन ऊर्जा (Ionisation Energy) किसे कहते हैं? समूह में नीचे जाने पर इसका मान क्यों घटता है?
आसान उत्तर देखें
1. परिभाषा: किसी गैसीय परमाणु के सबसे बाहरी कोश से एक इलेक्ट्रॉन को बाहर निकालने के लिए जितनी न्यूनतम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, उसे आयनन ऊर्जा कहते हैं।
2. समूह में घटने का कारण: नीचे जाने पर नए कोश जुड़ने से परमाणु का आकार बड़ा हो जाता है, जिससे बाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक की पकड़ कमजोर हो जाती है और कम ऊर्जा में ही इलेक्ट्रॉन आसानी से बाहर निकल जाता है।
2. समूह में घटने का कारण: नीचे जाने पर नए कोश जुड़ने से परमाणु का आकार बड़ा हो जाता है, जिससे बाहरी इलेक्ट्रॉन पर नाभिक की पकड़ कमजोर हो जाती है और कम ऊर्जा में ही इलेक्ट्रॉन आसानी से बाहर निकल जाता है।
Q19. एक तत्व X का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 7 है। बताइए कि यह किस आवर्त और किस समूह का तत्व है?
आसान उत्तर देखें
उत्तर: तत्व X का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास = 2, 8, 7 (परमाणु संख्या = 17, जो क्लोरीन है)।
• आवर्त (Period): तीसरा (3rd), क्योंकि इसमें इलेक्ट्रॉनों के कुल 3 कोश (K, L, M) हैं।
• समूह (Group): 17वाँ, क्योंकि सबसे बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं (समूह संख्या = 10 + 7 = 17)।
• संयोजकता: 8 - 7 = 1
• आवर्त (Period): तीसरा (3rd), क्योंकि इसमें इलेक्ट्रॉनों के कुल 3 कोश (K, L, M) हैं।
• समूह (Group): 17वाँ, क्योंकि सबसे बाहरी कोश में 7 इलेक्ट्रॉन हैं (समूह संख्या = 10 + 7 = 17)।
• संयोजकता: 8 - 7 = 1
Q20. लैंथेनॉइड्स और एक्टिनॉइड्स क्या हैं? इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे से नीचे अलग क्यों रखा गया है?
आसान उत्तर देखें
1. परिचय: छठे आवर्त के 14 तत्व (परमाणु संख्या 58 से 71) लैंथेनॉइड्स और सातवें आवर्त के 14 तत्व (परमाणु संख्या 90 से 103) एक्टिनॉइड्स कहलाते हैं (f-ब्लॉक तत्व)।
2. अलग नीचे रखने का कारण: यदि इन 28 तत्वों को सारणी के बीच में रखा जाता, तो आवर्त सारणी की चौड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती और उसका सुंदर व संतुलित ढांचा बिगड़ जाता। सारणी को सुव्यवस्थित और पढ़ने में आसान रखने के लिए इन्हें नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है।
2. अलग नीचे रखने का कारण: यदि इन 28 तत्वों को सारणी के बीच में रखा जाता, तो आवर्त सारणी की चौड़ाई बहुत ज्यादा बढ़ जाती और उसका सुंदर व संतुलित ढांचा बिगड़ जाता। सारणी को सुव्यवस्थित और पढ़ने में आसान रखने के लिए इन्हें नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है।
अंतर स्पष्ट करने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न
Q. मेंडलीव की आवर्त सारणी और आधुनिक आवर्त सारणी में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | मेंडलीव की आवर्त सारणी | आधुनिक आवर्त सारणी |
|---|---|---|
| 1. | तत्वों के परमाणु द्रव्यमान (भार) पर आधारित है। | तत्वों की परमाणु संख्या पर आधारित है। |
| 2. | इसमें कुल 6 आवर्त और 8 समूह (वर्ग) थे। | इसमें कुल 7 आवर्त और 18 समूह (वर्ग) हैं। |
| 3. | समस्थानिकों (Isotopes) को कोई निश्चित स्थान नहीं मिला। | समस्थानिकों को एक ही परमाणु संख्या के स्थान पर रखा गया। |
| 4. | उत्कृष्ट (अक्रिय) गैसों के लिए पहले कोई स्थान नहीं था। | अक्रिय गैसों के लिए अलग से समूह 18 बनाया गया। |
| 5. | अधिक भार वाले तत्व कभी-कभी कम भार वाले से पहले आ गए। | सभी तत्व परमाणु संख्या के सही बढ़ते क्रम में व्यवस्थित हैं। |
