अध्याय 1: प्रकाश का परावर्तन तथा अपवर्तन
VVI Objective & Subjective Questions (className 10th)
Q1. दाढ़ी (हजामत) बनाने में किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) अवतल दर्पण
Q2. निर्वात (Vacuum) में प्रकाश की चाल कितनी होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) 3 × 10⁸ m/s
Q3. प्रकाश के परावर्तन के कितने नियम होते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दो
Q4. वाहनों के साइड मिरर (पश्च-दृश्य दर्पण) के रूप में किस दर्पण का उपयोग होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उत्तल दर्पण
Q5. लेंस की क्षमता (Power of Lens) का SI मात्रक क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) डायोप्टर (D)
Q6. प्रकाश तरंग (Light wave) किस प्रकार की तरंग का उदाहरण है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) विद्युत चुम्बकीय तरंग
Q7. किस दर्पण में हमेशा वस्तु से छोटा और सीधा प्रतिबिंब बनता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) उत्तल दर्पण
Q8. किस दर्पण की फोकस दूरी (Focus distance) ऋणात्मक (-ve) होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) अवतल दर्पण
Q9. उत्तल लेंस (Convex lens) को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) अभिसारी लेंस
Q10. किसी माध्यम के अपवर्तनांक (μ) का मान क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) sin i / sin r (स्नेल का नियम)
Q11. मोटर गाड़ी के चालक (Driver) के सामने कौन सा दर्पण लगा होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) उत्तल दर्पण
Q12. सरल सूक्ष्मदर्शी (Simple Microscope) में किसका उपयोग होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) उत्तल लेंस
Q13. किस माध्यम का अपवर्तनांक (Refractive index) सबसे अधिक होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) हीरा (2.42)
Q14. प्रकाश हमेशा किस रेखा में गमन करता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) सीधी रेखा में
Q15. पानी में डूबी हुई पेंसिल मुड़ी हुई क्यों प्रतीत होती है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) प्रकाश के अपवर्तन के कारण
Q16. रोगियों के नाक, कान, गले आदि की जाँच के लिए डॉक्टर किस दर्पण का उपयोग करते हैं?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) अवतल दर्पण
Q17. निम्नलिखित में से किस पदार्थ का उपयोग लेंस बनाने के लिए नहीं किया जा सकता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) मिट्टी (Clay)
Q18. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम (Denser) से विरल माध्यम (Rarer) में जाती है, तो क्या होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) अभिलंब से दूर हट जाती है
Q19. किसी शब्दकोश (Dictionary) के छोटे अक्षरों को पढ़ने के लिए आप किस लेंस का उपयोग करना पसंद करेंगे?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) 5 cm फोकस दूरी का उत्तल लेंस
Q20. किसी गोलीय दर्पण तथा किसी पतले गोलीय लेंस, दोनों की फोकस दूरियां -15 cm हैं। दर्पण तथा लेंस संभवतः हैं:
उत्तर देखें
सही उत्तर: (A) दोनों अवतल (Concave)
Q21. एक उत्तल लेंस की क्षमता (Power) 1 डायोप्टर (+1 D) है, तो उस लेंस की फोकस दूरी कितनी होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) +100 cm (f = 100/P)
Q22. परावर्तन के नियम (Laws of Reflection) से क्या निर्धारित होता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (C) आपतन कोण = परावर्तन कोण
Q23. किसी उत्तल लेंस की फोकस दूरी 50 cm है, तो उसकी क्षमता क्या होगी?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) +2 D (P = 100/50)
Q24. अवतल दर्पण के ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच रखी वस्तु का प्रतिबिंब कहाँ और कैसा बनता है?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (B) दर्पण के पीछे, आभासी (Virtual) और सीधा
Q25. एक प्रकाश किरण समतल दर्पण पर लंबवत (90° पर) आपतित होती है, तो परावर्तन कोण का मान क्या होगा?
