कक्षा 10 भौतिकी: सम्पूर्ण आंकिक प्रश्न (Numericals)
भारती भवन एवं NCERT पर आधारित (आसान हल सहित)
अध्याय 1: प्रकाश (दर्पण, अपवर्तनांक एवं लेंस)
Q1. एक उत्तल दर्पण की वक्रता त्रिज्या 32 cm है। इसकी फोकस दूरी ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• वक्रता त्रिज्या (R) = +32 cm (उत्तल दर्पण के लिए धनात्मक)
• फोकस दूरी (f) = ?
2. सूत्र: f = R / 2
3. मान रखने पर:
f = 322 = +16 cm
उत्तर: उत्तल दर्पण की फोकस दूरी = +16 cm
Q2. एक अवतल दर्पण के सामने 10 cm की दूरी पर रखी वस्तु का तीन गुना आवर्धित वास्तविक प्रतिबिंब बनता है। प्रतिबिंब दर्पण से कितनी दूरी पर बनता है?
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1. दिया गया है:
• वस्तु की दूरी (u) = -10 cm
• आवर्धन (m) = -3 (वास्तविक प्रतिबिंब के लिए ऋणात्मक)
2. दर्पण के आवर्धन सूत्र से: m = - (v / u)
3. मान रखने पर:
-3 = - v-10
-3 = v10
v = -3 × 10 = -30 cm
उत्तर: प्रतिबिंब दर्पण के सामने 30 cm की दूरी पर बनता है।
Q3. 15 cm फोकस दूरी के एक अवतल दर्पण के सामने 10 cm की दूरी पर एक वस्तु रखी गई है। प्रतिबिंब की स्थिति, प्रकृति तथा आवर्धन ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• फोकस दूरी (f) = -15 cm
• वस्तु दूरी (u) = -10 cm
2. दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
1v = 1f - 1u
3. मान रखने पर:
1v = 1-15 - 1-10 = - 115 + 110
1v = -2 + 330 = 130
v = +30 cm
4. आवर्धन (m): m = - (v / u) = - 30-10 = +3
उत्तर: प्रतिबिंब दर्पण के पीछे 30 cm पर आभासी, सीधा और 3 गुना बड़ा बनेगा।
Q4. प्रकाश वायु से 1.50 अपवर्तनांक की कांच की प्लेट में प्रवेश करता है। कांच में प्रकाश की चाल कितनी होगी? (निर्वात में प्रकाश की चाल = 3 × 10⁸ m/s)
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• कांच का अपवर्तनांक (n) = 1.50
• निर्वात में प्रकाश की चाल (c) = 3 × 10⁸ m/s
2. सूत्र: n = c / v ⇒ v = c / n
3. मान रखने पर:
v = 3 × 10⁸1.50 = 2 × 10⁸ m/s
उत्तर: कांच में प्रकाश की चाल = 2 × 10⁸ m/s
Q5. 2 m फोकस दूरी वाले किसी अवतल लेंस की क्षमता (Power of lens) ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• अवतल लेंस की फोकस दूरी (f) = -2 m
2. लेंस की क्षमता सूत्र: P = 1 / f (मीटर में)
3. मान रखने पर:
P = 1-2 = -0.5 D (डायोप्टर)
उत्तर: लेंस की क्षमता = -0.5 D
Q6. कोई डॉक्टर +1.5 D क्षमता का संशोधक लेंस निर्धारित करता है। लेंस की फोकस दूरी ज्ञात करें तथा बताएं कि लेंस अभिसारी है या अपसारी?
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1. दिया गया है:
• लेंस की क्षमता (P) = +1.5 D
2. सूत्र: f = 1 / P
3. मान रखने पर:
f = 11.5 = 1015 = 23 m
सेंटीमीटर में: f = 23 × 100 = +66.67 cm
उत्तर: फोकस दूरी = +66.67 cm (उत्तल लेंस / अभिसारी लेंस)
अध्याय 2: मानव नेत्र तथा दृष्टि दोष (लेंस संशोधन)
Q. (Ch-2) एक निकट दृष्टि दोष (Myopia) से पीड़ित व्यक्ति अधिकतम 80 cm की दूरी तक ही साफ देख सकता है। अनंत पर स्थित वस्तु को स्पष्ट देखने के लिए किस क्षमता और प्रकृति के लेंस की आवश्यकता होगी?