Q. आवर्त (Periods) और समूह/वर्ग (Groups) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | आवर्त (Periods) | समूह / वर्ग (Groups) |
|---|---|---|
| 1. | सारणी की क्षैतिज (आड़ी) कतारों को आवर्त कहते हैं। | सारणी के ऊर्ध्वाधर (खड़े) स्तंभों को समूह कहते हैं। |
| 2. | आधुनिक आवर्त सारणी में इनकी कुल संख्या 7 है। | आधुनिक आवर्त सारणी में इनकी कुल संख्या 18 है। |
| 3. | एक ही आवर्त के तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक कोश समान होते हैं। | एक ही समूह के तत्वों के सबसे बाहरी इलेक्ट्रॉन समान होते हैं। |
| 4. | बाएं से दाएं जाने पर संयोजकता बदलती रहती है। | ऊपर से नीचे जाने पर सभी तत्वों की संयोजकता समान रहती है। |
| 5. | आवर्त में तत्वों के रासायनिक गुण अलग-अलग होते हैं। | एक समूह के सभी तत्वों के रासायनिक गुण लगभग समान होते हैं। |
Q. क्षार धातुएँ (समूह 1) और हैलोजन (समूह 17) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | क्षार धातुएँ (समूह 1) | हैलोजन तत्व (समूह 17) |
|---|---|---|
| 1. | ये अत्यंत सक्रिय धातुएँ होती हैं। | ये अत्यंत सक्रिय अधातुएँ होती हैं। |
| 2. | इनके बाहरी कोश में 1 संयोजी इलेक्ट्रॉन होता है। | इनके बाहरी कोश में 7 संयोजी इलेक्ट्रॉन होते हैं। |
| 3. | 1 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन (M⁺) बनाती हैं। | 1 इलेक्ट्रॉन लेकर ऋण आयन (X⁻) बनाती हैं। |
| 4. | ये अत्यधिक विद्युत धनात्मक (Electropositive) हैं। | ये अत्यधिक विद्युत ऋणात्मक (Electronegative) हैं। |
| 5. | उदा. लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K)। | उदा. फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br)। |
Q. डॉबेराइनर के त्रिक नियम और न्यूलैंड्स के अष्टक नियम में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | डॉबेराइनर का त्रिक नियम | न्यूलैंड्स का अष्टक नियम |
|---|---|---|
| 1. | यह नियम सन 1817 में प्रस्तुत किया गया। | यह नियम सन 1866 में प्रस्तुत किया गया। |
| 2. | तत्वों को 3-3 के समूहों (त्रिक) में बांटा गया। | तत्वों को 8-8 के क्रम (अष्टक) में सजाया गया। |
| 3. | बीच के तत्व का भार अन्य दो के औसत के बराबर था। | प्रत्येक 8वें तत्व के गुण पहले तत्व के समान थे। |
| 4. | उस समय केवल 3 ही सफल त्रिक खोजे जा सके। | यह नियम कैल्शियम (परमाणु संख्या 20) तक लागू हुआ। |
| 5. | यह गणितीय औसत पर आधारित था। | यह संगीत के सात सुरों के दोहराव पर आधारित था। |
Q. सामान्य तत्व (Representative Elements) और संक्रमण तत्व (Transition Elements) में पाँच मुख्य अंतर स्पष्ट करें।
उत्तर देखें
| क्र.सं. | सामान्य तत्व (s एवं p ब्लॉक) | संक्रमण तत्व (d ब्लॉक) |
|---|---|---|
| 1. | ये समूह 1, 2 और 13 से 17 में स्थित हैं। | ये समूह 3 से 12 के बीच में स्थित हैं। |
| 2. | इनका केवल सबसे बाहरी कोश (1 Shell) अपूर्ण होता है। | इनके बाहर के दो कोश (2 Shells) अपूर्ण होते हैं। |
| 3. | इनमें धातु, अधातु और उपधातु तीनों शामिल हैं। | ये सभी के सभी भारी और कठोर धातुएँ हैं। |
| 4. | इनकी संयोजकता प्रायः निश्चित होती है। | ये परिवर्तनशील (बदलने वाली) संयोजकता दर्शाते हैं। |
| 5. | इनके यौगिक प्रायः सफेद या रंगहीन होते हैं। | इनके यौगिक प्रायः सुंदर रंगीन होते हैं। |
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. आधुनिक आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताओं की व्याख्या करें। यह मेंडलीव की आवर्त सारणी की कमियों को दूर करने में किस प्रकार सफल रही?