उत्तर देखें
सही उत्तर: (D) 0° (किरण उसी पथ पर वापस लौट जाती है)
महत्वपूर्ण लघु उत्तरीय प्रश्न (2 Marks)
Q1. प्रकाश के परावर्तन के नियमों को लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं:
1. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर डाला गया अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
2. आपतन कोण ($i$) सदैव परावर्तन कोण ($r$) के बराबर होता है ($i = r$)।
1. आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिंदु पर डाला गया अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
2. आपतन कोण ($i$) सदैव परावर्तन कोण ($r$) के बराबर होता है ($i = r$)।
Q2. वास्तविक और आभासी (काल्पनिक) प्रतिबिंब में क्या अंतर है?
उत्तर देखें
उत्तर:
वास्तविक प्रतिबिंब: यह किरणों के वास्तविक कटान से बनता है। इसे पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है और यह हमेशा वस्तु की अपेक्षा उल्टा होता है।
आभासी प्रतिबिंब: यह किरणों के काल्पनिक कटान से बनता है (किरणें मिलती हुई प्रतीत होती हैं)। इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता और यह हमेशा वस्तु की अपेक्षा सीधा होता है।
वास्तविक प्रतिबिंब: यह किरणों के वास्तविक कटान से बनता है। इसे पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है और यह हमेशा वस्तु की अपेक्षा उल्टा होता है।
आभासी प्रतिबिंब: यह किरणों के काल्पनिक कटान से बनता है (किरणें मिलती हुई प्रतीत होती हैं)। इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता और यह हमेशा वस्तु की अपेक्षा सीधा होता है।
Q3. अवतल दर्पण के दो प्रमुख उपयोग लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: अवतल दर्पण के दो प्रमुख उपयोग निम्नलिखित हैं:
1. हजामती (दाढ़ी बनाने वाले) दर्पण के रूप में, क्योंकि यह चेहरे का बड़ा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
2. डॉक्टरों द्वारा रोगियों के नाक, कान, गले और दांत की जांच करने के लिए। (टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट में भी इसका उपयोग होता है)।
1. हजामती (दाढ़ी बनाने वाले) दर्पण के रूप में, क्योंकि यह चेहरे का बड़ा और सीधा प्रतिबिंब बनाता है।
2. डॉक्टरों द्वारा रोगियों के नाक, कान, गले और दांत की जांच करने के लिए। (टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट में भी इसका उपयोग होता है)।
Q4. वाहनों के साइड मिरर (पीछे देखने के आईने) के रूप में उत्तल दर्पण का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर देखें
उत्तर: उत्तल दर्पण का उपयोग साइड मिरर के रूप में इसलिए किया जाता है क्योंकि यह हमेशा वस्तु का सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है। इसका दृष्टि क्षेत्र (Field of view) बहुत विस्तृत (बड़ा) होता है, जिससे ड्राइवर पीछे के बहुत बड़े क्षेत्र को आसानी से देख पाता है।
Q5. प्रकाश का अपवर्तन क्या है? स्नेल का नियम लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में तिरछी प्रवेश करती है, तो वह अपने मूल पथ से मुड़ जाती है। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं。
स्नेल का नियम: किन्हीं दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की ज्या (sin i) और अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात एक नियतांक (स्थिरांक) होता है। (sin i / sin r = μ)
स्नेल का नियम: किन्हीं दो माध्यमों के लिए आपतन कोण की ज्या (sin i) और अपवर्तन कोण की ज्या (sin r) का अनुपात एक नियतांक (स्थिरांक) होता है। (sin i / sin r = μ)
Q6. हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है?