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1. दिया गया है:
• वस्तु दूरी (u) = -∞ (अनंत)
• प्रतिबिंब दूरी (v) = -80 cm = -0.8 m
2. लेंस सूत्र से: 1/v - 1/u = 1/f
1-80 - 1-∞ = 1f
1f = - 180 + 0 ⇒ f = -80 cm = -0.8 m
3. लेंस की क्षमता (P = 1 / f):
P = 1-0.8 = - 108 = -1.25 D
उत्तर: प्रयुक्त लेंस: अवतल लेंस, क्षमता = -1.25 D
Q. (Ch-2) एक दीर्घ दृष्टि दोष (Hypermetropia) युक्त नेत्र का निकट बिंदु 1 m (100 cm) है। 25 cm पर रखी पुस्तक को स्पष्ट पढ़ने के लिए आवश्यक संशोधक लेंस की क्षमता क्या होगी?
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1. दिया गया है:
• वस्तु दूरी (u) = -25 cm
• प्रतिबिंब दूरी (v) = -100 cm
2. लेंस सूत्र से: 1/v - 1/u = 1/f
1f = 1-100 - 1-25 = - 1100 + 125
1f = -1 + 4100 = 3100
f = + 1003 cm = + 13 m
3. लेंस की क्षमता (P = 1 / f):
P = 11/3 = +3.0 D
उत्तर: प्रयुक्त लेंस: उत्तल लेंस, क्षमता = +3.0 D
Q. (Ch-2) एक व्यक्ति को दूर की दृष्टि ठीक करने के लिए -4.5 D का लेंस और पास की दृष्टि ठीक करने के लिए +1.5 D का लेंस प्रयुक्त होता है। दोनों स्थितियों में प्रयुक्त लेंसों की फोकस दूरी क्या होगी?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दूर की दृष्टि के लिए (अवतल लेंस):
• P₁ = -4.5 D
• f₁ = 1-4.5 m = - 1045 m = - 29 m
सेंटीमीटर में: f₁ = - 2009 cm = -22.2 cm
2. पास की दृष्टि के लिए (उत्तल लेंस):
• P₂ = +1.5 D
• f₂ = 11.5 m = 1015 m = 23 m
सेंटीमीटर में: f₂ = 2003 cm = +66.67 cm
उत्तर: दूर दृष्टि: f = -22.2 cm | निकट दृष्टि: f = +66.67 cm
Q. (Ch-2) एक प्रिज्म का अपवर्तक कोण (Prism Angle, A) 60° है तथा अल्पतम विचलन कोण (δₘ) 30° है। प्रिज्म पर आपतित किरण का आपतन कोण (i) ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• प्रिज्म कोण (A) = 60°
• अल्पतम विचलन कोण (δₘ) = 30°
2. सूत्र: i = (A + δₘ) / 2
3. मान रखने पर:
i = 60° + 30°2 = 90°2 = 45°
उत्तर: आपतन कोण (i) = 45°
अध्याय 3: विद्युत (आवेश, ओम का नियम, प्रतिरोध एवं शक्ति)
Q7. किसी विद्युत बल्ब के तंतु में से 0.5 A विद्युत धारा 10 मिनट तक प्रवाहित होती है। विद्युत परिपथ से प्रवाहित विद्युत आवेश (Q) का परिमाण ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है:
• विद्युत धारा (I) = 0.5 A
• समय (t) = 10 मिनट = 10 × 60 = 600 सेकंड
2. सूत्र: Q = I × t
3. मान रखने पर:
Q = 0.5 × 600 = 300 C
उत्तर: प्रवाहित कुल आवेश = 300 कूलॉम (C)
Q8. 12 V विभवांतर के दो बिंदुओं के बीच 2 C आवेश को ले जाने में कितना कार्य (Work) किया जाता है?
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1. दिया गया है:
• विभवांतर (V) = 12 V
• आवेश (Q) = 2 C
2. सूत्र: V = W / Q ⇒ W = V × Q
3. मान रखने पर:
W = 12 × 2 = 24 J
उत्तर: किया गया कार्य = 24 जूल (J)
Q9. यदि किसी विद्युत बल्ब के तंतु का प्रतिरोध 1200 Ω है, तो यह बल्ब 220 V स्रोत से कितनी विद्युत धारा लेगा?