आसान उत्तर देखें
1. आधुनिक आवर्त सारणी की मुख्य विशेषताएं:
• (i) परमाणु संख्या पर आधारित: यह तत्वों की बढ़ती हुई परमाणु संख्या (Atomic Number) पर आधारित है, जो तत्व का सबसे मौलिक गुण है।
• (ii) आवर्त और समूह: इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह/वर्ग) हैं।
• (iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से सीधा संबंध: एक ही समूह के सभी तत्वों के सबसे बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।
• (iv) धातुओं, उपधातुओं और अधातुओं का स्पष्ट विभाजन: बाईं ओर धातुएँ, दाईं ओर अधातुएँ और बीच में एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा पर उपधातुएँ स्थित हैं।
2. मेंडलीव के दोषों का निवारण:
• समस्थानिकों की समस्या का हल: समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है, इसलिए उन्हें अलग-अलग जगह ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ी और वे एक ही स्थान पर आ गए।
• परमाणु भार की विसंगति दूर होना: कोबाल्ट (परमाणु संख्या 27) अपने आप निकेल (परमाणु संख्या 28) से पहले आ गया, जबकि भार में यह उल्टा था।
• अक्रिय गैसों का स्थान: उत्कृष्ट गैसों को बिना किसी छेड़छाड़ के अलग से समूह 18 में सुंदर स्थान मिला।
• (i) परमाणु संख्या पर आधारित: यह तत्वों की बढ़ती हुई परमाणु संख्या (Atomic Number) पर आधारित है, जो तत्व का सबसे मौलिक गुण है।
• (ii) आवर्त और समूह: इसमें 7 क्षैतिज पंक्तियाँ (आवर्त) और 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ (समूह/वर्ग) हैं।
• (iii) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास से सीधा संबंध: एक ही समूह के सभी तत्वों के सबसे बाहरी कोश में बराबर इलेक्ट्रॉन होते हैं, जिससे उनके रासायनिक गुण एक समान होते हैं।
• (iv) धातुओं, उपधातुओं और अधातुओं का स्पष्ट विभाजन: बाईं ओर धातुएँ, दाईं ओर अधातुएँ और बीच में एक टेढ़ी-मेढ़ी रेखा पर उपधातुएँ स्थित हैं।
2. मेंडलीव के दोषों का निवारण:
• समस्थानिकों की समस्या का हल: समस्थानिकों की परमाणु संख्या समान होती है, इसलिए उन्हें अलग-अलग जगह ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ी और वे एक ही स्थान पर आ गए।
• परमाणु भार की विसंगति दूर होना: कोबाल्ट (परमाणु संख्या 27) अपने आप निकेल (परमाणु संख्या 28) से पहले आ गया, जबकि भार में यह उल्टा था।
• अक्रिय गैसों का स्थान: उत्कृष्ट गैसों को बिना किसी छेड़छाड़ के अलग से समूह 18 में सुंदर स्थान मिला।
Q2. आवर्तिता (Periodicity) से क्या तात्पर्य है? आवर्त सारणी में बाएं से दाएं जाने पर तथा समूह में ऊपर से नीचे आने पर निम्नलिखित गुणों में क्या परिवर्तन होता है?