उत्तर देखें
उत्तर: हीरे का अपवर्तनांक 2.42 होने का अर्थ यह है कि निर्वात (या हवा) में प्रकाश की चाल और हीरे में प्रकाश की चाल का अनुपात 2.42 है। दूसरे शब्दों में, हीरे का प्रकाशिक घनत्व बहुत अधिक है, जिसके कारण हीरे में प्रकाश की चाल हवा की तुलना में काफी कम (लगभग 1/2.42 गुना) हो जाती है।
Q7. लेंस की क्षमता (Power of Lens) से आप क्या समझते हैं? इसका SI मात्रक क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: किसी लेंस द्वारा प्रकाश किरणों को अभिसारित (इकट्ठा) या अपसारित (फैलाने) करने की क्षमता को उस लेंस की क्षमता (P) कहते हैं। यह लेंस की फोकस दूरी (f) के व्युत्क्रम (उल्टे) के बराबर होती है (P = 1/f)।
इसका SI मात्रक डायोप्टर (D) है।
इसका SI मात्रक डायोप्टर (D) है।
Q8. पानी में आंशिक रूप से डूबी हुई पेंसिल मुड़ी हुई क्यों दिखाई देती है?
उत्तर देखें
उत्तर: जब पेंसिल को पानी में डुबाया जाता है, तो पेंसिल के डूबे हुए भाग से आने वाली प्रकाश किरणें पानी (सघन माध्यम) से हवा (विरल माध्यम) में प्रवेश करती हैं। अपवर्तन के कारण ये किरणें अभिलंब से दूर हट जाती हैं। जब ये अपवर्तित किरणें हमारी आँखों तक पहुँचती हैं, तो पेंसिल अपनी वास्तविक स्थिति से थोड़ी ऊपर उठी और मुड़ी हुई प्रतीत होती है।
Q9. उत्तल लेंस को अभिसारी (Converging) लेंस क्यों कहा जाता है?
उत्तर देखें
उत्तर: उत्तल लेंस मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश की सभी किरणों को अपवर्तन के बाद एक ही बिंदु (फोकस) पर अभिसारित (इकट्ठा) कर देता है। प्रकाश किरणों को एक जगह केंद्रित करने के इसी गुण के कारण इसे अभिसारी लेंस कहा जाता है।
Q10. अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण में दो मुख्य अंतर लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर:
1. अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर धंसी होती है, जबकि उत्तल दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है。
2. अवतल दर्पण वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है, जबकि उत्तल दर्पण हमेशा केवल आभासी (काल्पनिक), सीधा और छोटा प्रतिबिंब ही बनाता है।
1. अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर धंसी होती है, जबकि उत्तल दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है。
2. अवतल दर्पण वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है, जबकि उत्तल दर्पण हमेशा केवल आभासी (काल्पनिक), सीधा और छोटा प्रतिबिंब ही बनाता है।
Q11. आवर्धन (Magnification) किसे कहते हैं? सूत्र भी लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: किसी दर्पण या लेंस द्वारा बने प्रतिबिंब की ऊँचाई (h') और वस्तु की ऊँचाई (h) के अनुपात को आवर्धन कहते हैं। इसे 'm' से सूचित किया जाता है।
सूत्र: m = प्रतिबिंब की ऊँचाई / वस्तु की ऊँचाई = h' / h
(दर्पण के लिए m = -v/u और लेंस के लिए m = v/u)
सूत्र: m = प्रतिबिंब की ऊँचाई / वस्तु की ऊँचाई = h' / h
(दर्पण के लिए m = -v/u और लेंस के लिए m = v/u)
Q12. समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की किन्हीं दो विशेषताओं को लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: समतल दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब की विशेषताएँ:
1. प्रतिबिंब हमेशा आभासी (काल्पनिक) और सीधा होता है, तथा इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
2. प्रतिबिंब का आकार हमेशा वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है और यह दर्पण के उतना ही पीछे बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे होती है।
1. प्रतिबिंब हमेशा आभासी (काल्पनिक) और सीधा होता है, तथा इसे पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता।
2. प्रतिबिंब का आकार हमेशा वस्तु के आकार के बिल्कुल बराबर होता है और यह दर्पण के उतना ही पीछे बनता है जितनी दूरी पर वस्तु दर्पण के आगे होती है।
Q13. निरपेक्ष अपवर्तनांक (Absolute Refractive Index) से आप क्या समझते हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: निर्वात (Vacuum) में प्रकाश की चाल (c) और किसी दिए गए माध्यम में प्रकाश की चाल (v) के अनुपात को उस माध्यम का निरपेक्ष अपवर्तनांक कहते हैं। इसे 'n' या 'μ' से दर्शाते हैं।
सूत्र: n = c / v
सूत्र: n = c / v
Q14. पार्श्विक विस्थापन (Lateral Displacement) क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: जब प्रकाश की किरण किसी कांच के आयताकार स्लैब (गुटके) से होकर गुजरती है, तो आपतित किरण की मूल दिशा (बढ़ाई गई लाइन) और स्लैब से बाहर निकलने वाली निर्गत किरण एक-दूसरे के समांतर होती हैं। इन दोनों समांतर किरणों के बीच की लंबवत दूरी को ही पार्श्विक विस्थापन कहते हैं।
Q15. किसी लेंस की 1 डायोप्टर (1 D) क्षमता को परिभाषित करें।
उत्तर देखें
उत्तर: 1 डायोप्टर (1 D) उस लेंस की क्षमता है, जिसकी फोकस दूरी 1 मीटर (1 m) होती है।
अर्थात यदि f = 1 m हो, तो P = 1 / 1 m = 1 D होता है।
अर्थात यदि f = 1 m हो, तो P = 1 / 1 m = 1 D होता है।
महत्वपूर्ण दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 Marks)
Q1. गोलीय दर्पण (अवतल दर्पण) में सिद्ध करें कि फोकस दूरी वक्रता त्रिज्या की आधी होती है (f = R/2)।
विस्तृत उत्तर देखें
प्रमाणीकरण:
माना कि एक अवतल दर्पण है जिसका ध्रुव P, फोकस F और वक्रता केंद्र C है। मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरण AB, दर्पण से परावर्तन के बाद फोकस F से होकर गुजरती है। CB को मिलाया, जो बिंदु B पर अभिलंब है।
परावर्तन के नियम से:
∠ABC (आपतन कोण i) = ∠CBF (परावर्तन कोण r) ... (समीकरण 1)
चूँकि AB और PC समांतर हैं और CB उन्हें काटती है, इसलिए एकांतर कोण बराबर होंगे:
∠ABC = ∠BCF ... (समीकरण 2)
समीकरण (1) और (2) से:
∠CBF = ∠BCF
अतः ΔCBF एक समद्विबाहु त्रिभुज है। इसलिए, BF = CF
यदि दर्पण का द्वारक बहुत छोटा हो, तो बिंदु B, ध्रुव P के बहुत निकट होगा।
तब, BF ≈ PF
इसलिए, PF = CF
अर्थात, F, PC (वक्रता त्रिज्या R) का मध्य बिंदु है।
PF + CF = PC
PF + PF = PC (चूँकि PF = CF)
2PF = PC
2f = R
f = R/2 (प्रमाणित)
माना कि एक अवतल दर्पण है जिसका ध्रुव P, फोकस F और वक्रता केंद्र C है। मुख्य अक्ष के समांतर आपतित किरण AB, दर्पण से परावर्तन के बाद फोकस F से होकर गुजरती है। CB को मिलाया, जो बिंदु B पर अभिलंब है।
परावर्तन के नियम से:
∠ABC (आपतन कोण i) = ∠CBF (परावर्तन कोण r) ... (समीकरण 1)
चूँकि AB और PC समांतर हैं और CB उन्हें काटती है, इसलिए एकांतर कोण बराबर होंगे:
∠ABC = ∠BCF ... (समीकरण 2)
समीकरण (1) और (2) से:
∠CBF = ∠BCF