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1. दिया गया है:
• विभवांतर (V) = 220 V
• प्रतिरोध (R) = 1200 Ω
2. ओम के नियम से: I = V / R
3. मान रखने पर:
I = 2201200 = 1160 = 0.18 A
उत्तर: बल्ब द्वारा ली गई धारा = 0.18 A
Q10. जब कोई विद्युत हीटर 220 V के स्रोत से 4 A धारा लेता है, तब उसका प्रतिरोध कितना होगा? यदि विभवांतर को 110 V कर दिया जाए, तो हीटर कितनी धारा लेगा?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. पहली स्थिति में:
• V₁ = 220 V, I₁ = 4 A
हीटर का प्रतिरोध (R) = 2204 = 55 Ω
2. दूसरी स्थिति में (110 V पर):
नई धारा (I₂) = V₂R = 11055 = 2 A
उत्तर: प्रतिरोध = 55 Ω तथा 110 V पर धारा = 2 A
Q11. 2 Ω, 3 Ω तथा 6 Ω के तीन प्रतिरोधकों को किस प्रकार संयोजित करेंगे कि संयोजन का कुल प्रतिरोध (a) 4 Ω और (b) 1 Ω हो?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
(a) 4 Ω के लिए: 3 Ω और 6 Ω को समांतरक्रम में, फिर 2 Ω को श्रेणीक्रम में जोड़ेंगे।
समांतर भाग: 1Rₚ = 13 + 16 = 36 = 12 ⇒ Rₚ = 2 Ω
कुल प्रतिरोध: R = 2 Ω + 2 Ω = 4 Ω
(b) 1 Ω के लिए: तीनों को समांतरक्रम में जोड़ेंगे।
1Rₚ = 12 + 13 + 16 = 66 = 1 ⇒ Rₚ = 1 Ω
Q12. किसी 4 Ω प्रतिरोधक से प्रति सेकंड 100 J ऊष्मा उत्पन्न हो रही है। प्रतिरोधक के सिरों पर विभवांतर ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है: H = 100 J, R = 4 Ω, t = 1 s
2. सूत्र (H = I² × R × t):
100 = I² × 4 × 1 ⇒ I² = 25 ⇒ I = 5 A
3. विभवांतर (V = I × R):
V = 5 × 4 = 20 V
उत्तर: विभवांतर = 20 V
Q13. 400 W का एक रेफ्रिजरेटर 8 घंटे/दिन चलाया जाता है। 3.00 रुपये प्रति kWh की दर से 30 दिन में कुल ऊर्जा का मूल्य क्या होगा?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. 30 दिन में कुल उपभुक्त ऊर्जा (kWh):
E = 400 × 8 × 301000 = 960001000 = 96 यूनिट (kWh)
2. कुल बिल: 96 × 3.00 = 288 रुपये
उत्तर: कुल विद्युत मूल्य = ₹288
अध्याय 4: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव (चुंबकीय बल एवं प्रेरण)
Q. (Ch-4) 0.5 m लंबा एक सीधा चालक 2 T के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत रखा है। यदि चालक में 4 A विद्युत धारा प्रवाहित हो, तो चुंबकीय बल (F) ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है: l = 0.5 m, B = 2 T, I = 4 A, θ = 90° (sin 90° = 1)
2. सूत्र: F = I × l × B × sin θ
F = 4 × 0.5 × 2 × 1 = 4 N
उत्तर: चालक पर लगने वाला चुंबकीय बल = 4 N
Q. (Ch-4) एक 1.5 m लंबे तार में 5 A की धारा प्रवाहित हो रही है। यह तार 0.4 T के एकसमान चुंबकीय क्षेत्र के समांतर रखा गया है। तार पर लगने वाले बल की गणना करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. दिया गया है: l = 1.5 m, I = 5 A, B = 0.4 T, θ = 0° (sin 0° = 0)
2. सूत्र: F = I × l × B × sin 0° = 0 N
उत्तर: तार पर कोई बल नहीं लगेगा (F = 0 N)।
Q. (Ch-4) एक प्रोटॉन (q = 1.6 × 10⁻¹⁹ C) 2 × 10⁷ m/s के वेग से 0.5 T के चुंबकीय क्षेत्र में लंबवत प्रवेश करता है। प्रोटॉन पर आरोपित चुंबकीय बल की गणना करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. सूत्र: F = q × v × B × sin 90°