(i) परमाणु आकार (ii) संयोजकता (iii) धात्विक गुण (iv) विद्युत ऋणात्मकता
(i) परमाणु आकार (ii) संयोजकता (iii) धात्विक गुण (iv) विद्युत ऋणात्मकता
आसान उत्तर देखें
आवर्तिता की परिभाषा:
नियमित अंतराल के बाद तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों की पुनरावृत्ति (दोहराव) को गुणों की आवर्तिता कहते हैं।
चार प्रमुख गुणों में क्रमिक परिवर्तन:
• (i) परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या):
- आवर्त में (बाएं से दाएं): घटता है (नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से इलेक्ट्रॉन केंद्र की ओर खिंचते हैं)।
- समूह में (ऊपर से नीचे): बढ़ता है (हर बार इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश जुड़ जाता है)।
• (ii) संयोजकता (Valency):
- आवर्त में: पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
- समूह में: हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
• (iii) धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता):
- आवर्त में: घटता है (अधात्विक गुण बढ़ता है)।
- समूह में: बढ़ता है (आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकल जाते हैं)।
• (iv) विद्युत ऋणात्मकता (इलेक्ट्रॉन खींचने की ताकत):
- आवर्त में: बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
- समूह में: घटती है।
नियमित अंतराल के बाद तत्वों के भौतिक और रासायनिक गुणों की पुनरावृत्ति (दोहराव) को गुणों की आवर्तिता कहते हैं।
चार प्रमुख गुणों में क्रमिक परिवर्तन:
• (i) परमाणु आकार (परमाणु त्रिज्या):
- आवर्त में (बाएं से दाएं): घटता है (नाभिकीय आकर्षण बढ़ने से इलेक्ट्रॉन केंद्र की ओर खिंचते हैं)।
- समूह में (ऊपर से नीचे): बढ़ता है (हर बार इलेक्ट्रॉनों का एक नया कोश जुड़ जाता है)।
• (ii) संयोजकता (Valency):
- आवर्त में: पहले 1 से बढ़कर 4 होती है, फिर घटकर शून्य (0) हो जाती है।
- समूह में: हमेशा एक समान (स्थिर) रहती है।
• (iii) धात्विक गुण (इलेक्ट्रॉन त्यागने की क्षमता):
- आवर्त में: घटता है (अधात्विक गुण बढ़ता है)।
- समूह में: बढ़ता है (आकार बड़ा होने से इलेक्ट्रॉन आसानी से निकल जाते हैं)।
• (iv) विद्युत ऋणात्मकता (इलेक्ट्रॉन खींचने की ताकत):
- आवर्त में: बढ़ती है (फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक है)।
- समूह में: घटती है।
Q3. मेंडलीव की आवर्त सारणी के गुण (सफलताएं) एवं दोष (कमियों) का विस्तार से वर्णन करें।
आसान उत्तर देखें
1. मेंडलीव की आवर्त सारणी के प्रमुख गुण (सफलताएं):
• तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन: पहली बार 63 तत्वों को उनके गुणों के आधार पर आवर्त और समूह में सजाया गया, जिससे रसायन विज्ञान को समझना बहुत सरल हो गया।
• अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान: मेंडलीव ने भविष्यवाणी के साथ खाली स्थान छोड़े (जैसे एका-एल्युमिनियम → गैलियम, एका-सिलिकॉन → जर्मेनियम, एका-बोरॉन → स्कैंडियम), जो बाद में 100% सही साबित हुए।
• संदिग्ध परमाणु भारों में सुधार: बेरिलियम, प्लैटिनम और सोने जैसे तत्वों के गलत माने गए परमाणु भारों को ठीक किया गया।
2. मेंडलीव की आवर्त सारणी के मुख्य दोष (कमियां):
• हाइड्रोजन का विवादास्पद स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों जैसे गुण दिखाता है, इसलिए इसे सही स्थान नहीं दिया जा सका।
• समस्थानिकों का स्थान न होना: समस्थानिकों के भार अलग होते हैं, लेकिन उनके लिए अलग बॉक्स नहीं थे।