अतः ΔCBF एक समद्विबाहु त्रिभुज है। इसलिए, BF = CF
यदि दर्पण का द्वारक बहुत छोटा हो, तो बिंदु B, ध्रुव P के बहुत निकट होगा।
तब, BF ≈ PF
इसलिए, PF = CF
अर्थात, F, PC (वक्रता त्रिज्या R) का मध्य बिंदु है।
PF + CF = PC
PF + PF = PC (चूँकि PF = CF)
2PF = PC
2f = R
f = R/2 (प्रमाणित)
[ यहाँ अवतल दर्पण में f = R/2 का किरण आरेख रहेगा ]
Q2. उत्तल लेंस और अवतल लेंस में विस्तार से अंतर स्पष्ट करें।
विस्तृत उत्तर देखें
उत्तल लेंस और अवतल लेंस में प्रमुख अंतर:
1. बनावट:
• उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है।
• अवतल लेंस बीच में पतला और किनारों पर मोटा होता है।
2. प्रकाश पर प्रभाव (प्रकृति):
• उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर सिकोड़ता (अभिसारित करता) है। इसलिए इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
• अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाता (अपसारित करता) है। इसलिए इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
3. फोकस दूरी:
• उत्तल लेंस की फोकस दूरी (+ve) धनात्मक होती है।
• अवतल लेंस की फोकस दूरी (-ve) ऋणात्मक होती है।
4. प्रतिबिंब (Image):
• उत्तल लेंस वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है।
• अवतल लेंस हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा प्रतिबिंब ही बनाता है।
1. बनावट:
• उत्तल लेंस बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है।
• अवतल लेंस बीच में पतला और किनारों पर मोटा होता है।
2. प्रकाश पर प्रभाव (प्रकृति):
• उत्तल लेंस प्रकाश किरणों को एक बिंदु पर सिकोड़ता (अभिसारित करता) है। इसलिए इसे अभिसारी लेंस कहते हैं।
• अवतल लेंस प्रकाश किरणों को फैलाता (अपसारित करता) है। इसलिए इसे अपसारी लेंस कहते हैं।
3. फोकस दूरी:
• उत्तल लेंस की फोकस दूरी (+ve) धनात्मक होती है।
• अवतल लेंस की फोकस दूरी (-ve) ऋणात्मक होती है।
4. प्रतिबिंब (Image):
• उत्तल लेंस वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बना सकता है।
• अवतल लेंस हमेशा आभासी, सीधा और वस्तु से छोटा प्रतिबिंब ही बनाता है।
Q3. प्रकाश का अपवर्तन क्या है? इसके नियमों को लिखें तथा कांच के आयताकार स्लैब से अपवर्तन को समझाएं।
विस्तृत उत्तर देखें
1. प्रकाश का अपवर्तन:
जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाती है, तो दोनों माध्यमों को अलग करने वाले तल पर वह अपने मूल पथ से विचलित हो जाती है। इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
2. अपवर्तन के नियम:
• आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
• स्नेल का नियम: sin i / sin r = μ (नियतांक)
3. कांच के आयताकार स्लैब से अपवर्तन:
जब प्रकाश हवा से कांच में जाता है तो अभिलंब की ओर झुकता है, और कांच से हवा में आते समय अभिलंब से दूर हटता है। निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है।
जब प्रकाश की किरण एक पारदर्शी माध्यम से दूसरे पारदर्शी माध्यम में जाती है, तो दोनों माध्यमों को अलग करने वाले तल पर वह अपने मूल पथ से विचलित हो जाती है। इसे प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।
2. अपवर्तन के नियम:
• आपतित किरण, अपवर्तित किरण और आपतन बिंदु पर अभिलंब, तीनों एक ही तल में होते हैं।
• स्नेल का नियम: sin i / sin r = μ (नियतांक)