F = (1.6 × 10⁻¹⁹) × (2 × 10⁷) × 0.5 × 1 = 1.6 × 10⁻¹² N
उत्तर: प्रोटॉन पर आरोपित बल = 1.6 × 10⁻¹² N
Q. (Ch-4) एक ट्रांसफार्मर की प्राथमिक कुंडली में 500 फेरे तथा द्वितीयक कुंडली में 2500 फेरे हैं। यदि प्राथमिक कुंडली को 220 V AC से जोड़ा जाए, तो द्वितीयक वोल्टेज ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. सूत्र: Vₛ / Vₚ = Nₛ / Nₚ
Vₛ220 = 2500500 = 5
Vₛ = 5 × 220 = 1100 V
उत्तर: द्वितीयक वोल्टेज = 1100 V
अध्याय 5: ऊर्जा के स्रोत (सौर ऊर्जा, क्षमता एवं दक्षता)
Q. (Ch-5) सौर स्थिरांक का मान 1.4 kW/m² है। 2 m² क्षेत्रफल वाले सौर पैनल पर प्रति सेकंड कितनी सौर ऊर्जा आपतित होगी?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. सूत्र: E = S × A × t
E = 1400 W/m² × 2 m² × 1 s = 2800 J
उत्तर: प्रति सेकंड आपतित कुल ऊर्जा = 2800 J (2.8 kJ)
Q. (Ch-5) एक प्रारूपिक सौर सेल 0.5 V पर 0.7 W शक्ति देता है। ऐसे 20 सौर सेलों को श्रेणीक्रम में जोड़ने पर कुल वोल्टेज और कुल शक्ति क्या होगी?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
कुल वोल्टेज = 20 × 0.5 V = 10 V
कुल शक्ति = 20 × 0.7 W = 14 W
उत्तर: कुल विभवांतर = 10 V तथा कुल शक्ति = 14 W
Q. (Ch-5) नाभिकीय विखंडन में 1 mg द्रव्यमान की क्षति होने पर मुक्त ऊर्जा की गणना करें। (c = 3 × 10⁸ m/s)
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. सूत्र (E = m × c²):
m = 1 mg = 10⁻⁶ kg
E = 10⁻⁶ × (3 × 10⁸)² = 9 × 10¹⁰ J
उत्तर: मुक्त ऊर्जा = 9 × 10¹⁰ जूल
Q. (Ch-5) प्रति सेकंड 1000 kg जल 50 m की ऊँचाई से गिरता है। (g = 10 m/s²) उत्पन्न होने वाली अधिकतम शक्ति ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
स्थितिज ऊर्जा (E) = m × g × h = 1000 × 10 × 50 = 5,00,000 J
शक्ति (P) = 5,00,000 J1 s = 500 kW
उत्तर: उत्पन्न अधिकतम शक्ति = 500 kW (0.5 MW)
अध्याय 6: हमारा पर्यावरण (ऊर्जा प्रवाह एवं 10% नियम)
Q. (Ch-6) यदि उत्पादक (घास) के पास 20,000 J ऊर्जा है, तो आहार श्रृंखला (घास → हिरण → शेर) के अनुसार शेर को कितनी ऊर्जा मिलेगी?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
1. उत्पादक (घास) = 20,000 J
2. प्राथमिक उपभोक्ता (हिरण) = 20,000 का 10% = 2,000 J
3. द्वितीयक उपभोक्ता (शेर) = 2,000 का 10% = 200 J
उत्तर: शेर को प्राप्त ऊर्जा = 200 जूल (J)
Q. (Ch-6) हरे पौधों पर 10,00,000 J सौर ऊर्जा आपतित होती है। पौधे कितनी खाद्य ऊर्जा रूपांतरित करेंगे?
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
पौधे केवल 1% सौर ऊर्जा का संचय करते हैं:
खाद्य ऊर्जा = 10,00,000 का 1% = 10,00,000 × 1100 = 10,000 J
उत्तर: पौधों द्वारा संचित ऊर्जा = 10,00,000 J का 1% = 10,000 J
Q. (Ch-6) 100 m² क्षेत्रफल वाली छत पर 5 cm वर्षा होती है। छत से एकत्र होने वाले जल का आयतन (लीटर में) ज्ञात करें।
स्टेप-बाय-स्टेप हल देखें
ऊँचाई (h) = 5 cm = 0.05 m
आयतन (V) = A × h = 100 × 0.05 = 5 m³
लीटर में: 5 × 1000 = 5000 लीटर
उत्तर: एकत्र कुल वर्षा जल = 5000 लीटर
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