• परमाणु भार के क्रम में विसंगति: अधिक भार वाले तत्व (जैसे कोबाल्ट - 58.9) को कम भार वाले तत्व (निकेल - 58.7) से पहले रख दिया गया था।
• तत्वों का व्यवस्थित अध्ययन: पहली बार 63 तत्वों को उनके गुणों के आधार पर आवर्त और समूह में सजाया गया, जिससे रसायन विज्ञान को समझना बहुत सरल हो गया।
• अनखोजे तत्वों के लिए रिक्त स्थान: मेंडलीव ने भविष्यवाणी के साथ खाली स्थान छोड़े (जैसे एका-एल्युमिनियम → गैलियम, एका-सिलिकॉन → जर्मेनियम, एका-बोरॉन → स्कैंडियम), जो बाद में 100% सही साबित हुए।
• संदिग्ध परमाणु भारों में सुधार: बेरिलियम, प्लैटिनम और सोने जैसे तत्वों के गलत माने गए परमाणु भारों को ठीक किया गया।
2. मेंडलीव की आवर्त सारणी के मुख्य दोष (कमियां):
• हाइड्रोजन का विवादास्पद स्थान: हाइड्रोजन क्षार धातुओं और हैलोजन दोनों जैसे गुण दिखाता है, इसलिए इसे सही स्थान नहीं दिया जा सका।
• समस्थानिकों का स्थान न होना: समस्थानिकों के भार अलग होते हैं, लेकिन उनके लिए अलग बॉक्स नहीं थे।
• परमाणु भार के क्रम में विसंगति: अधिक भार वाले तत्व (जैसे कोबाल्ट - 58.9) को कम भार वाले तत्व (निकेल - 58.7) से पहले रख दिया गया था।
Q4. आधुनिक आवर्त सारणी के तत्वों को s, p, d और f ब्लॉकों में किस आधार पर बांटा गया है? प्रत्येक ब्लॉक की दो-दो मुख्य विशेषताएं एवं उदाहरण दें।
आसान उत्तर देखें
वर्गीकरण का आधार: सबसे अंतिम (विभेदी) इलेक्ट्रॉन किस उपकोश (s, p, d या f) में प्रवेश करता है, उसी के आधार पर तत्वों को 4 ब्लॉकों में बांटा गया है:
• 1. s-ब्लॉक तत्व (समूह 1 एवं 2):
- ये अत्यधिक सक्रिय और मुलायम धातुएँ हैं (जैसे Na, K, Ca)।
- ये आसानी से 1 या 2 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन बनाते हैं।
• 2. p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 से 18):
- इसमें धातुएँ, उपधातुएँ, अधातुएँ और अक्रिय गैसें सभी शामिल हैं (जैसे C, N, O, Cl, Ne)।
- ये मुख्य रूप से सहसंयोजक और अम्लीय ऑक्साइड वाले यौगिक बनाते हैं।
• 3. d-ब्लॉक तत्व (समूह 3 से 12 / संक्रमण तत्व):
- ये सभी कठोर, उच्च गलनांक वाली भारी धातुएँ हैं (जैसे Fe, Cu, Zn, Au)।
- ये परिवर्तनशील संयोजकता दिखाते हैं और इनके यौगिक रंगीन होते हैं।
• 4. f-ब्लॉक तत्व (लैंथेनॉइड्स एवं एक्टिनॉइड्स / आंतरिक संक्रमण तत्व):
- इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे के नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है (जैसे यूरेनियम - U, थोरियम - Th)।
- इनमें से अधिकांश तत्व रेडियोधर्मी और प्रयोगशाला में निर्मित (मानव निर्मित) हैं।
• 1. s-ब्लॉक तत्व (समूह 1 एवं 2):
- ये अत्यधिक सक्रिय और मुलायम धातुएँ हैं (जैसे Na, K, Ca)।
- ये आसानी से 1 या 2 इलेक्ट्रॉन त्यागकर धन आयन बनाते हैं।
• 2. p-ब्लॉक तत्व (समूह 13 से 18):
- इसमें धातुएँ, उपधातुएँ, अधातुएँ और अक्रिय गैसें सभी शामिल हैं (जैसे C, N, O, Cl, Ne)।
- ये मुख्य रूप से सहसंयोजक और अम्लीय ऑक्साइड वाले यौगिक बनाते हैं।
• 3. d-ब्लॉक तत्व (समूह 3 से 12 / संक्रमण तत्व):
- ये सभी कठोर, उच्च गलनांक वाली भारी धातुएँ हैं (जैसे Fe, Cu, Zn, Au)।
- ये परिवर्तनशील संयोजकता दिखाते हैं और इनके यौगिक रंगीन होते हैं।
• 4. f-ब्लॉक तत्व (लैंथेनॉइड्स एवं एक्टिनॉइड्स / आंतरिक संक्रमण तत्व):
- इन्हें आवर्त सारणी के मुख्य ढांचे के नीचे दो अलग क्षैतिज कतारों में रखा गया है (जैसे यूरेनियम - U, थोरियम - Th)।
- इनमें से अधिकांश तत्व रेडियोधर्मी और प्रयोगशाला में निर्मित (मानव निर्मित) हैं।