3. कांच के आयताकार स्लैब से अपवर्तन:
जब प्रकाश हवा से कांच में जाता है तो अभिलंब की ओर झुकता है, और कांच से हवा में आते समय अभिलंब से दूर हटता है। निर्गत किरण आपतित किरण के समांतर होती है।
[ यहाँ कांच के आयताकार स्लैब से अपवर्तन का चित्र रहेगा ]
Q4. अवतल, उत्तल और समतल दर्पण के प्रमुख उपयोगों का सविस्तार वर्णन करें।
विस्तृत उत्तर देखें
1. अवतल दर्पण के उपयोग: हजामती दर्पण, गाड़ियों की हेडलाइट, सोलर कुकर और डॉक्टरों द्वारा नाक-कान की जांच में।
2. उत्तल दर्पण के उपयोग: वाहनों के साइड मिरर (पीछे देखने के आईने) और सड़कों पर लगे लैंप में।
3. समतल दर्पण के उपयोग: घरों में चेहरा देखने, पेरिस्कोप और कैलिडोस्कोप में।
2. उत्तल दर्पण के उपयोग: वाहनों के साइड मिरर (पीछे देखने के आईने) और सड़कों पर लगे लैंप में।
3. समतल दर्पण के उपयोग: घरों में चेहरा देखने, पेरिस्कोप और कैलिडोस्कोप में।
Q5. गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नई कार्तीय चिह्न परिपाटी के नियमों को लिखें।
विस्तृत उत्तर देखें
1. वस्तु को हमेशा दर्पण के बाईं ओर रखा जाता है।
2. सभी दूरियां ध्रुव (P) से मापी जाती हैं।
3. दाईं ओर (+X) की दूरियां धनात्मक (+ve) और बाईं ओर (-X) की दूरियां ऋणात्मक (-ve) होती हैं।
4. मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक (+ve) और नीचे की ऊँचाई ऋणात्मक (-ve) होती है।
2. सभी दूरियां ध्रुव (P) से मापी जाती हैं।
3. दाईं ओर (+X) की दूरियां धनात्मक (+ve) और बाईं ओर (-X) की दूरियां ऋणात्मक (-ve) होती हैं।
4. मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक (+ve) और नीचे की ऊँचाई ऋणात्मक (-ve) होती है।
[ यहाँ कार्तीय चिह्न परिपाटी का आरेख रहेगा ]
Q6. अवतल दर्पण द्वारा वस्तु के विभिन्न स्थानों पर रखे जाने पर बनने वाले प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति और आकार समझाएं।
विस्तृत उत्तर देखें
• वक्रता केंद्र (C) पर: प्रतिबिंब C पर ही बनता है, वास्तविक, उल्टा और वस्तु के बराबर आकार का होता है।
• ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है, आभासी, सीधा और बड़ा (आवर्धित) होता है।
• ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे बनता है, आभासी, सीधा और बड़ा (आवर्धित) होता है।
[ यहाँ अवतल दर्पण के किरण आरेख रहेंगे ]
Q7. उत्तल लेंस के लिए लेंस सूत्र (1/v - 1/u = 1/f) को सत्यापित करें।
विस्तृत उत्तर देखें
सत्यापन:
समरूप त्रिभुज ΔABO और ΔA'B'O से:
AB / A'B' = OB / OB' ... (1)
समरूप त्रिभुज ΔDOF2 और ΔA'B'F2 से (जहाँ OD = AB):
AB / A'B' = OF2 / B'F2 ... (2)
समीकरण (1) और (2) से:
OB / OB' = OF2 / B'F2
चिह्न परिपाटी रखने पर (OB = -u, OB' = +v, OF2 = +f, B'F2 = v - f):
-u / v = f / (v - f)
-u(v - f) = vf
-uv + uf = vf
दोनों ओर uvf से भाग देने पर:
1/v - 1/u = 1/f (प्रमाणित)
समरूप त्रिभुज ΔABO और ΔA'B'O से:
AB / A'B' = OB / OB' ... (1)
समरूप त्रिभुज ΔDOF2 और ΔA'B'F2 से (जहाँ OD = AB):
AB / A'B' = OF2 / B'F2 ... (2)
समीकरण (1) और (2) से:
OB / OB' = OF2 / B'F2
चिह्न परिपाटी रखने पर (OB = -u, OB' = +v, OF2 = +f, B'F2 = v - f):
-u / v = f / (v - f)
-u(v - f) = vf
-uv + uf = vf
दोनों ओर uvf से भाग देने पर:
1/v - 1/u = 1/f (प्रमाणित)
[ यहाँ लेंस सूत्र सत्यापन का किरण आरेख रहेगा ]
